नगरपालिका चुनाव को लेकर हलचल हुई तेज : दादरी में मुस्लिम समाज द्वारा सर्वसम्मति से उम्मीदवार तय करने का प्रयास हुआ असफल, जल्द होगी दूसरी बैठक
There was a stir in the municipal elections: the attempt by the Muslim society to decide the candidate unanimously in Dadri failed, soon the second meeting will be held
Panchayat 24 : जिले में नगर निकाय चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है। दादरी में बीते रविवार शाम को नगरपालिका चुनाव को लेकर मुस्लिम समाज की ओर से एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य समाज की ओर से नगरपालिका चैयरमेन पद के लिए सर्वसम्मति से एक उम्मीदवार का नाम तय करना था। यह बैठक लगभग दो घंटों तक चली। लेकिन बठैक में कोई आम सहमति नहींं बन सकी। अन्त में निर्णय लिया गया कि आगामी 15 जुलाई को फिर से समाज के लोग फिर से एकत्रित होकर फिर से सर्वसम्मति से एक नाम पर आम सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में गठित नगरनिकायों का कार्यकाल इस साल पूरा हो रहा है। संभवत: प्रदेश में नगर निकाय चुनाव आगामी नवम्बर महीने में हो सकते हैं। दादरी जिले की एकमात्र नगरपालिका है। यह जिले की तीन विधानसभाओं में से अहम विधानसभा सीट भी है। ऐसे में दादरी नगर की राजनीति जिले की राजनीति का केन्द्र रहती है। यही कारण है नगरपालिका चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। रविवार को शहर की नूर ए नबी मस्जिद के पास मुस्लिम समाज ने एक बैठक का आयोजन कर समाज के बीच आम सहमति बनाकर किसी एक व्यक्ति को समाज की ओर से नगरपालिका चैयरमेन का उम्मीदवार घोषित करने का प्रयास किया गया। घंटो चली इस बैठक में काफी माथापच्ची हुई। बैठक में कई लोगों का नाम नगरपालिका चैयरमेन पद के लिए सामने आया।
जिन नामों पर सबसे अधिक चर्चा हुई उनमें अय्यूब मलिक, शाहिद मेवाती, अनीस अहमद बिसाहडिया और आजाद मलिक के नाम शामिल हैं। अय्यूब मलिक बसपा, आजाद मलिक एआईएमआईएम और अनीस अहमद समाजवादी पार्टी से जुडे हुए हैं। अय्युब मलिक और आजाद मलिक पूर्व में भी नगरपालिका अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुके हैं। लेकिन किसी भी नाम पर सर्वसम्मति नहीं बन सकी। अन्त में बैठक में तय किय गया कि इस मुद्दे पर जल्द ही दोबारा चर्चा होगी। इसके लिए 15 जुलाई की तारीख तय की गई।
मुस्लिम समाज दो बार कर चुका है दादरी नगरपालिका का प्रतिनिधित्व
दादरी नगर में निकाय चुनावों में इस बार लगभग 95 हजार से एक लाख मतदाता शामिल होंगे। निकाय चुनावों में जातीय आंकड़ों की अनदेखी नहीं की जा सकती। ऐसे में नगर में मुस्लिम समाज की दावेदारी बहुत मजबूत हैं। नगर में सबसे अधिक लगभग 25 हजार मतदाता हैं। वहीं मुस्लिम समाज की ओर से दो बार नगरपालिका अध्यक्ष का चुनाव जीतकर नगरपालिका का प्रतिनिधित्व किया जा चुका है। मुस्लिम समाज की ओर से साल 1997 से 2002 और 2002 से 2007 तक खलिक उर्र रहमान सूफी लगातार दो बार नगरपालिका का चुनाव जीत चुके हैं। वर्तमान में गीता पंडित लगातार दो बार से नगरपालिका अध्यक्ष के पद पर बनी हुई है।