स्पेशल स्टोरी

गौतम बुद्ध नगर भाजपा जिलाध्यक्ष चुनाव : पैनल में पूर्व जिलाध्यक्ष का नाम शामिल होना किसी बदलाव का संकेत है ?

Gautam Buddha Nagar BJP District President Election: Is the inclusion of the name of the former District President in the panel a sign of any change?

Panchayat 24 : उत्तर प्रदेश में भाजपा के संगठन चुनाव चल रहे हैं। गौतम बुद्ध नगर जिलाध्यक्ष के लिए लगभग 30 लोगों ने पर्चा भरा है। हालांकि यह सब कार्यकर्ता का दिल रखने वाली बात ही है। जिलाध्यक्ष के नाम की अधिकारिक घोषणा से पूर्व प्रत्येक दावेदार पल पल के हालातों पर पैनी नजर रख रहें हैं और बाजी जीतने के लिए अपना हर दाँव पेच आजमा रहे हैं। जिले से पार्टी के प्रदेश संगठन को भेजे गए चार नामों के पैनल में पूर्व जिलाध्यक्ष विजय भाटी का नाम शामिल किए जाने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। इसके बाद कई सवाल भी उठ हैं हैं। क्या पैनल में पूर्व जिलाध्यक्ष विजय भाटी का नाम होना किसी बदलाव का संकेत है ? पूर्व जिलाध्यक्ष विजय भाटी का नाम पैनल में शामिल होने से जिलाध्यक्ष पद के दावेदारों पर कोई असर पड़ेगा ? क्या पूर्व जिलाध्यक्ष का नाम पैनल में शामिल होने से जिलाध्यक्ष के नाम की अधिकारिक घोषणा से पूर्व गजेंद्र मावी गुट की बेचैनी बढ़ गई है ? हालांकि इन सवालों के जवाब अभी भविष्‍य के गर्भ में ही हैं।

सूत्रों की माने तो गौतम बुद्ध नगर भाजपा जिलाध्यक्ष पद के दावेदारों के नामों पर विचार करने के लिए एक चौदह सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। समिति में लोकसभा सांसद डॉ महेश शर्मा, राजयसभा सांसद सुरेंद्र नगर, दादरी विधायक तेजपाल सिंह नागर, जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह, एमएलसी श्रीचंद शर्मा, एमएलसी नरेंद्र भाटी, जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी, पश्चिम क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेन्द्र सिसौदिया, हरीश ठाकुर, आशीष वत्स, सतेन्द्र अवना और अरुण यादव का नाम शामिल था। समिति ने गजेंद्र मावी, अभिषेक शर्मा और योगेश चौधरी के नाम को पैनल में शामिल किए जाने पर अपनी सहमति दी। नई शर्तों और नियम के अनुसार संगठन की ओर से पूर्व जिलाध्यक्ष के नाम को भी पैनल में शामिल करने को अनिवार्य बना दिया गया है। अतः विजय भाटी का नाम भी चौथे सदस्य के रूप में पैनल में शामिल किया गया है। इससे जिला संगठन में असहजता का माहौल है।

पार्टी सूत्रों की माने तो पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ऐसी जाति के व्यक्ति को जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेवारी नहीं देना चाहता है जिस जाति का व्यक्ति लगातार दो बार अध्यक्ष रह चुका है। ऐसे में जिन जिलों में पूर्व जिलाध्यक्ष और वर्तमान जिलाध्यक्ष एक ही जाति के हैं, वहाँ पार्टी नेतृत्व दूसरी किसी जाति के व्यक्ति को जिलाध्‍यक्षा पद पर मौका दे सकता है। यदि ऐसा हुआ तो गौतम बुद्ध नगर भाजपा जिलाध्यक्ष पद पर बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कार्यकाल पुरा नहीं होने के कारण गजेंद्र मावी को भी पार्टी मौका दे सकती है। वहीं जिलाध्‍यक्ष पद के लिए आयु सीमा को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग जिलाध्‍यक्ष पद के लिए 45 वर्ष की आयु सीमा की अनिवार्यता की बात कह रहे हैं। वहीं, पार्टी के ही कुछ लोग ऐसी किसी बाध्‍यता की बात से इंकार कर रहे हैं। ऐसे लोग लखनऊ में बीती 4 जनवरी को राष्‍ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष की उपस्थिति में हुई बैठक में रखे गए उत्‍तर प्रदेश चुनाव प्रभारी महेन्‍द्र नाथ पाण्‍डे के पत्र का हवाला दे रहे हैं। पत्र में जिलाध्‍यक्ष पद के लिए अधिकतम आयु 60 वर्ष होने की बात कही गई है। न्‍यूनतम आयु का कोई जिक्र नहीं है। फिलहाल जिलाध्‍यक्ष पर पर  जब तक पार्टी जिलाध्यक्ष के नाम की अधिकारिक घोषणा न करती, गजेंद्र मावी के लिए ताज़ बचाने की बड़ी चुनौती है।

Related Articles

Back to top button