फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच डाली करोड़ों की कस्टोडियन जमीन, एक गिरफ्तार
Crores of custodian land sold by preparing fake documents, one arrested
Panchayat 24 : कलौंदा गंव में फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ो रूपयों की कस्टोडियन जमीन को बेचने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने फर्जी दस्तावेज बनाकर इस सम्पत्ति का मालिक बन गया और बाद में इसे बेच दिया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। मामला जारचा कोतवाली क्षेत्र का है। मामला जारचा कोतवाली क्षेत्र का है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, मूलरूप से कलौंदा गांव निवासी अशोक कुमार के दाद जी देश के बटवारे के समय पाकिस्तान से भारत आए थे। इसी तरह जारचा से भी बड़ी संख्या में लोग पाकिस्तान गए थे। सरकार ने अशोक कुमार के दादा जी को जारचा में लगभग 15 बीघा कस्टोडियन सम्पत्ति का मालिकाना हक दिया था। इसके बाद यह परिवार हापुड़ जाकर बस गया। लेकिन उनकी गांव की सम्पत्ति पर कुछ माफियाओं की निगाहें टिक गई। गांव के ही साबिर अली पुत्र वाहीद ने फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर इस सम्पत्ति को जिला बुलन्दशहर के चांदपुर गांव निवासी भूपेन्द्र सिंह सहित 16 लोगों को बेच दिया। जब इसकी जानकारी अशोक कुमार तथा उनके परिवार के लोगों को हुई तो उन्होंने पुलिस में मामले की लिखित शिकयत की। पुलिस ने मामले की जांच की। विवेचना में पता चला कि साबिर तथा भूपेन्द्र आदि ने मिलकर इस सम्पत्ति को फर्जी दस्तावेज बनाकर घटना को अंजाम दिया था।
क्या होती है कस्टोडियन सम्पत्ति ?
दरअसल, देश के बटवारे के समय जो लोग देश छोड़कर पाकिस्तान चले गए अथवा किसी अन्य देश में जाकर बस गए। उनके पीछे जो उनकी सम्पत्ति रह गई। वर्तमान में उसका कोई वारिस भी नहीं हे। ऐसी सम्पत्ति को कस्टोडियन सम्पत्ति कहा जाता है। बता दें कि गौतम बुद्ध नगर में जारचा तथा आसपास के गांवों में बड़ी मात्रा में कस्टोडियन सम्पत्ति मौजूद हैं। वहीं ग्रेटर नोएडा वेस्ट में भी कस्टोडियन सम्पत्ति को लेकर काफी विवाद हैं। बता दें कि यह जमीन माफियाओं के निशाने पर रहती है।