नोएडा जोन

सावधान : कहीं आपको भी तो कोई पर्सनल लोन दिलाने का आश्वासन नहीं दे रहा है ? नोएडा पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

Caution: Is someone promising you a personal loan? Two suspects have been arrested.

Panchayat 24 (नोएडा) : कहीं आपको भी तो कोई पर्सनल लोन दिलाने का आश्वाशन तो नहीं दे रहा है। यदि ऐसा है तो पहले आश्वासन की सत्यता की जाँच अवश्य कर ले। दरसल्, पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर फर्जी सैंक्शन लेटर भेजकर लोगों से ठगी करने वाले एक शातिर साइबर गिरोह का साइबर क्राइम कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया तो। आरोपी प्रोसेसिंग फीस के नाम पर लोगों से रुपये ऐंठते थे। आरोपियों से तीन मोबाइल एवं सिम कार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरु कर दी है।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल साइबर क्राइम कोतवाली पुलिस ने एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बीती रात कार्रवाई करते हुए हिमांशु दूबे तथा हिमांशु को उनके निवास स्थान क्रमशः खोड़ा कॉलोनी (गाजियाबाद), और न्यू अशोक नगर (दिल्ली) से गिरफ्तार किया है। हिमांशु दुबे उत्तर प्रदेश के गोंडा एवं दूसरा आरोपी हिमांशु मेरठ का रहने वाला है।

पुलिस जांच में पता चला है कि दोनों अरिपी पहले नोएडा के सेक्टर-2 स्थित एक निजी कंपनी में साथ काम करते थे। यहीं से इन्होंने लोन से संबंधित लोगों का डाटा चोरी कर उसका दुरुपयोग करना शुरू किया। गिरोह के सदस्य जरूरतमंद लोगों को फोन कर पर्सनल लोन दिलाने का लालच देते थे। लोन स्वीकृत होने का दावा करते हुए फर्जी सैंक्शन लेटर व्हाट्सएप के माध्यम से भेज देते थे।

इसके बाद आरोपी प्रोसेसिंग फीस या अन्य चार्ज के नाम पर पीड़ितों से रकम वसूलकर् फर्जी दस्तावेज डिलीट कर देते थे और ठगी से प्राप्त रकम आपस में बांट लेते थे। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी हिमांशु दूबे ने ठगी की कमाई से हाल ही में एक महंगा गूगल पिक्सल मोबाइल फोन खरीदा था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।

गौतम बुद्ध नगर साइबर क्राइम पुलिस की जनता से अपील

साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई अज्ञात व्यक्ति पर्सनल लोन के नाम पर प्रोसेसिंग फीस या सैंक्शन फीस की मांग करता है तो सतर्क हो जाएं। व्हाट्सएप या कॉल पर भेजे गए किसी भी सैंक्शन लेटर पर विश्वास न करें और संबंधित बैंक या कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी की पुष्टि जरूर करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

 

 

 

 

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