सुखपाल हत्याकांड़ : एसीपी ग्रेटर नोएडा तृतीय और कासना कोतवाली प्रभारी पर गिरी गाज, हटाए गए
Sukhpal murder case: ACP Greater Noida III and Kasna police station in-charge were punished, removed

Panchayat 24 : ग्रेटर नोएडा जोन में दो दिन पूर्व हुए सुखपाल हत्याकांड़ में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने एसीपी ग्रेटर नोएडा तृतीय सुशील कुमार गंगा प्रसाद और कासना कोतवाली प्रभारी देवेन्द्र शंकर पाण्डे को हटा दिया है। इस मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई थी। दरअसल, सुखपाल हत्याकांड़ के बाद जहां मीडिया में इस खबर को प्रमुखता से उठाया है। वहीं, मामले में विपक्षी दल सरकार को घेरने के लिए इस मुद्दे को उठा रहे हैं। ऐसे में पुलिस कमिश्नर ने संबंधित एसीपी और कोतवाली प्रभारी को हटाकर पीडित पक्ष और समाज को एक संदेश देने का प्रयास किया है कि हत्यारोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पीडित पक्ष के साथ न्याय होगा। वहीं पुलिस ने पीडिता पक्ष की तहरीर पर पहले ही आठ ज्ञात और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए चार टीमों का गठन किया है। चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ भी की है।बता दें कि इस प्रकरण में जिम्स चौकी प्रभारी को पहले ही हटाया जा चुका है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, दादरी कोतवाली क्षेत्र के घोड़ी बछैडा गांव के करीब स्थित काशीराम आवास में सुखपाल (35) अपने एक परिचित से मिलने के लिए जा रहे थे। रास्ते में नारायण गोलचक्कर के पास अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी। सुखपाल लहुलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पीडित परिवार ने पुलिस पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हत्याकांड के लिए दोषी ठहराया था। पीडित परिवार ने कहा था कि उनके परिवार के लोगों पर पूर्व में भी हमले एवं मारपीट होती रही है। पुलिस से मामले में शिकायत की गई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीडित परिवार का कहना है कि यदि समय रहते हुए कार्रवाई की जाती तो सुखपाल की जान बच जाती।
16 दिसंबर को हुई घटना को पुलिस ने किया था अनदेखा
मृतक के भाई सुखपाल ने बताया था कि सुखपाल पर बीते 16 दिसंबर को जान लेवा हमला हुआ था। सुखपाल शाम लगभग 7 बजे सब्जी लेने घरभरा रोड़ स्थित मार्केट में गया था। वहां बाइक सवार तीन अज्ञात युवक आए थे। एक युवक बाइक पर बैठा रहा जबकि दो युवक उसकी ओर लपके। एक युवक ने उसके ऊपर फायर कर दिया था। गोली सुखपाल के सिर को छूते हुए निकली थी। हमले में सुखपाल की जान बाल बाल बच गई थी। इसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। मामले की शिकायत पीडित पक्ष ने कासना कोतवाली में की थी। पीडित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। इससे हमलावरों के हौसले बुलंद हो गए। बाद में उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर मामले की शिकायत की थी। जांच फिर कासना कोतवाली के उपनिरीक्ष को सौंपी गई। मृतक के भाई ने बताया कि पुलिस ने हमारे परिवार का उत्पीडन करने वाले लोगों से ही गवाही कराकर हमे झूठा साबित कर दिया और रिपोर्ट तैयार कर दी। पुलिस ने हमे धमकाते हुए कहा कि कोई गोली नहीं चली है। आप लोग झूठ बोल रहे हो। इसके बाद हमारे परिवार को लगातार धमकी मिल रही थी।
जेवर विधायक ने पीडित पक्ष को दिया आश्वासन कहा- आपके साथ न्याय होगा
सुखपाल हत्याकांड में धीरे धीरे राजनीति भी शुरू हो गई है। सुखपाल बहुजन समाज पार्टी से जुड़ा हुआ था। एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ता की हत्या को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी हत्याकांड के सहारे विरोधी दल सरकार की घेराबंदी कर रहे हैं।
इस बीच भाजपा के स्थानीय विधायक ठाकुर धीरेन्द्र सिंह ने पीडित परिवार से शुक्रवार को मुलाकात की है। उन्होंने पीडित परिजनों को आश्वस्त किया कि हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से भी बात की। पीडित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने का भी आश्वाशन दिया। उन्होंने कहा कि मैं और मेरी सरकार पूरी तरह से मृतक सुखपाल के साथ खड़े हैं। उन्हें न्याय दिलाया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा एसीपी द्वितीय को सौंपी गई ग्रेटर नोएडा एसीपी तृतीय
पुलिस कमिश्नर में सुखपाल हत्याकांड में संबंधित एसीपी ग्रेटर नोएडा तृतीय सुशील कुमार गंगा प्रसाद के स्थान पर एसीपी ग्रेटर नोएडा द्वितीय सार्थक सेंगर को एसीपी ग्रेटर नोएडा तृतीय बनाया है। वहीं एसीपी सेंट्रल नोएडा द्वितीय आरसी पाण्डे को एसीपी ग्रेटर नोएडा द्वितीय बनाया गया है।