नोएडा प्राधिकरणसेंट्रल नोएडा जोन

सेक्टर-150 की घटना : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया बड़ा फैसला, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ, लोकेश एम हटाई गए, मामले की जाँच के लिए एसआईटी गठित

Sector-150 incident: Chief Minister Yogi Adityanath takes major decision, Noida Authority CEO Lokesh M removed, SIT constituted to investigate the matter.

Panchayat 24 (नोएडा) : सेक्टर-150 में निर्माणाधीन परिसर के बेसमेंट में भरे पानी में कार गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले ने शासन स्तर पर गंभीर हलचल पैदा कर दी है। इस घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। जांच के लिए मेरठ जोन के एडीजी की अगुवाई में तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है, जिसमें मेरठ मंडलायुक्त और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को भी शामिल किया गया है। यह टीम पांच दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल के अनुसार गठित जांच समिति शीघ्र ही मौके का निरीक्षण करेगी और वास्तविक स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ पद से हटाया गया, प्रतीक्षा सूची में रखे गए

इस घटनाक्रम के बाद शासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. लोकेश एम को पद से हटा दिया है। उन्हें प्रतीक्षारत श्रेणी में रखा गया है। इससे पहले प्राधिकरण स्तर पर भी कदम उठाए गए थे, जहां नोएडा ट्रैफिक सेल के अवर अभियंता नवीन कुमार को हटा दिया गया था।

संबंधित विभागों से मांगी गई है रिपोर्ट

नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल ने इस मामले में महाप्रबंधक (सिविल) एके अरोड़ा से त्वरित जांच रिपोर्ट तलब की है। जांच के दायरे में सिविल, ट्रैफिक सेल और नियोजन विभाग से जुड़े सभी पहलुओं को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच रिपोर्ट तैयार करते समय सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों का विशेष ध्यान रखा जाए, क्योंकि स्पोर्ट्स सिटी से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन है और संबंधित भूखंड उसी योजना का हिस्सा बताया जा रहा है।

क्या हैं पूरा मामला ?

उल्लेखनीय है कि यह हादसा सेक्टर-150 के पास एटीएस ली-ग्रैंडिओस मोड़ के समीप हुआ, जहां से प्रतिदिन लगभग दस हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार घटना से पहले वहां न तो पर्याप्त रोशनी थी और न ही कोई चेतावनी संकेत या बैरिकेडिंग। सड़क के किनारे टूटी हुई ड्रेन के सामने करीब 30 फीट गहरा पानी भरा गड्ढा बना हुआ था। युवराज की कार अनियंत्रित होकर इस गड्ढे में जा गिरी। पानी में डूबने से पूर्व युवराज ने मदद की गुहार लगाई थी। काफी देर तक मदद नहीं पहुंचने के कारण पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। प्राधिकरण की लापरवाही और पुलिस एवं प्रशासन की उदासीनता को लेकर लोगों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है।

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