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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण का शुभारंभ, कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन और मेंटेनेंस, रिपेयर व ओवरहॉल सुविधा का भी उद्घाटन

Panchayat 24 (यीड़ा) : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर के जेवर में निर्मित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फेज-1 का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने एयरपोर्ट के अत्याधुनिक कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन भी किया, साथ ही 40 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली मेंटेनेंस, रिपेयर एवं ओवरहॉल (MRO) सुविधा का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे। बता दें कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े और आधुनिक एयरपोर्ट में शामिल किया जा रहा है। यहां विमनन की अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया होंगी।

प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के लिए लॉजिस्टिक गेटवे बनकर निवेश, व्यापार और निर्यात को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट आगरा, मथुरा, अलीगढ़, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए विकास का नया द्वार खोलेगा। इससे किसानों, छोटे और लघु उद्योगों तथा युवाओं को व्यापक अवसर प्राप्त होंगे।

उन्होंने विशेष रूप से स्थानीय किसानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी जमीन के योगदान से ही यह परियोजना साकार हो पाई है, जिससे अब कृषि उत्पाद वैश्विक बाजारों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।


नरेंद्र मोदी ने कहा कि नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट मल्टी माॅडल कनेक्टिविटी का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां सड़क, रेल और हवाई परिवहन का निर्बाध एकीकरण होगा। एयरपोर्ट का कार्गो हब प्रारंभिक चरण में 2.5 लाख मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता के साथ कार्य करेगा, जिसे भविष्य में 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाने की योजना है। इससे उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलेगी।

उन्होंने कहा कि भारत में अब तक 85 प्रतिशत विमान एमआरओ सेवाओं के लिए विदेश भेजे जाते थे, जिससे भारी खर्च होता था। जेवर में बनने वाली एमआरओ सुविधा देश को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करेगी।


प्रधानमंत्री के अनुसार उत्तर प्रदेश में एयरपोर्ट नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है और अब यह देश के सर्वाधिक एयरपोर्ट वाले राज्यों में शामिल हो गया है। यह एयरपोर्ट डबल इंजन सरकार की कार्यसंस्कृति का उदाहरण है। वर्ष 2003 में इस परियोजना को मंजूरी मिली थी, लेकिन वर्षों तक यह फाइलों में अटकी रही। केंद्र और राज्य में समन्वय बनने के बाद ही इस परियोजना ने गति पकड़ी और आज यह धरातल पर उतर सकी है। यह एयरपोर्ट पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ने का कार्य करेगा। यह एक अत्याधुनिक एयरपोर्ट होगा, जहां हर दो मिनट में एक विमान के उड़ान भरने की क्षमता विकसित की जा रही है।

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने एक अनोखी पहल करते हुए उपस्थित लोगों से मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जलाकर एयरपोर्ट का उद्घाटन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट आपकी अमानत है, आपका भविष्य है, आपका पुरुषार्थ है, इसलिए इसका उद्घाटन भी आपके हाथों से होना चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुये कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट संकल्प को सिद्धि में बदलने का परिणाम है। इसका रनवे न केवल यूपी की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई तक ले जाने का आधार बनेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का लॉन्चपैड भी बनेगा।

यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के निवेश, व्यापार व औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई तक पहुंचाते हुए व्यापक रोजगार सृजन भी करेगा। प्रधानमंत्री ने पिछले 11-12 वर्षों में नए भारत को विकसित भारत की दिशा में बढ़ाने के लिए प्रत्येक क्षेत्र में कदम बढ़ाए हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इसी श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट ला अभी एक रनवे प्रारंभ हो रहा है। कुछ वर्षों में एयरपोर्ट के पांच रनवे संचालित होंगे तो यह खुद को ग्लोबल एयरपोर्ट के रूप में स्थापित करने में सफल होगा।


  मुख्यमंत्री के अनुसार दुनिया में अव्यवस्था, अराजकता और संशय की स्थिति है। अमेरिका जैसे विकसित देश में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम आसमान छूते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन भारत में दाम नियंत्रित है। इनकी आपूर्ति सुगम बनाई गई है। भारत के पड़ोस में जितने भी देश हैं, वहां भी पेट्रोलियम पदार्थों के दाम आसमान छू रहे हैं और उनका अभाव भी है। वहां अव्यवस्था का माहौल है। उन्हें कार्यावधि घटाने के साथ उत्पादन रोकना पड़ा है। पब्लिक में कोटा सिस्टम लागू करना पड़ा है, लेकिन भारत में निर्बाध रूप से पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति बनाए रखने के साथ ही दाम को नियंत्रित रखा गया है। कल पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इसके लिए  योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि 2002 से 2017 तक यूपी अराजकता-अव्यवस्था का शिकार रहा, लेकिन देश ने 12 वर्षों और प्रदेश ने 9 वर्षों में जो स्पीड पकड़ी है,  उसने बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू के रूप में नई पहचान प्रस्तुत की है।  प्रधानमंत्री ने 25 नवंबर 2021 को इस एयरपोर्ट का शिलान्यास किया था, आज उन्हीं के कर कमलों से प्रथम फेज के उद्घाटन का कार्यक्रम भी हो रहा है।


योगी आदित्यनाथ के अनुसार जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कनेक्टिविटी का केंद्र बनाते हुए यमुना एक्सप्रेसवे और भविष्य में ईस्टर्न पेरिफेरल, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, आरआरटीएस, दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेललाइन जैसे नेटवर्क से जोड़कर प्रदेश को गति के साथ विकास की नई ऊंचाई तक ले जाने का भी कार्य करेगा। इस एयरपोर्ट परियोजना के माध्यम से लाखों नौजवानों के लिए प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।

यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा व ग्रेटर नोएडा में व्यापक निवेश की संभावनाओं ने अभी से प्रस्ताव देने प्रारंभ कर दिए हैं। पिछले दिनों इसी एयरपोर्ट के पास प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर चिप बनाने की यूनिट की आधारशिला रखी थी। इसके साथ ही अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की निर्माण प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, ट्वाय पार्क, एमएसएमई पार्क, हैंडीक्रॉफ्ट पार्क समेत अन्य सुविधाएं विकसित हो रही हैं, जिसमें यहां निवेश के साथ ही रोजगार की व्यापक संभावनाएं भी विकसित हो रही हैं। यहां डाटा सेंटर से संबंधित यूनिट भी स्थापित हो रही है। आने वाले दिनों में अत्याधुनिक फिनटेक सिटी के निर्माण कार्य और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आने के साथ ही एनसीआर में निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण का सृजन भी हो रहा है।


उन्होंने कहा कि डेडिकेटेड मल्टीमाॅडल कार्गो हब का निर्माण होने से उत्तर प्रदेश अब लैंडलॉक्ड की लिमिटेशन से बाहर निकलकर लैंडमार्क ग्रोथ के साथ ग्लोबल मार्केट तक अपनी पहुंच को आसान बनाने में सफल होगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट व इसकी सुविधाएं यूपी के पोटेंशियल को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेंगी।

मुख्यमंत्री ने भी उद्घाटन समारोह में अन्नदाता किसानों के प्रति भी विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पहले यहां तमाम आंदोलन चलते थे, लेकिन किसानों से संवाद बनाया गया। उन्हें समयबद्ध मुआवजा व पुनर्वास के साथ जोड़ा गया तो किसानों ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 13 हजार एकड़ लैंड का योगदान दिया। किसानों ने पूरी प्रक्रिया में सकारात्मक योगदान दिया और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर विकास के कार्यक्रम को बढ़ाया।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के उद्घाटन के ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के राजकीय वायुयान ने एयरपोर्ट से अपनी पहली उड़ान भरी, जिसमें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लखनऊ का सफर किया।

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