एनओसी की एवज में उगाही करने की शिकायत पर प्राधिकरण सख्त : 120 बिल्डर और एओए को लिखा चेतावनी पत्र-अवैध वसूली नहीं रूकी तो होगी कार्रवाई
Authority strict on complaints of collection in lieu of NOC: warning letter written to 120 builders and AOA – action will be taken if illegal recovery is not stopped
Panchayat24 : फ्लैट विक्रेता को एनओसी देने के एवज में बिल्डर या अपार्टमेंट ऑनर एसोसिएशन की तरफ से अवैध उगाही अथवा मनमाने मांगने की शिकायत पर प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाया है। प्राधिकरण ने लगभग 120 बिल्डरों व अपार्टमेंट ऑनर एसोसिएशन को चेतावनी पत्र भेजा है कि अगर मेनटेनेंस शुल्क को छोड़कर किसी और तरह की धनराशि की मांग गई तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, विगत जन विश्वास दिवस में ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक सोसाइटी के निवासियों प्राधिकरण के सीईओ व मेरठ मंडलायुक्त सुरेन्द्र सिंह से शिकायत की थी कि फ्लैट बेचने पर बिल्डर की तरफ से एनओसी देने के नाम डेढ़-दो लाख रुपये तक की डिमांड की जाती है, जबकि विक्रेता के नाम फ्लैट की रजिस्ट्री भी हो चुकी होती है। इस पर सीईओ ने बिल्डर विभाग से ऐसे बिल्डरों व अपार्टमेंट ऑनर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को नोटिस जारी कर मेनटेनेंस को छोड़कर अन्य किसी भी तरह के शुल्क लेने पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए।
विभाग ने तत्काल मामले पर अमल करते हुए बिल्डर विभाग ने 120 से अधिक बिल्डरों व अपार्टमेंट ऑनर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को चेतावनी पत्र जारी कर दिया। उसमें साफ कहा गया है कि फ्लैट विक्रेता से एनओसी के नाम पर मेनटेनेंस को छोड़कर कोई भी अतिरिक्त धनराशि नहीं ली जाएगी। अगर कोई बिल्डर या एओए ऐसा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई बिल्डर या एओए आवेदन करने से 15 दिन के भीतर एनओसी जारी नहीं करता है या एनओसी जारी न होने की सूचना नहीं देता है तो यूपी अपार्टमेंट की धारा 39 के अनुसार प्राधिकरण उसे डीम्ड अप्रूवल मान लेगा और फ्लैट के ट्रांसफर की अनुमति दे दी जाएगी। सीईओ सुरेन्द्र सिंह ने ऐसे फ्लैट खरीदारों को परेशान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।