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वैभव हत्‍याकांड़ में दिखा नोएडा वैश्य संगठन का आक्रोश, पांच जिलों से बिलासपुर पहुंचे संगठन के सदस्‍य

Noida Vaishya organization's anger visible in Vaibhav murder case, members of the organization reached Bilaspur from five districts

 Panchayat 24 : दनकौर कोतवाली क्षेत्र के बिलासपुर कस्‍बे में व्‍यापारी के पुत्र की हत्‍या के बाद लोगों में काफी रोष है। बिलासपुर कस्‍बा सहित मंडीश्‍यामनगर, दनकौर और रबूपुरा में व्‍यापारियों ने अपने प्रतिष्‍ठान बंद रखे। घटना के विरोध में बड़ी संख्‍या में व्‍यापारी एवं वैश्‍य समाज के लोग पीडित परिवार को सांत्‍वना देने और हत्‍यारोपियों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग को लेकर बिलासपुर पहुंचे। इन लोगों में बड़ी संख्‍या नोएडा वैश्‍य समाज संगठन के सदस्‍यों की भी थी। गौतम बुद्ध सहित गाजियाबाद, हापुड़, बुलन्‍दशहर और अलीगढ़ जिलों से भी संगठन के सदस्‍य बिलासपुर पहुंचे। संगठन के सदस्‍यों ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर हत्‍यारोपियों को यथाशीघ्र कठोर से कठोर सजा देने की मांग की।

क्‍या है पूरा मामला ?

दरअसल, बिलासपुर कस्‍बे के किराना कारोबारी अरूज सिंघल का इकलौते बेटे वैभव सिंघल बीती 30 जनवरी से दुकान से घर लौटते समय अचानक संदिग्‍ध परिस्थितियों में अचानक गायब हो गया था। परिजनों ने उसके अपहरण की आशंका व्‍यक्‍त करते हुए पुलिस को मामले की सूचना दी थी। पुलिस ने मामले को साधारण गुमशुदगी का समझकर कार्रवाई की। परिणामस्‍वरूप वैभव की हत्‍या हो गई। पुलिस ने इस सिलसिले में एक नाबालिग सहित दो लोगों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। हत्‍यारोपियों ने वैभव की हत्‍या कर शव को खेरली नहर में फेंक दिया था। हालांकि पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें नहर में शव की बरामदगी के लिए सर्च अभियान चला रही हैं। लेकिन अभी तक शव बरामद नहीं हो सका है। घटना के विरोध में नोएडा वैश्‍य संघटन के बिलासपुर, मंडी श्‍यामनगर, दनकौर और रबूपुर आदि के सदस्‍यों ने तीव्र प्रतिक्रिया देते हुए विरोध प्रदर्शन किया। घटना के विरोध में जिस तीव्रता से स्‍थानीय लोगों, कारोबारियों और नोएडा वैश्‍य संगठन के लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी, उससे प्रतीत होता है कि स्‍थानीय पुलिस एवं प्रशासन को भी इसकी उम्‍मीद नहीं थी। नोएडा वैश्‍य संगठन के अनुसार प्रदेश के कुछ अन्‍य स्‍थानों पर भी बिलासपुर की घटना के विरोध में संगठन से जुड़े कारोबारियों एवं व्‍यापारियों ने अपने प्रतिष्‍ठान बंद रखे।

नोएडा वैश्‍य संगठन ने हत्‍यारोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग की

नोएडा वैश्‍य संगठन के संरक्षक मनोज गोयल ने मांग करते हुए कि वैभव के हत्‍यारों को कड़ी से कड़ी दी जाए। उन्‍होंने कहा कि इस तरह की वारदात समाज में भय और तनाव पैदा करती हैं। वैभव के हत्‍यारों को ऐसी सजा दी जानी चाहिए जो एक नजीर न जाए। ऐसे अपराधों को अंजाम देने से पहले अपराधी परिणाम पर भी विचार करें। मनोज गोयल ने मांग करते हुए कहा कि बिलासपुर में भी योगी मॉडल अपनाते हुए हत्‍यारोपियों के घरों पर प्रशासन बुलडोजर चलाए। नोएडा वैश्‍य संगठन शासन, प्रशासन और सरकार से मांग करता है कि हत्‍यारोपियों के खिलाफ फास्‍ट ट्रेक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए और इन्‍हें फांसी की सजा हो।

श्रीकांत त्‍यागी प्रकरण में भी पीडित महिला के समर्थन में आगे आया था नोएडा वैश्‍य संगठन

नोएडा के चर्चित श्रीकांत त्‍यागी प्रकरण में भी नोएडा वैश्‍य संगठन सामने आया था। संगठन ने पीडित महिला के समर्थन में खड़े होकर पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोपी श्रीकांत त्‍यागी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। दरअसल, इस प्रकरण में श्रीकांत त्‍यागी ने महिला से अभद्र व्‍यवहार करते हुए गाली गलौंच की थी। महिला के खिलाफ जातिसूचक शब्‍दों का भी प्रयोग किया था। नोएडा वैश्‍य संगठन ने इसका विरोध किया था।

वैश्‍य समाज के युवाओं की भागीदारी चाहता है संगठन

नोएडा वैश्‍य संगठन के संरक्षक मनोज गोयल का कहना है कि देश की अर्थव्‍यवस्‍था में वैश्‍य समाज का अहम योगदान है। इसके बावजूद समाज के युवाओं की अनदेखी होती रही है। कई मामलों में समाज की भागीदारी में जो सम्‍मान वैश्‍य समाज को मिलना चाहिए, वह नहीं मिला है। समाज की युवा पीढ़ी सवाल पूछती है जिनके जवाब उन्‍हें नहीं मिलते हैं। वैश्‍य समाज के युवा के मन में असुरक्षा का भाव है। ऐसे कई कारणों की वजह से नोएडा वैश्‍य समाज का गठन किया गया है। इसकी शुरूआत लगभग दो साल पूर्व कर दी गई थी। वर्तमान में गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, बुलन्‍दशहर, हापुड़ और अलीगढ़ आदि जिलों में संगठन का विस्‍तार हो चुका है। उन्‍होंने कहा कि बिलासपुर में घटना वाकई बेहद हृदय विदारक है। एक होनहार बालक को खोना पूरे समाज और वैश्‍य समाज के लिए बेहद दुखद है। इसकी क्षतिपूर्ति संभव नहीं है। संगठन का हर संभव प्रयास रहेगा कि भविष्‍य में समाज के लोगों के साथ हर विषम परिस्थिति में खड़ा हुआ जाए।

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