अवैध निर्माण पर नोएडा प्राधिकरण का सख्त कार्रवाई जारी, दो अन्य लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज
Noida Authority continues its strict action against illegal constructions; two more negligent officers face consequences.

Panchayat 24 (नोएडा) : शहर को अव्यवस्थित करने वाले अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण ने जीरो टॉलरेंस की नीति को और सख्ती से लागू कर दिया है। अधिसूचित क्षेत्रों में चल रहे विशेष अभियान के तहत न सिर्फ अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई की जा रही है, बल्कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को भी सीधे जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
बता दें कि दो दिन पूर्व नोएडा प्राधिकरण के भूलेख विभाग में तैनात लेखपाल शुभम भारद्वाज एवं सीमा यादव द्वारा अपने पदीय दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया जा रहा था। प्राधिकरण ने उनके विरुद्ध गंभीर लापरवाही और कर्तव्यहीनता के आरोपों में कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
प्राधिकरण प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियोजित विकास से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में वर्क सर्किल-6 क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण न होने तथा शिथिल पर्यवेक्षण के मामले सामने आने पर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने अनुशासनात्मक कदम उठाए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्क सर्किल-6 में तैनात प्रबंधक अब्दुल शाहिद के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन पर क्षेत्र में समुचित निगरानी न रखने और दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के आरोप हैं। प्राधिकरण ने उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने का निर्णय लिया है।
वहीं, सहायक प्रबंधक विनीत कुमार शर्मा की प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से प्राधिकरण सेवा से मुक्त कर दिया गया है। कार्रवाई के माध्यम से प्राधिकरण ने स्पष्ट संकेत है कि प्राधिकरण अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
नोएडा प्राधिकरण ने दो टूक कहा है कि अधिसूचित भूमि पर अवैध निर्माण या अतिक्रमण किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगा। यदि किसी भी क्षेत्र में अधिकारियों की मिलीभगत या जानबूझकर की गई लापरवाही सामने आती है, तो आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण के इस सख्त रुख से साफ है कि आने वाले समय में अवैध निर्माण करने वालों के साथ-साथ उन्हें संरक्षण देने वालों पर भी शिकंजा और कसा जाएगा, ताकि शहर का विकास तय मानकों और योजनाओं के अनुरूप हो सके।


