ग्रेटर नोएडा जोनसेंट्रल नोएडा जोन

कोई नहीं जानता था मासूम के उपचार के लिए चिंतित लोगों के सिर पर मंडरा रही है मौत, सांसद और विधायक ने परिजनों को बंधाया ढांढस

No one knew that death was looming over the heads of those worried about the treatment of the innocent child, MP and MLA consoled the family

Panchayat 24 : रविवार की सुबह सूरज की पहली किरण ग्रेटर नोएडा घोड़ी बछैड़ा गांव के पास स्थित काशीराम आवासीय कॉलोनी वासियों के लिए मनहूस खबर लेकर आई। कॉलोनी निवासी तीन परिवारों के पांच लोगों की नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र के सेक्‍टर-146 मेट्रो स्‍टेशन के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे का शिकार हुए सभी लोग एक ढाई साल के मासूम को नोएडा जिला अस्‍पताल में भर्ती कराकर लौट रहे थे। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि मासूम बच्‍चे के उपचार के लिए तीन परिवार के लोगों के सिर पर ही मौत मंडरा रही है। हादसे की खबर सुनकर काशीराम कॉलोनी सहित पूरे जिले में कोहराम मच गया। वहीं, सूचना पाकर स्‍थानीय सांसद डॉ महेश शर्मा पोस्‍टमार्टम हाऊस पहुंच गए। उन्‍होंने हादसे पर गहरा शोक प्रकट किया और पीडित परिजनों का ढांढस बंधाया। उन्‍हें स्‍थानी सांसद तेजपाल सिं नागर भी हादसे की सूचना पाकर काशीराम कॉलोनी पहुंच गए। उन्‍होंने भी पीडित परिजनों से मिलकर घटना पर शोक प्रकट किया। सांसद और विधायक ने पीडित परिजनों को हर संभव मदद का आश्‍वासन दिया।

क्‍या है पूरा मामला ?

दरअसल, दादरी कोतवाली क्षेत्र के घोड़ी बछैड़ा गांव के पास स्थित काशीराम आवासीय कॉलोनी में रहने वाले कुछ लोग रविवार सुबह एक ढाई साल के बच्‍चे को जिला अस्‍पताल में भर्ती कराकर वैगेनार कार से वापस लौट रहे थे। रास्‍ते में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्‍सप्रेस-वे पर कार सड़क किनारे खड़े एक केंटर से टकरा गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई। दर्दनाक हादसे में कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कड़ी मशक्‍कत के बाद चार लोगों को गंभीर अवस्‍था में उपचार के लिए अस्‍पताल में भर्ती कराया गया जहां चिकित्‍सकों ने उन्‍हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान अमन (27), देवी सिंह (60), राजकुमारी (50), विमलेश (45) और कमलेश (40) के रूप में हुई। पोस्‍टमार्टम के बाद देर शाम पांचों शव काशीराम आवासीय कॉलोनी पहुंचे। गमगीन माहौल में शवों का अंतिम संस्‍कार कर दिया गया।

तीन बहने हुई हादसे का शिकार, एक बहन के पति और बेटा भी मृतकों में शामिल

काशीराम कॉलोनी निवासी सुनील कुमार ने बताया कि देवीराम, ज्ञानी सिंह और जीवन का परिवार रहता है। तीनों परिवार मेहनत मजदूरी करते हैं। देवीराम की पत्‍नी राजकुमारी, ज्ञानी सिंह की पत्‍नी विमलेश और जीवन की पत्‍नी कमलेश आपस में सगी बहनें हैं। देवी राम मूलरूप से जिला बुलन्‍दशहर के ककोड़ के पास मीरपुर के रहने वाले हैं। जबकि ज्ञानी सिंह पलवल और जीवन सिंह मथुरा जिले के बरसाने के रहने वाले हैं। सुनील कुमार बताते हैं कि ज्ञानी सिंह के बेटे हरिओम के ढाई साल के बेटे विवेक का कुछ समय से स्‍वास्‍थ खबर चल रहा था। कुछ दिन से उसका स्‍वास्‍थ्‍य बिगड़ गया था। उसके उपचार के लिए ग्रेटर नोएडा के कई अस्‍पतालों में ले गए थे। स्‍वास्‍थ्‍य में कोई लाभ नहीं होने पर देर रात बच्‍चे को परिवार के लोग दादरी ले गए थे जहां से उसको नोएडा के निठारी स्थित जिला अस्‍पताल के लिए रेफर कर दिया गया। रात को ही परिवार के लोग बच्‍चे को कार में लेकर नोएडा पहुंच गए थे। बच्‍चे को अस्‍पताल में भर्ती कराकर देवीराम, राजकुमारी, विमलेश और कमलेश रविवार तड़के लगभग साढ़े पांच बजे वापस ग्रेटर नोएडा काशीराम आवासीय कॉलोनी लौट रहे थे। अमन कार चला रहा था। सेक्‍टर-146 के पास कार हादसे का शिकार हो गई।

पुलिस मना रही है यातायात माह 2024, हो गया दर्दनाक हादसा, जिम्‍मेदार कौंन ?

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्‍सप्रेस-वे पर दर्दनाक सड़क हादसा उस समय हुआ है जब गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट यातायात सप्‍ताह 2024 मना रही है। पुलिस विभिन्‍न माध्‍यमों से लोगों को यातायात के नियमों के प्रति जागरूक कर रही है। यातयायात नियमों का उल्‍लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। दरअसल, दर्दनाक सड़क हादसे की मुख्‍य एवं प्राथमिक वजह एक्‍सप्रेस-वे के किनारे खड़ा केंटर है। हाईवे और एक्‍सप्रेस-वे पर सड़क किनारे खड़े वाहन पूर्व में भी दर्दनाक हादसो का कारण बनते रहें हैं। ऐसे में यातायात पुलिस को इस बात का ध्‍यान रखना चाहिए था कि एक्‍सप्रेस-वे के किनारे खड़े केंटर को वहां से हटवाया जाता। ऐसे में यातायात पुलिस की उदासीनता एवं लापरवाही भी प्रथम दृष्‍टया इस मामले में सामने आती है। वहीं, जिस तरह से यह हादसा हुआ है उससे स्‍पष्‍ट होता है कि गाड़ी की गति तेज रही होगी अथवा चालक को नींद की झपकी आ गई होगी। पड़ोसियों की माने तो कार चालक सहित सभी लोग रातभर बीमार बच्‍चे को अस्‍पताल में भर्ती कराने के लिए एक अस्‍पताल से भटकते रहे थे। ऐसे में पता चलता है कि कार चालक अमन की नींद पूरी नहीं हो सकी थी। ऐसे में नींद भी हादसे का करण हो सकती है। कुछ लोगों का ऐसा मानना भी है। खैर, अभी इस बारे में कुछ भी कहना जल्‍दबाजी होगी। पुलिस जांच में ही यह पता चल सकेगा।

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