गौतम बुद्ध नगर के इस विभाग में लगती है नौकरी की बोली, खरीददार अच्छी बोली लगाए तो मिल जाती है नौकरी
Job bidding is done in this department of Gautam Buddha Nagar, if the buyer bids well, he gets the job
Panchayat 24 : गौतम बुद्ध नगर के जिला युवा कल्याण विभाग में नौकरी बेचे जाने का मामला प्रकाश में आया है। यदि खरीददार की हैसियत 30 से 50 हजार रूपये खर्च करने की हो तो नौकरी मिलने की गारंटी पक्की हो जाती है। इस तरह की भर्ती घोटाले का खुलाया उस समय हुआ जब कुछ अभ्यार्थियों ने योग्यता के बावजूद चयन नहीं होने पर मामले की शिकायत लिखित रूप से जिलाधिकारी सुहास एलवाई से की। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, जिला युवा कल्याण विभाग के द्वारा प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के लिए युवकों की भर्ती की गई। काफी युवकों ने भर्ती के लिए आवेदन किया था। विभाग द्वारा भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न कर ली गई। कुछ युवकों ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए है। इनके द्वारा मामले की जिलाधिकारी सुहास एलववाई को लिखित शिकायत की गई है। उन्होंने अपनी शिकायत में जिलाधिकारी को बताया है कि विभागीय अधिकारियों ने पीआरडी में भर्ती के लिए 30 से 50 हजार रूपये पीआरडी में भर्ती के नाम पर लिए है।
रूपये लेकर भी नहीं दी नौकरी
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनके जैसे कई लोगों से नौकरी लगाने के नाम पर 30 से 50 हजार रूपये लिए गए हैं। लेकिन 2 साल गुजर जाने के बाद भी अभी तक उन्हें नौकरी नहीं दी गई है। जबकि कई ऐसे युवकों को नौकरी दे दी गई है जिन्होंने रूपये अधिकारियों को दिए हैं। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने पूरे प्रकरण की जांच मुख्य जिला विकास अधिकारी तेज प्रताप मिश्रा को सौंप दी है। जिलाधिकारी ने उनसे जल्द से जल्द मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन
मुख्य विकास अधिकारी तेज प्रताप मिश्रा ने बताा कि तीन युवकों ने पीआरडी में भर्ती प्रक्रिया में घोटाले की शिकायत जिलाधिकारी से की है। जिलाधिकारी ने उन्हें प्रकरण की जांच सौंपी है। मामले की जांच के लिए उन्होंने जिला स्तरीय तीन अधिकारियों की एक समिति बनाई है। यह समिति मामले की जांच कर जल्द से जल्द सौंपेगी। सम्बन्धित अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग से अभिलेख मंगाए गए हैं। अभिलेखों की जांच के बाद मामले के गुण दोषों के बारे में जानकारी होगी। उन्होंने इस बात को भी स्वीकार किया है कि शिकायतकार्ताओं ने रिपयों के लेनदेन का भी जिक्र किया है। यह मामला काफी समय से चल रहा था।