खेड़ी गांव के सपूत के साथ सेना में हुआ अन्याय ?: शाम को हुई थी परिजनों से फोन पर बात, सुबह को सुसाइड की मिली खबर
Injustice happened to the son of Khedi village in the army?: Talked to family members on phone in the evening, news of suicide received in the morning

Panchayat 24 : ग्रेटर नोएडा के खेड़ी गांव एक सैनिक के साथ सेना में अन्याय हुआ है। सैनिक की संदिग्ध परिस्थितियों में केरल के कन्नूर में मौत हुई है। पीडित परिजनों का आरोप है कि सैनिक के वरिष्ठ अधिकारियों ने थर्ड डिग्री का प्रयोग किया जिससे उ सकी मौत हो गई है। परिजनों का आरोप है कि सेना के अधिकारियों ने जिन फोटों को उन्हें दिखाया उससे स्पष्ट हो रहा था कि मामला आत्महत्या का नहीं है। परिजनों ने कन्नूर पुलिस और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों पर सांठगांठ कर मामले को आत्महत्या साबित करने का भी आरोप लगाया है। पीडित परिजनों ने गौतम बुद्ध नगर जिलाधिकारी से शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। वहीं, परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। सैनिक के शव का को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामला सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र का है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, खेड़ी गांव निवासी सुनील कुमार सेना में बतौर हवलदार क्लर्क के पद पर तैनात था। उसकी तैनाती वर्तमान में केरल के कन्नूर में थी। सुनील के भाई सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि बीती 5 फरवरी की शाम को सुनील ने फोन पर परिवार के लोगों से बातचीत की थी। अगली सुबह लगभग 7 बजे करेल से फोन आया। फोन पर सुनील के आला वरिष्ठ अधिकारी बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि सुनील ने आत्महत्या कर ली है। सूचना पर परिवार के लोग कन्नूर पहुंचे। वहां पहुंचकर सेना की ओर से उन्हें सुनील की फांसी पर लटके हुए शव के फोटो दिखाए। जिस हालत में शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ था, उससे संदेह पैदा हो रहा था कि युवक की हत्या कर फंदे पर टांगा गया है। मृतक के परिजनों ने शव देखने के लिए कहा तो सेना के अधिकारियों और पुलिस द्वारा मना कर दिया गया। जिद करने पर शव को परिजनों को दिखाया गया। परिजनों के अनुसार सुनील के शव पर जगह जगह चोट के निशान थे। कानों से खून निकल रहा था। चेहरे पर भी चोट थी। शव देखकर स्पष्ट हो गय था कि सुनील पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया गया है जिससे उसकी मौत हो गई है।
सैनिक के परिजनों का आरोप- सेना के अधिकारी सुनील पर घोटाला छिपाने के लिए दबाव बना रहे थे
पीडित परिजनों ने बताया कि फोन पर बातचीत के दौरान सुनील ने कई बार कहा था कि उसने सेना के अधिकारियों द्वारा किए गए एक घोटाले को पकड़ लिया है। अधिकारी घोटाले को छिपाने के लिए उसके ऊपर दबाव बना रहे हैं। उससे दस्तावेजों में हेराफेरी के लिए दबाव बना रहे हैं। ऐसा नहीं करने पर उसको धमकाया जाता था। उसके खिलाफ झूठे केस बनाकर कोर्ट मार्शल करने का दबाव बनाया जाता थ। लेकिन सुनील ने उनके दबाव में दस्तावेजों में हेरफेर नहीं की। परिजनों से हुई बातचीत में यह भी पता चला कि सुनील का ट्रांसफर कुछ दिनों में दिल्ली होने वाला था। ऐसे में उसके भ्रष्ट अधिकारियों को शक हो गया था कि वह उनकी काली करतूतों की पोल दिल्ली में खेल देगा।
कन्नूर पुलिस पर एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप
पीडित परिजनों के का आरोप है कि सुनील की हत्या के सभी सबूत सामने आने के बाद भी कन्नूर पुलिस एफआईआर दर्ज करने के लिए तैयार नहीं थी। बार बार कहने पर पुलिस एफआईआर लिखने के लिए तैयार हुई लकिन परिजनों पर अपनी अपने तरीके से एफआईआर लिखवाने के लिए दबाव बनाया गया। यहां तक कि पीडित परिजनों को मृतक सैनिक का शव नहीं सौंपा। बाद में परिजन दोबारा कन्नूर गए जिसके बाद परिजनों को शव मिल सका।