हेरिटेज सिटी और आगरा अर्बन सेंटर को हरी झंडी

Panchayat 24 (ग्रेटर नोएडा) : यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 88वीं बोर्ड बैठक शुक्रवार को प्राधिकरण अध्यक्ष आलोक कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में आय बढ़ाने, लंबित योजनाओं के निस्तारण, हेरिटेज सिटी परियोजना और आगरा अर्बन सेंटर समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। 88वीं बोर्ड बैठक में लिए गए इन निर्णयों से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकास, पर्यटन और राजस्व वृद्धि को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2015 में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से बाहर के अधिसूचित जिलों—अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा—के लिए महायोजना-2031 (फेज-2) तैयार की गई थी। इसके तहत प्रत्येक जिले में एक अर्बन सेंटर विकसित करने का प्रस्ताव है। आगरा जनपद के लिए आगरा अर्बन सेंटर की ड्राफ्ट महायोजना परामर्शदाता संस्था ट्रैक्टेबेल इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार कर बोर्ड के समक्ष रखी गई, जिसे जनसामान्य से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करने की स्वीकृति प्रदान की गई।
बोर्ड बैठक में हेरिटेज सिटी परियोजना को पीपीपी मोड पर विकसित करने से संबंधित डीपीआर पर भी विचार हुआ। इस डीपीआर को पहले ही 4 नवंबर 2024 को पीपीपीबीईसी की बैठक में अनुमोदन मिल चुका है। संशोधित ले-आउट प्लान के तहत वृंदावन बाईपास के उत्तरी हिस्से में 17.5 हेक्टेयर भूमि पर पिलग्रिम गेटवे कॉम्प्लेक्स (पार्किंग) प्रस्तावित है। बोर्ड ने इस भूमि को प्राथमिकता के आधार पर अर्जित/क्रय करने की कार्यवाही प्राधिकरण स्तर पर करने का निर्णय लिया।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि नई नेट ड्यूज नीति लागू होने के बाद 20 जनवरी 2026 तक कुल 11 परियोजनाएं इसके दायरे में आई हैं। इनमें से सात परियोजनाओं ने नेट ड्यूज की 25 प्रतिशत राशि जमा करा दी है, जबकि चार परियोजनाओं में पूरी धनराशि जमा हो चुकी है। अब तक 25 प्रतिशत के सापेक्ष कुल 402.50 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं, वहीं आगामी एक वर्ष में लगभग 800 करोड़ रुपये की संभावित आय का अनुमान है। इन परियोजनाओं के अंतर्गत अब तक 418 रजिस्ट्रियां निष्पादित की जा चुकी हैं।
वृंदावन में पर्यटकों और तीर्थ यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवासीय और होटल सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा हुई। राया अर्बन सेंटर की अनुमोदित महायोजना के अनुरूप टूरिज्म जोन के आसपास आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत भू-उपयोग विकसित करने पर सहमति बनी। बोर्ड का मानना है कि इससे तीर्थ यात्रियों के दबाव के अनुरूप आधारभूत संरचनाओं और आवासीय जरूरतों की पूर्ति हो सकेगी। साथ ही श्री बांके बिहारी मंदिर विकास क्षेत्र में विस्थापित होने वाले परिवारों को हेरिटेज सिटी के समीप प्रस्तावित आवासीय योजनाओं में प्रचलित नीति के तहत प्रभावित कृषकों को मिलने वाले आरक्षण में शामिल कर लाभ देने का प्रस्ताव भी रखा गया।
अथॉरिटी ने बोर्ड को अवगत कराया कि अब तक किसानों को 2988.31 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्रतिकर के रूप में दिए जा चुके हैं। 29 गांवों के भूमि देने वाले किसानों के लिए 6263 आरक्षण पत्र जारी किए गए हैं। बैठक में अपैरल पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, एमएसएमई पार्क, टॉय पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।
वित्तीय स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 20 जनवरी 2025 तक पूंजीगत प्राप्तियां 2217.37 करोड़ रुपये रहीं। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20 जनवरी 2028 तक पूंजीगत प्राप्तियां बढ़कर 2869.12 करोड़ रुपये हो गईं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 120.37 प्रतिशत अधिक हैं। इसी अवधि में वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजस्व भुगतान 2292.76 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20 जनवरी 2028 तक राजस्व भुगतान 5498.49 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।



