दादरी नगरपालिका परिषद : पूर्व सभासद उतरे मैदान में, सभी 15 सभासदों के त्याग पत्र स्वीकारने की मांग उठाई, सौंंपा ज्ञापन
Dadri Municipal Council: Former councilor entered the fray, raised demand to accept resignation letters of all 15 councilors, submitted memorandum

Panchayat 24 : दादरी नगरपालिका परिषद में मची हलचल में पल पल नया घटनाक्रम घट रहा है। शुक्रवार को त्याग पत्र देने वाले सभासदों के त्याग पत्र को स्वीकार किए जाने की मांग उठाई। अपनी मांग को लेकर पूर्व सभासदों के एक प्रतिनधिमण्डल ने जिलाधिकारी के नाम उपजिलाधिकारी दादरी को एक ज्ञापन सौंपा। पूर्व सभासदों का आरोप है कि त्याग पत्र देने वाले सभी 15 सभासदों ने त्याग पत्र देकर बता दिया है कि वर्तमान व्यवस्था में उनका भरोसा उठ चुका है। वह दादरी नगरपालिका में काम कर पाने में पूर्णरूप से असमर्थ है। यदि ऐसे में इन सभासदों के त्याग पत्र को जल्द से जल्द स्वीकार कर आगामी 6 महीने में चुनाव नहीं कराए जाते हैं तो यह दादरी नगर के विकास में बांधक बनेगा। ऐसे में दादरी नगर के लोगों की भलाई के लिए इन त्याग पत्रों को स्वीकार किया जाए।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, पिछले काफी समय से दादरी नगरपालिका परिषद सभासदों और नगरपालिका परिषद अध्यक्ष गीता पंडित तथा अधिशासी अधिकारी दीपिका शुक्ला के बीच मतभेद चले आ रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से मतभदे उभरकर सबके सामने आ गए हैं। नगरपालिका पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले 15 सभासदों ने अपने त्याग पत्र जिलाधिकारी को सौंप दिए हैं। सभासदों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर अपने त्याग पत्र अपलोड कर मुख्यमंत्री कार्यालय को भी इसकी सूचना दे दी है।
शुक्रवार को त्याग पत्र देने वाले सभासदों के विरोध में सभासदों का एक दादरी तहसील पहुंचा। इन सभासदों ने सभी 15 सभासदों के त्याग पत्र शीघ्र स्वीकार करने की मांग करते हुए जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। इन्होंने मांग की है कि सभी त्यग पत्र स्वीकृत कर राज्य सरकार को प्रेषित किए जाएं। जनहित को ध्यान में रखते हुए निर्धारित समय में रिक्त पदों पर चुनाव कराया जाए।
उत्तर प्रदेश नगरपालिका परिषद अधिनियम, 1916 का हो पालन
दादरी नगरपालिका परिषद के पूर्व प्रत्याशी सुमित बैसोया का कहना है कि उत्तर प्रदेश नगरपालिका परिषद अधिनियम 1916 में त्याग पत्र देने वाले सभासदों के बारे में स्पष्ट जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है यदि कोई भी सभासद स्वैच्छता से शपथ पत्र सहित अपना त्याग पत्र देता है तो उन्हें स्वीकार किया जाएगा। ऐसे में यदि 15 सभासदों के त्याग पत्र को स्वीकार नहींं किया जाता है तो यह उत्तर प्रदेश नगरपालिका परिषद अधिनियम 1916 के प्रावधानों का उल्लंघन होगा।
ज्ञापन देने वाले अन्य सभासदों का कहना है कि नगर निकाय चुनावों को संपन्न हुए लगभग एक साल पूरे हो चुके हैं। नगरपालिका में मतभेदों के कारण नगरपालिका के वार्डों में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। नगर के विकास के लिए इन सभी सभासदों के त्याग पत्र स्वीकार कर रिक्त पदों पर जल्द चुनाव कराए जाएं।
जिलाधिकारी के नाम लिखे गए ज्ञापन में कई पूर्व सभासद एवं पूर्व सभासद प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं। ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वालों में प्रवीण शर्मा, अनुराग, रूचिका, राज सिंह, सूरजभान सिंह, संजय गर्ग, राजपाल बाल्मिकी, संजय भाटी, सुरेन्द्र सिंह, दुर्वेश सिंह, चिंतामणि, ममता वत्स, ओमप्रकाश सिंह, गीता देवी, अमित भाटी, सोनी भाटी, भरत सिंह, अंश नागर और सुधीर वत्स आदि के नाम लिखे हुए हैं।