ग्रेटर नोएडा पुलिस की अकर्मण्यता : पुलिस और प्रशासन के दरवाजे पर पीडित देता रहा दुहाई, नहीं हुई सुनवाई, भारी पड़ी पुलिस की लापरवाही
Inaction of Greater Noida Police: Victim kept crying at the door of police and administration, hearing was not done, negligence of police proved costly.

Panchayat 24 : ग्रेटर नोएडा में पुलिस की बहुत बड़ी लापरवाही सामने आई है। एक व्यक्ति को पुलिस की अकर्मण्यता की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी है। पीडित परिवार का आरोप है कि काफी समय से कुछ दबंग प्रवृति के लोगों द्वारा उनके परिवार का उत्पीड़न किया जा रहा था। कई बार परिवार के लोगों पर हमले भी हुए थे। मामले की शिकायत पुलिस और प्रशासन स्तर पर की गई थी। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ब्रहस्पतिवार को अज्ञात हमलावरों द्वारा युवक की हत्या के संबंध में भी परिजनों का कहना है कि पूर्व में भी उनके ऊपर गांव में ही हमला हुआ था। पुलिस को अपनी जान को खतरा होने की दुहाई देते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उल्टा पीडित पर ही झूठ बोलने का आरोप लगाया था। अन्तत: परिणाम वहीं हुआ जिसका पीडित परिजनों को डर था। पीडित परिवार हत्याकांड़ के लिए पुलिस प्रशासन को भी जिम्मेवार ठहरा रहा है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, कासना निवासी सुखपाल सिंह अपनी बाइक पर सवार होकर ब्रहस्पतिवार को घोड़ी बछैडा गांव के पास काशीराम आवास अपने एक परिचित से मिलने जा रहा था। रास्ते में नारायण गोलचक्कर के पास अज्ञात हमलावरों ने सुखपाल को गोली मार दी। गोली लगते ही वह लहुलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने गंभीर हालत में पीडित को उपचार के लिए यर्थाथ अस्पताल में भर्ती कराया जहां चिकित्सकों ने सुखपाल को मृत घोषित कर दिया। पीडित पक्ष ने पुलिस में हत्याकांड़ के संबंध में कुल आठ ज्ञात और दो अज्ञात सहित कुल दस लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इनमें इन्द्रजीत प्रधान, सरजीत, उदयराम, महेन्द्र, बली उर्फ बलराज, राजेन्द्र, सोरन और बंटी का नाम शामिल है। सभी आरोपी कासना कोतवाली क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए राजेन्द्र, सोरन, इन्द्रजीत और बंटी को हिरासत में लिया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस मामले से जुड़े सभी बिन्दुओं की जांच कर रही है। इनमें सम्पत्ति और अवैध संबंधों जैसे बिन्दु अहम हैं।
पीडित पक्ष ने कहा, दबंग उनकी हत्या कर जमीन कब्जाना चाहते हैं
मृतक सुखपाल के भाई विकल ने पुलिस को मामले की लिखित शिकायत दी है। विकल ने Panchayat 24 को बताया कि मृतक सुखपाल के दो बेटे और एक बेटी है। कुछ भूमाफिया दबंगई दिखाकर उनकी पैतृक संपत्ति को हड़पना चाहते हैं। यह लोग पूर्व में लगभग 1.5 सौ वर्ग मीटर जमीन को हथियाकर बेच चुके हैं। अब इनकी नजर हमारी लगभग 2.1 सौ वर्ग मीटर जमीन पर टिकी हुई है। इस कारण से लगातार हमारे परिवार का उत्पीड़न किया जा रहा है।
16 दिसंबर को हुए हमले के बाद पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई, आरोपियों के बढ़ गए हौसले
विकल ने बतया कि बीते 16 दिसंबर शाम लगभग 7 बजे को सुखपाल सब्जी लेने घरभरा रोड़ कासना मार्केट गया था। तभी बाइक पर सवार होकर तीन अज्ञात युवक वहां पहुंचे। एक युवक बाइक पर ही बैठा रहा, जबकि दो युवकों ने सुखपाल के ऊपर गोली चला दी। गोली सुखपाल के करीब से होकर निकल गई और वह बाल बाल बच गया। मामले की शिकायत कासना पुलिस से की गई लेकिन पुलिस ने मामले में कोई तवज्जो नहींं दी। इसके बाद मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर भी की। इसके बावजूद पुलिस ने मामले में औपचारिकता पूरी करके इतिश्री कर दी। विकल के अनुसार इसके बाद हमारे परिवार के लोगों को लगातार धमकियां मिलती रही।
जिसकी गवाही पर 16 दिसंबर की घटना को पुलिस ने झूठा बताया, हत्याकांड़ में वह है नामजद आरोपी
सुखपाल हत्याकांड़ में पुलिस की उदासीनता और लापरवाही की पराकाष्ठा देखने को मिली है। दरअसल, बीते 16 दिसंबर को सुखपाल के ऊपर अज्ञात बाइक सवार युवकों ने हमला किया था जिसमें वह बाल बाल बच गया था। पुलिस ने मामले कोई कार्रवाई नहीं की और उलटे पीडित को ही झूठा ठहरा दिया। पीडित ने आईजीआरएस पोर्टल पर मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आईजीआरएस पोर्टल से प्राप्त शिकायत की जांच कासना कोतवाली पुलिस ने उपनिरीक्षक को मामले की जांच सौंपी। जांच अधिकारी ने भी घटनास्थल के आसपास के लोगों से बातचीत कर अपनी रिपोर्ट तैयार कर दी। रिपोर्ट में गोली चलने की बात को फर्जी बताया गया। जिस सोरन सिंह की गवाही पर रिपोर्ट तैयार की गई, वह सुखपाल हत्याकांड़ में नामजद आरोपी है।