चर्चा-ए-आम : गौतम बुद्ध नगर में पंचायती राज व्यवस्था समाप्त ! नहीं होंगे ग्राम पंचायत चुनाव ! लोगों में मायूसी
Discussion-e-Aam: Panchayati Raj system ends in Gautam Buddha Nagar! Gram Panchayat elections will not be held! People are disappointed

Panchayat 24 : क्या गौतम बुद्ध नगर में पंचायती राज चुनाव अपने आखिरी चरण में हैं ? उत्तर प्रदेश में पंचायती राज चुनाव होने हैं, लेकिन गौतम बुद्ध नगर में पंचायती राज चुनाव नहीं होंंगे ? इन सवालों के पीछे कई मजबूत आधार हैं। दरअसल, गौतम बुद्ध नगर में कई ज्वलंत राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दे हैं। वर्तमान में ग्राम पंचायत चुनाव अर्थात पंचायती राज चुनावों को लेकर सबसे अधिक चर्चा हो रही है। राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी कुछ ऐसी ही खबरें छनकर आ रही कि इस बार गौतम बुद्ध नगर जिले में पंचायती राज व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। यह खबरें उन लोगों के लिए बड़ा झटका हैं, जो पंचायती राज चुनावों की तैयारियों में जुटे हुए हैं। साथ ही लोकतंत्र की प्रथम पाठशाला माने जाने वाली पंचायती राज व्यवस्था को लेकर आ रही इस तरह की खबरों से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में भी मायूसी है। हालांकि अभी तक सरकार और शासन स्तर से इस बारे में कोई अधिकारिक आदेश जारी नहीं किया है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, गौतम बुद्ध नगर में उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 के अन्तर्गत नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण की स्थापना औद्योगिक विकास के लिए हुई है। वर्तमान में लगभग पूरे जिले के गांवों को इन तीनों प्राधिकणों द्वारा औद्योगिक विकास के लिए अधिसूचित कर लिया गया है। बड़े पैमाने पर अधिसूचित गांवों की जमीनों का अधिग्रहण भी प्राधिकरणों द्वारा किया जा चुका है। अधिग्रहित गांवों के मूलभूत विकास का जिम्मा प्राधिकराणों के जिम्मे हैं। शासन ने प्राधिकरण द्वारा उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1976 और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 (क्यू) का हवाला देते हुए अधिसूचित गांवों में पंचायती राज व्यवस्था समाप्त कर दी गई।
इसकी शुरूआत सबसे पहले साल 2015 में हुई और नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित गांवों में ग्राम पंचायतों को समाप्त कर दिया गया। गौतम बुद्ध नगर जिले में पंचायती राज चुनावों को लेकर मामला कोर्ट में भी गया लेकिन लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। हालांकि साल 2015 में ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अधिसूचना से बाहर के गांवों में नए परिसीमन के आधार पर पंचायती राज चुनाव हुए। इस दौरान नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा गौतम बुद्ध और बुलन्दशहर के 80 गांवों पर दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र के नाम से न्यू नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा गौतम बुद्ध नगर, हापुड़ और बुलन्दशहर जिलों के लगभग 144 गांवों की जमीन पर ग्रेटर नोएडा फेज-2 शहर बसाने की तैयारी शुरू कर दी थी।
चर्चा थी कि साल 2021 में नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से शासन को पत्र लिखकर न्यू नोएडा के अन्तर्गत आने वाले सभी 80 गांवों में पंचायती चुनावों पर रोक लगाने की सिफारिस की थी। हालांकि उस समय न्यू नोएडा और ग्रेटर नोएडा फेज-2 के अन्तर्गत आने वाले सभी गांवों में पंचायती चुनाव हुए थे। वर्तमान में हालात बदल चुके हैं। उत्तर प्रदेश सरकार से न्यू नोएडा और ग्रेटर नोएडा फेज-2 को स्वीकृति मिल गई है। वहीं, यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा जेवर क्षेत्र के लगभग सभी गांवों की जमीनों का अधिग्रहण कर लिया है। इन सभी गांवों के विकास की जिम्मेवारी औद्योगिक विकास प्राधिकरण के जिम्मे है। ऐसे में तय माना जा रहा है कि इस बार गौतम बुद्ध नगर में पंचायती राज चुनाव नहीं होंगे !
राजनीतिक गलियारों और सरकारी कार्यालयों में चर्चा आम है, नहीं होंगे पंचायती राज चुनाव !
गौतम बुद्ध नगर में पंचायती राज चुनावों के अस्तित्व को लेकर राजनीति, शासन और प्रशासन से जुड़े लोग भी विशेष नजर रख रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा खुलकर हो रही है कि इस बार गौतम बुद्ध नगर में पंचायती राज चुनाव नहीं होंगे। वहीं, प्राधिकरणों में भी इस प्रकार की दबी छिपी चर्चा सुनने में मिल रही है। उत्तर प्रदेश के सत्ताधारी दल भाजपा के वरिष्ठ नेता ने बातचीत के दौरान बताया कि गौतम बुद्ध नगर में तो बीते साल 2021 में ही पंचायती चुनाव समाप्त होने वाले थे। प्राधिकरणों की ओर से सरकार को जिले की शेष सभी ग्राम पंचायतों को समाप्त करने के लिए पत्र लिखा था।
स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने मुयमंत्री को सच्चाई से अवगत कराया गया कि जिन नए शहरों को बसाए जाने का हवाला देकर प्राधिकरण गौतम बुद्ध नगर की ग्राम पंचायतों को समाप्त कराना चाहते हैं, दरअसल वह अभी जमीनी हकीकत से दूर हैं। इनके द्वारा अभी न जमीन अधिग्रहण हुआ है, न ही इन गांवों में प्राधिकरणों की ओर से कोई विकास कार्य ही कराया गया है। यदि ऐसे में इन क्षेत्रों में ग्राम पंचायातें का अस्तित्व समाप्त कर दिया गया तो इन गांवों के सामने विकास सहित कई तरह का संकट उत्पन्न हो जाएगा। इसके बाद सरकार ने जिले में ग्राम पंचायतों को समाप्त करने का फैसला छोड़ दिया। इसके बाद ही ग्राम पंचायत चुनाव सम्पन्न हो सके थे। इस बार जब न्यू नोएडा और ग्रेटर नोएडा फेज-2 को सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है। इनके मास्टर प्लान को जमीन पर उतारने के लिए प्राधिकरणों ने प्रयास तेज कर दिए हैं। ऐसे में गौतम बुद्ध नगर में ग्राम पंचायत चुनाव सम्पन्न होना असंभव प्रतीत हो रहा है।
वहीं, नोएडा औद्योिगिक विकास प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस संबंध में कहा कि पिछली बार न्यू नोएडा को कैबिनेट से स्वीकृति नहीं मिली थी। कई तरह की औपचारिकताएं भी पूरी नहीं हुई थी। ऐसे में अधिसूचित गांवों में चुनाव हो गए थे। अब न्यू नोएडा और ग्रेटर नोएडा फेज-2 को सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद प्राधिकरण ने इन गांवों में शहर बसाने का काम शुरू कर दिया गया है। ऐसे में स्वत: ही अधिसूचित गांवों में ग्राम पंचायतों का अस्तित्व समाप्त हो गया है। इस बारे में उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अधिसूचित गांवों में ग्राम पंचायत चुनावों की आत्मा लगभग समाप्त हो गई है। बाहरी ढांचा बचा है। उसको शासन स्तर से पंचायती राज विभाग कभी भी आदेश पारित कर गिरा देगा।
गौतम बुद्ध नगर पंचायती राज चुनाव : एक नजर में
गौतम बुद्ध नगर जिले का गठन साल 1997 में हुआ था। चार ब्लॉक बिसरख, दादरी, दनकौर और जेवर थे। नए परिसीमन के बाद साल 2000 में पंचायती राज चुनाव संपन्न हुए। उस समय जिले में कुल 423 गांव 277 ग्राम पंचायतें और 15 जिला पंचायत वार्ड थे। इस परिसीमन पर साल 2005 और 2010 में लगातार पंचायती राज चुनाव संपन्न हुए। साल 2015 में नोएडा और ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरणों द्वारा औद्योगिक विकास के लिए अधिसूचित और अधिग्रहित गांवों में शासन स्तर से ग्राम पंचायतें समाप्त कर दी गई। इन गांवों में पंचायती राज संस्था समाप्त कर दी दी गई। इस साल महज 88 ग्राम पंचायतों और 5 जिला पंचायत वार्डों के लिए ही चुनाव सम्पन्न हुए। साल 2021 में भी यह व्यवस्था कायम रही। वर्तमान में यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण अधिसूचित 8 ग्राम पंचायतों और दनकौर ब्लॉक को समाप्त कर दिया गया है। इस ब्लॉक की 12 ग्राम पंचायतों को जेवर ब्लॉक में विलय कर दिया गया। इसके बाद जिले में महज 82 ग्राम पंचायतें, 5 जिला पंचायत वार्ड और तीन ब्लॉक ही शेष बचें हैं। बिसरख ब्लॉक में 28, दादरी ब्लॉक में 30 और जेवर ब्लाॅक में महज 24 गांव शेष बचे हैं।