नोएडा जोन

दिल्‍ली की महिला ने नोएडा के नामचीन मॉल से कूदकर अपनी जीवन लीला कर ली समाप्‍त, जानिए क्‍या है पूरा मामला ?

A woman from Delhi ended her life by jumping from a famous mall in Noida, know what is the whole matter?

Panchayat 24 : नोएडा जोन में एक महिला द्वारा आत्‍महत्‍या का मामला प्रकाश में आया है। वीरवार को दिल्‍ली की रहने वाली एक महिला ने नोएडा के नामचीन मॉल से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्‍त कर ली है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्‍जे में लेकर पोस्‍टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्‍टया पता चला है कि मृतका मानसिक तौर पर परेशान थी जिसके चलते उसने आत्‍महत्‍या का कदम उठाया है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मामला सेक्‍टर-39 कोतवाली क्षेत्र का है।

क्‍या है पूरा मामला ?

जानकारी के अनुसार मूलरूप से दिल्‍ली के करावल नगर की रहने वाली आकांक्षा सूद (36) बीते बुधवार देर शाम को नोएडा सेक्‍टर-18 स्थित जीआईपी मॉल पहुंची थी। मॉल की चौथी मंजिल की आपातकालीन निकास सीढियों से कूदकर उसने आत्‍महत्‍या कर ली। सूचना पाकर पुलिस भी मोके पर पहुंच गई। उसके पास मिले आधार कार्ड से पुलिस ने उसकी शिनाख्‍त की। पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी। सूचना पाकर आकांक्षा के भाई और भाभी नोएडा पहुच गए।

मृतका का पति से चला रहा था तलाक का केस

नोएडा जोन के एडीसीपी मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि मृतका के भाई और भाभी ने बताया कि शाम चार बजे वह बिना किसी को कुछ बताए घर से निकली थी। उसने मोबाइल भी घर पर ही छोड़ दिया था। आकांक्षा की शादी साल 2017 में दिल्‍ली में ही हुई थी। शादी के महज 15 दिनों में ही आकांक्षा का उसके पति से विवाद हो गया था जिसके कारण उसका पति से तलाक का केस चल रहा था। इस कारण वह तनाव से गुजर रही थी। इसी के चलते उसने आत्‍महत्‍या का कदम उठाया है।

जीआईपी मॉल क्‍यों पहुंची थी आकांक्षा ?

इस पूरे प्रकरण में सवाल खड़ा होता है कि आकांक्षा को यदि आत्‍महत्‍या करनी ही थी तो वह करावल नगर से नोएडा जीआईपी मॉल क्‍यों पहुची ? वह किसी अन्‍य स्‍थान पर भी आत्‍महत्‍या कर सकती थी। हालांकि पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की बात कह रही है। पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, मॉल में लगे सीसीटीवी को देखा गया है। जिसमें आकांशा अकेले ही मॉल में नौ बज कर 55 मिनट पर गेट नंबर-3 से एंट्री की। इसके बाद चौथे मंजिल पर एग्जिट गेट पर बनी सीढिय़ों के पास गई और वहां से दस बजे कूद गई। इन सीढिय़ों के बहुत कम लोग ही आते-जाते हैं। ऐसे में यहां भीड़ नहीं रहती। इन सीढियो का प्रयोग आग लगने की स्थिति में आपात निकासी के लिए किया जाता है।

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