दादरी नगरपालिका प्रकरण : सभासदों पर उल्टी पड़ गई त्याग पत्र की चाल ?, निर्धारित समय पर शुरू नहीं की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल एवं धरना
दादरी नगरपालिका प्रकरण : सभासदों पर उल्टी पड़ गई त्याग पत्र की चाल ?, शुरू नहीं हो सकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

Panchayat 24 : जिले की एक मात्र नगरपालिका परिषद में चल रहे घामासान के बीच पूरे घटनाक्रम ने दिशा बदल दी है। नगरपालिका परिषद के अधिकारियों और नगरपालिका परिषद की अध्यक्ष पर भ्रष्टाचारका आरोप लगाकर त्याग पत्र देने वाले 15 सभासदों में से एक भी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन के लिए तहसील परिसर में नहीं पहुंचे। पूरे घटनाक्रम से प्रतीत हो रहा है कि त्याग पत्र देने वाले सभासद अपनी ही चाल का शिकार हो गए हैं। जानकारों की माने तो त्याग पत्र देने वाले सभासद अब अपने बचाव में जुटे हुए हैं।
क्या है पूरा मामला ?
बता दें कि नगरपालिका परिषद के 15 सभासदों ने नगरपालिका में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। उन्होंने चैयरमेन और गीता पंडित और नगरपालिका की अधिशासी अभियंता दीपिका शुक्ला पर सभासदों की मनमानी का भी आरोप लगाया था। इस प्रकारण में नगरपालिका के 15 सभासदों ने अपने त्याग पत्र जिलाधिकारी को सौंपे थे। इसके बाद सभासदों ने अपनी मांगों को लेकर दादरी तहसील परिसार में 28 फरवरी से अनिश्चित भूख हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। पूरे दिन अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन पर बैठने वाले कुछ सभासदों से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया। लेकिन उनका मोबाइल बंद आता रहा।
सभासदों ने बिना सोच विचार के उठाया बड़ा कदम ?
जानकारों की माने तो सभासदों ने नगरपालिका अध्यक्ष तथा अधिकारियों से चले आ रहे अपने मतभेद के चलते एक दम बड़ा कदम उठाया है। हो सकता है कि उन्होंने ऐसा नगरपालिका अध्यक्ष और अधिकारियों पर दबाव की रणनीति के तहत ऐसा किया हो ? लेकिन इस बीच उनसे बड़ी रणनीतिक चूक हो गई है। जानकार मानते हैं कि त्याग पत्र देकर उन्होंने सक्षकम अधिकारी द्वारा त्याग पत्र स्वीकार किए जाने अथवा अस्वीकार किए जाने तक बतौर सभासद कोई गतिविधि कानूनी एवं नैतिक आधार पर मान्य नहीं है। ऐसे में त्याग पत्र दिए जाने के बाद नगरपालिका अध्यक्ष एवं अधिकारियों के खिलाड़ इन सभासदों द्वारा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन की घोषणा के बाद से नगर में कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं।
उपजिलाधिकारी को सौंपी गई सभासदों के त्याग पत्रों की जांच
जानकारी के अनुसार दादरी नगरपालिका परिषद से त्याग पत्र देने वाले सभी 15 सभादों के त्याग पत्रों की जांच के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने दादरी तहसील की उपजिलाधिकारी (न्यायिक) अनुज नेहरा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वह त्याग पत्र देने वाले सभासदों से बातचीत कर यह पता लगाएंगी कि क्या वाकई में जो त्याग पत्र जिलाधिकारी को सौंपे गए है, वह उनके द्वारा ही स्वेच्छता से दिए गए हैं ? सभासदों के बयान कैमरे के समाने दर्ज कराए जाएंगे। हालांकि सभासदों को आज उपजिलाधिकारी के सामने जांच के लिए प्रस्तुत होना था। हालांकि सभासदों द्वारा जिलाधिकारी द्वारा त्याग पत्रों की जांच के आदेश से पूर्व ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल एवं धरना के लिए प्रशासन को लिखित में सूचित करा दिया था। ऐसे में सभासदों ने आज (शुक्रवार) को जांच के लिए उपस्थित होने में असमर्थता जाहिर कर दी थी। तीन दिन बाद पुन: त्याग पत्र देने वाले सभासदों को जांच के लिए बुलाया जाएगा। जल्द ही उन्हें इस संबंध में पत्र जारी कर दिया जाएगा।