ग्रेटर नोएडा जोन

नजरिया : गलती पर आलोचना तो परिणाम मिलने पर समाज पुलिस को हीरो भी बना देता है

Viewpoint: Criticism is made on mistakes and society also makes police heroes when they get results.

Panchayat 24 : गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट की पुलिस के पिछले कुछ समय के कामों की समीक्षा करें तो संगठित अपराध पर शानदार काम हुआ है लेकिन कुछ सामाजिक अपराधों के कारण पुलिस पर सवालिया निशान भी लगे हैं। वैसे यह कोई नई बात नहीं है जब पुलिस की गलती पर समाज पुलिस की आलोचना करता है तो बेहतर परिणाम मिलने पर समाज की ओर से सराहना भी पुलिस की झोली में जाती है। अर्थात समाज द्वारा पुलिस की आलोचना अथवा सराहना का भाव स्‍थाई नहीं है। पुलिस कार्रवाई का परिणाम ही पुलिस और समाज के संबंध को व्‍यक्‍त करता है। हाल ही में ग्रेटर नोएडा में ढाबा संचालक कृष्‍ण कुमार शर्मा के नाबालिग बेटे कुणाल शर्मा के अपहरण और हत्‍या के मामले में पुलिस की कार्यशैली को लेकर लोगों में नाराजगी रही। इसके बाद समाज में कुछ इस प्रकार का आवरण तैयार हो गया जिससे आम आदमी का सुरक्षा कवच माने जाने वाली पुलिस के प्रति समाज का नजरिया नकारात्‍मक प्रतीत हो रहा था। इस नजरिए में पुलिस नायक के बजाय खलनायक की भूमिका में दिखाई दे रही थी। लेकिन जैसे ही पुलिस की ओर से परिणाम मिलने शुरू हुए वैसे ही पुलिस के प्रति लोगों का नजरिया बदला। पुलिस को समाज में लोग नायक की तरह देख रहे हैं। पुलिस के काम की सराहना भी हो रही है।

पहला केस 

जेवर के दयानतपुर गांव निवासी रामअवतार सिंह (45) बीती 17 मई को घर से लगभग 10:30 बजे बुलन्‍दशहर जिले के ककोड़ कस्‍बे में उधारी की रकम वसूलने के लिए गए थे। शाम तक वह घर वापस नहीं लौटे थे। पीडित परिजनों ने उनकी सभी स्‍थानों पर तलाश की। उनका कहीं पर पता नहीं चला। किसी अनहोनी से भयभीत परिजनों ने पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने पूर्व की कुछ घटनाओं से सीख लेते हुए मामले में त्‍वरित कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने अचानक गुम हुए रामअवतार के मोबाइल को ट्रेस कर उसकी लोकेशन की जानकारी हासिल की। पुलिस को रामअवतार की लोकेशन हरिद्वार में मिली। पुलिस टीम तुरन्‍त हरिद्वार के लिए रवाना हो गई। 20 मई को पुलिस टीम ने रामअवतार को सकुशल हरिद्वार से बरामद कर लिया और परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पुलिस के इस काम के लिए स्‍थानीय लोगों ने दिल खोलकर प्रशंसा की। परिजनों ने पुलिस का आभार प्रकट किया।

दूसरा केस 

बिलासपुर कस्‍बे से बीती 19 मई को एक 11 वर्षीय नाबालिग लड़का नाराज होकर घर से निकल गया था। परिजनों ने नाबालिग को सभी जगह तलाश किया। उसके दोस्‍तों और रिश्‍तेदारों में भी उसकी जानकारी की लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों को नाबालिग के गयाब होने पर चिंता हुई। बता दें कि लगभग तीन महीने पूर्व एक कारोबारी का बेटा अचानक गायब हो गया था। बाद में उसका शव नहर में मिला था। ऐसे में एक और नाबालिग का गुम हो जाना लोगों के चिंतित होने का कारण था। चिंतित परिजनों ने शाम लगभग 8:30 बजे दनकौर पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने मामले में त्‍वरित कार्रवई करते हुए महज 5 घंटों के अंदर नाबालिग को बागपत जिले से सकुशल बरामद कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। नाबालिग की सकुशल बरामदगी के बाद लोगों ने पुलिस का आभार प्रकट किया। कस्‍बे में पुलिस की प्रशंसा भी हो रही है।

Related Articles

Back to top button