स्वर्ग जैसे घर का सपना दिखाकर कॉलोनाइजर और बिल्डर खेल रहे हैं फरेबी खेल, पानी- बिजली के लिए भटक रहे हैं लोग
Colonizers and builders are playing a fraudulent game by showing dreams of heavenly houses, people are wandering for water and electricity

Panchayat 24 : दिल्ली के निकट होने और तेजी से उभरते हुए औद्योगिक शहर के रूप में पहचान बना चुके गौतम बुद्ध नगर के नोएडा और ग्रेटर नोएडा लोगों के लिए ड्रीम डेस्टिनेशन बन गया है। सस्ती दरों पर लोगों को घर मुहैया कराने वाले बिल्डर और कॉलोनाइजरों का एक बड़ा वर्ग यहां पैदा हो गया है। सस्ती दरों पर स्वर्ग से सुन्दर घर का सपना दिखाकर लोगों को अपने जाल में फंसाकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। बाद में लोगों की खून पसीने की कमाई लूटकर फरार हो जाते हैं। लोग बिजली आपूर्ति और जल निकासी सहित कई मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकते रहते हैं। ऐसी सैकड़ों कॉलोनियां और बिल्डर सोसायटियां नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मौजूद हैं। शाहबेरी, हिन्डन के डूब क्षेत्र, छपरौला से लेकर दादरी तक बसी अवैध कॉलोनियां धीरे धीरे स्लम में तब्दील हो रही हैं। लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रह है।
जलपुरा गांव में बसी कृष्णा होम्स हाऊसिंग सोसायटी के लोग चुका रहे है भारी कीमत
ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गांव में ऐसी ही कृष्णा होम्स नाम से एक सोसायटी है। यहां लगभग सौ परिवार रहते हैं। बताया जाता है कि एक निजी बिल्डर ने किसान की आबादी में दर्ज जमीन को खरीदकर सोसायटी को बसाया है। बिल्डर ने लोगों को कम कीमत पर आधुनिकतम सुविधाओं से लैस हाई साइज सोसायटी जैसा सपना दिखाकर मध्यम परिवार के लोगों को फ्लैट बेच दिए। बिल्डर ने लोगों को बताया कि सोसायटी ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत है। यहां फ्लैट खरीदने वाले लोगों को कुछ ही दिनों में पता चल गया कि बिल्डर ने उन्हें स्वर्ग दिखाकर नरक बेच दिया है।
सोसायटी में बिजली आपूर्ति की पर्याप्त सुविधा नहीं है। बिल्डर द्वारा चोरी से सोसायटी में बिजली आपूर्ति की जा रही है। बिजली कंपनी ने सोसायटी की बिजली काट दी। बिजली कंपनी स्पष्ट कर चुकी है कि सोसायटी को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से एनओसी नहीं मिली है। इस लिए उन्हें बिजली का कनेक्शन नहीं दिया जा सकता। यदि सोसायटी में बिजली चोरी की जाती है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोसायटी में रहने वाले लोगों के अनुसार बिजली की सुविधा के लिए लोग एडवांस में भुगतान कर चुके हैं, इसके बावजूद लोग भीषण गर्मी में नरक जैसा जीवन जीनों को मजबूर रहे। लोग भीषण गर्मी में बालकनी में बिस्तर लगाकर सोने को मजबूर थे। हालांकि अभी सर्दी का मौसम शुरू हो गया है, लेकिन लोगों को अगली गर्मी के मौसम का डर सता रहा है। इनता ही नहीं, जर्जर सड़कें, टूटी नालियां, पेयजल आपूर्ति, गैस आपूर्ति सहित कई अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोग परेशान हैं। ग्रेटर नोएडा में अपना सपनों का घर खरीदने का सपना देखने की कृष्णा होम्स हाऊसिंग सोसायटी के लोग भारी कीमत चुका रहे हैं।
लगातार जारी है बिल्डर और कॉलोनाइजरों का खेल
अधिसूचित क्षेत्र में कॉलोनी और हाऊसिंग सोसायटी बसाने का गोरखधंधा जिले में लगातार जारी है। वर्तमान में इन बिल्डरों ओर कॉलोनाइजरों की नजर नव निर्मित दादरी बाइपास के आसपास की जमीनों पर टिकी हुई है। हालांकि यह पूरा क्षेत्र ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकण की अतिमहत्वाकांक्षी परियोजना ग्रेटर नोएडा फेस-2 के लिए अधिसूचित है। इसके बावजूद यहां धडल्ले से अवैध कॉलोनियां बसाई जा रही हैं। हाल का ताजा उदाहराण् दादरी बाइपास पर चिटेहरा गांव की जमीन पर दिल्ली एनसीआर इंडस्ट्रियल पार्क के नाम से सैकड़ों बीघा जमीन पर बसाई जा रही एक कॉलोनी है। कानून यह कॉलोनी पूरी तरह से अवैध है। यह कॉलोनी किसानों से कृषि भूमि खरीदकर बसाई जा रही है। सरकार घोषणा कर चुकी है कि कृषि भूमि पर किसी भी तरह की आवासीय एवं वाणिज्यिक गतिविधिां संचालित नहीं की जा सकती है। इसके लिए संबंधित प्राधिकरण से अनुमति जरूरी होगी।
इसके अतिरिक्त दिल्ली एनसीआर इंडस्ट्रियल पार्क नामक यह कॉलोनी जिस जमीन पर बसाई जा रही है वह पूरी तरह से ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण का अधिसूचित है। यहां पर बिना ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की बिना अनुमति के किसी भी तरह का निर्माण पूरी तरह से अवैध है। चिटेहरा ग्राम प्रधान पति मनीष भाटी के अनुसार ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा किसानों से सीधे क्रिय की गई जमीन पर भी कॉलोनाइजर ने कब्जा कर लिया है। इसके अतिरिक्त ग्राम समाज, चकरोड़ और सिंचाई विभाग की जमीन पर भी अवैध कब्जा करके इस कॉलोनी को बसाया जा रहा है। जानकारों की माने तो कॉलोनाइजर द्वारा प्लाट बेचने के लिए लोगों को झूठ बोलकर अपने जाल में फंसाया जा रहा है। लोगों को बताया जा रहा है कि कॉलोनी को ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण से स्वीकृति प्राप्त है।
दूसरों की गलतियों से नहीं सीख रहे हैं घर और फ्लेट खरीददार, हो रहे हैं झूठें वायदों का शिकार
आश्यर्च की बात यह है कि गौतम बुद्ध नगर की सैकड़ों कॉलेनियों में अपनी गाढ़ी कमाई फंसाकर लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए दर दर की ठोकर खा रहे हैं। जिन कॉलोनियों और बिल्डर सोसायटियों को स्वर्ग जैसा सुन्दर बताकर लोगों को प्लॉट एवं फ्लैट बेचे गए, आज उनकी हालत स्लम जैसी हो गई है। हजारों की संख्या में लोग जिला प्रशासन, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और पुलिस के पास ऐसी शिकायतों को लेकर पहुंचते हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आए दिन लोग मूलभूत सुविधाओं को लेकर धरना प्रदर्शन एवं हंगामा करते हैं। बिल्डरों एवं कॉलोनाइजरों के खिलाफ धोखाधड़ी एवं झूठ बोलकर प्रॉपर्टी बेचने की शिकायतें नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लगभग हर थाने में दर्ज हैं। जिला प्रशासन और ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण लगातार लोगों को सस्ती दरों पर प्लाॅट और फ्लैट बेचने वाले कॉलोनाइजरों और बिल्डरों से सचेत रहने की बात कह रहे हैं। किसी भी कॉलोनी अथवा बिल्डर सोसायटी में मकान अथवा फ्लेट खरीदने से पूर्व जिला प्रशासन और संबंधित प्राधिकरण में इसकी जांच पड़ताल करने की एडवाइजरी भी जारी की जाती हैं। इसके बावजूद आश्चर्य की बात है कि लोग दूसरोंं की गलतियों से सबक सीखने के बजाय कॉलोनाइजरों और बिल्डरों के झूठ का शिकार होते हैं।
सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ भूमाफिया घोषित करते हुए कानूनी कार्रवाई की गई है। निकट भविष्य में भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। कुछ ऐसे नए नाम भी नाम संज्ञान में आए हैं जो सरकारी जमीनों को बेचकर अवैध तरीके से मुनाफा कमा रहे हैं। इनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। लोगों को भी चाहिए कि वह सम्पत्ति खरीदने से पूर्व अच्छी तरह से जांच पड़ताल कर लें।
———— मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी, गौतम बुद्ध नगर