पाप छिपाने के लिए कर डाला अपराध, ग्रेटर नोएडा पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा, जानिए क्या है पूरा मामला ?
Committed crime to hide sin, Greater Noida Police made sensational disclosure, know what is the whole case?

Panchayat 24 : ग्रेटर नोएडा पुलिस ने एक गुमशुदा महिला के संबंध में सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के खुलासा सुनने के बाद हर व्यक्ति के पैरों तले से जमीन निकल गई। पुलिस के खुलासे के अनुसार महिला की हत्या एक पाप को छिपाने के लिए की गई थी। इतना ही नहीं अपराध को छिपाने के लिए शव को नाले में फेंक दिया गया। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए एक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है। चार अन्य वांछितों की की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। मामला जेवर कोतवाली क्षेत्र का है।
क्या है पूरा मामला ?
ग्रेटर नोएडा जोन डीसीपी साद मिया खां ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि जेवर पुलिस को बीते 15 अगस्त एक 38 वर्षीय विधवा महिला मुबीना की गुमशुदगी की सूचना मिली थी। यह सूचना महिला के बेटे ने पुलिस को दी थी। महिला बीते 6 अगस्त से लापता थाी। पुलिस ने सूचना के आधार पर मामले की जांच शुरू की। पुलिस को पता चला कि लापता महिला मुबीना और जमशेद के बीच प्रेम संबंध था।
सामाजिक डर के कारण महिला का कराया गर्भपात
पुलिस ने जमशेद से इस बारे में पूछताछ की लेकिन उसने कुछ भी जानकारी होने से इंकार कर दिया। लेकिन पुलिस द्वारा एकत्रित किए गए साक्ष्यों के सामने वह बहुत अधिक टिक नहीं सका और सच्चाई बयां कर दी। इस दौरान पुलिस को पता चला कि लापता महिला गर्भवती थी। यह बात उसने जमशेद को बताई थी। विधवा महिला के गर्भवती होने पर सामाजिक अपमान के डर से जमशेद ने अपने मित्र सद्दाम की मदद से 6 अगस्त को महिला को बाइक से डिबाई ले गयाा। वहां सद्दाम के मित्र मोनू और उसकी भाभी गुड्डी की मदद से एक नर्सिंग होम ले गया। यहां महिला का गर्भपात कराया गया। इस दौरान महिला का स्वास्थ लगातार बिगड़ने लगा जिससे उसकी मौत हो गई। जमशेद सद्दाम, मोनू, गुड्डी और अगले दिन अनूपशहर के जंगल में रोड बांगर के नाले में फेंककर ठिकाने लगा दिया। अस्पताल के स्टॉफ ने भी शव को ठिकाने लगाने में मदद की। पुलिस ने शव को बरामद कर लिया है।
अधिक रक्तस्राव के कारण हुई महिला की मौत
डीसीपी साद मिया खां के अनुसार गिरफ्तार आरेपी जमशेद ने बताया कि मुबीना से उसके संबंध थे। इस दौरान वह आठ महीने की गर्भवती हो गई थी। उन्होंने इसका गर्भपात कराने के लिए डिबाई स्थित एक नर्सिंग होम लेकर गए थे। वहां एक चिकित्सक ने अपने स्टॉफ की मदद से मुबीना का गर्भपात किया था। इस दौरान चिकित्सकीय चूक के कारण महिला को बहुत अधिक रक्तस्राव होने के कारण उसकी मौत हो गई।
तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर से मिली सूचना से हुआ घटना का खुलासा
पुलिस के अनुसार पूरे घटना के खुलासे में तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर से मिली जानकारी काफी अहम साबित हुई। पुलिस ने बताया कि सर्विलांस के आधार पर मुबीना के फोन की कॉल डिटेल से पता चला कि वह पड़ोस में ही रहने वाले जमशेद से काफी बातचीत करती थी। जमदेश ने बताया कि मुबीना ने उसको बताया कि वह आठ महीने की गर्भवती है। दोनों को समाज का डर सताने लगा। इससे बचने के लिए जमदेश ने महिला का गर्भपात कराने का निर्णय लिया।
गर्भपात के बावजूद बच्चा जिंदा है
डीसीपी के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम में महिला के गर्भपात के बावजूद बच्चा जिंदा है। पुलिस उसके संबंध में अभी मानवी तस्करी के संबंध में मामला सामने आया है। पुलिस बच्चे की बरामदगी के प्रयास कर रही है। पुलिस ने महिला के शव को डीएन टेस्ट के लिए भेज दिया हे।