नोएडा प्राधिकरण

सेक्टरों के विकास में किसानों को मिलेगी भागीदारी, लैंड पूलिंग लागू करने की तैयारी

Panchayat 24 (नोएडा) : नोएडा प्राधिकरण एक्सप्रेसवे से सटे विभिन्न सेक्टरों में विकास कार्यों को गति देने के लिए लैंड पूलिंग नीति को प्रभावी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस नीति के तहत किसानों को उनकी दी गई भूमि के बदले विकसित क्षेत्र में हिस्सेदारी देने की योजना है। प्रस्ताव के अनुसार, किसानों को उनकी जमीन का लगभग 25 प्रतिशत विकसित प्लॉट के रूप में वापस मिलेगा। वहीं, प्राधिकरण मुआवजा राशि को बधाकर 5324 से बधाकर 7 से 9 हजार प्रति वर्ग मीटर करने जा रहा है। ऐसे में किसानों के सामने प्राधिकरण को जमीन देने के लिए दो विकल्प होंगे।

प्राधिकरण सूत्रों के अनुसार, सेक्टर-146 से लेकर सेक्टर-168 तक विकास के लिए भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता है। इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर किसानों से जमीन मिलने की प्रक्रिया अभी अधूरी है, जिसके कारण नियोजित विकास प्रभावित हो रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए लैंड पूलिंग को व्यवहारिक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करूं इसके अनुसार शेष जमीन लेने के लिए लैंड पूलिंग पालिसी को प्रभावी करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा कि। वहीं किसानों को अधिक मुआवजा दिया जाएगा । इससे क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी तथा अतिक्रमण और अवैध निर्माण पर रोक लगेगी”

बताया गया है कि जिन किसानों की जमीन ली जाएगी, वहां प्राधिकरण अपनी ओर से सड़क, ग्रीन बेल्ट, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास करेगा। भूमि का एक हिस्सा सार्वजनिक उपयोग में जाएगा, जबकि शेष विकसित भूमि किसानों और प्राधिकरण के बीच तय अनुपात में वितरित की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि किसानों को विकसित प्लॉट मिलने से भूमि का मूल्य कई गुना बढ़ जाएगा, जिससे उन्हें सीधा आर्थिक लाभ होगा। साथ ही, अवैध निर्माण और अनियोजित बसावट जैसी समस्याओं पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

प्राधिकरण द्वारा प्रशासन को लगभग 450 हेक्टेयर भूमि प्राप्त करने से संबंधित प्रस्ताव भेजा गया है। हालांकि, कुछ गांवों में अभी भी भूमि को लेकर सहमति नहीं बन पाई है, जिस कारण प्रक्रिया में देरी हो रही है। पिछले कुछ वर्षों में सीमित मात्रा में ही भूमि अधिग्रहण हो सका है।

गौरतलब है कि लैंड पूलिंग नीति वर्ष 2020 में अधिसूचित की गई थी। अब इसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए प्राधिकरण बोर्ड के समक्ष संशोधित प्रस्ताव रखने की तैयारी कर रहा है, जिससे किसानों की भागीदारी बढ़े और क्षेत्र में नियोजित विकास को मजबूती मिल सके।

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