सेंट्रल नोएडा जोन

निजी अस्पताल में बच्ची को गोद दिलाने के नाम पर सौदेबाजी, तीन आरोपी गिरफ्तार

Panchayat 24 (सेंट्रल नोएडा) : सेंट्रल नोएडा के बिसरख कोतवाली क्षेत्र से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक निजी अस्पताल से जुड़े लोगों द्वारा एक नवजात बच्ची को गोद दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूलने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस की तत्परता से इस अवैध गतिविधि का पर्दाफाश हुआ, बल्कि बच्ची को सुरक्षित बरामद भी कर लिया गया। पुलिस में इस गोरख धंधे में संयुक्त तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, 21 मार्च 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से सूचना मिली कि बिसरख क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में कार्यरत कुछ लोग एक बच्ची को गोद दिलाने के एवज में 2.60 लाख रूपये की मांग कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एएचटी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) और बिसरख कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की।

पुलिस टीम ने पीड़ित पक्ष से संपर्क स्थापित कर त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्ची को सकुशल बरामद किया। इसके बाद बाल कल्याण समिति (CWC) के निर्देशानुसार बच्ची को सुरक्षित स्थान साईं कृपा शेल्टर होम भेज दिया गया।

जांच के दौरान इस अवैध सौदेबाजी में संलिप्त तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें अस्पताल की संचालिका यशिका गर्ग निवासी दिल्ली, एक सफाई कर्मी गजेंद्र निवासी जहाँगीरपुर बुलंदशहर और ऑपरेशन थिएटर का तकनीशियन रणजीत निवासी डिबाई बुलंदशहर शामिल हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

हालांकि अभी बच्ची के मारा पिता का पता नहीं चल सका है। पुलिस बच्ची के माता पिता की तलाश कर रही है। इस बारे में पुलिस आरोपियों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार एकदम पट्टी में सोशल मीडिया पर बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी हासिल की थी इसके बाद दम्पत्ति के पास सोशल मीडिया से लगातार बच्चा गोद दिलाने के लिए फोन आने लगे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित अस्पताल से भी इस दंपति के पास बच्चा गोद दिलाने के लिए फोन आने लगे। इसकी आवाज में मोटी रकम मांगी गई

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