अधिवक्ता की गिरफ्तारी पर बार एसोसिएशन ने की हड़ताल, जिलाधिकारी के नाम सौंपा ज्ञापन
Bar Association strikes on advocate's arrest, memorandum submitted to District Magistrate
Panchayat 24 : पल्ला गांव में गंगाजल प्रोजेक्ट के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर अपनी मांगों को लेकर पिछले सात महीने से धरनारत किसानों के साथ पुलिस की कार्रवाई और अधिवक्ता सुनील फौजी की गिरफ्तारी को लेकर अधिवक्ताओं में भारी रोष है। अधिवक्ता की गिररफ्तारी के विरोध में जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को हड़ताल रखी। अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। इस मौके पर सैकड़ों अधिवक्ता, ग्रामीण, किसान और महिलाएं भी उपस्थित थी।
जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील भाटी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति को अपनी मांग उठाने तथा शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन करने का अधिकार है। पल्ला गांव में भी किसान गंगाजल प्रोजेक्ट में की गई जमीन अधिग्रहण के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से पिछले सात महीने से अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। शासन तथा प्रशासन ने उनकी मांगों पर विचार करने के स्थान पर तानाशाही तरीके से दो दिन पूर्व पुलिस बल के आधार पर धरना प्रदर्शन समाप्त करा दिया। इस दौरान मौके पर उपस्थित किसानों, ग्रामीणों और महिलाओं से पुलिस का व्यवहार निंदनीय रहा।
इतना ही नहीं जिस तरह से एडवोकेट सुनील फौजी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, वह शर्मनाक है। जिस समय उन्हें गिरफ्तार किया गया, वह अपनी पत्नी का उपचार करनाने ग्रेटर नोएडा स्थित कैलाश अस्पताल आए हुए थे। जब वह कार में सवार होकर वापस लौट रहे थे, तभी पुलिस ने उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। उनके साथ धक्कामुक्की तथा अभद्रता की गई।
बार एसोसिएशन के सचिव सुशील नागर ने कहा कि जिस तरह से पुलिस ने सुनील फौजी के खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेजा है, वह भी चौकाने वाला है। जिन मामलों में आम आदमी आसानी को जमानत मिल जाती है, वहीं सुनील फौजी को जेल भेज दिया गया। इसके पीछे शासन तथा प्रशासन की मंशा के बारे में पता चलता है। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात कहना था विरोध दर्ज कराना लोकतंत्र में हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। लेकिन जिस तरह से पल्ला गांव के किसानों के साथ हुआ यह पूरी तरह अलोकतांत्रिक है।