सीएए लागू होने के बाद पुलिस एक्शन में, सोशल मीडिया पर कड़ी नजर, छोटीसी गलती पड़ सकती है भारी
Police action after implementation of CAA, strict vigil on social media, small mistake can cost heavily

Panchayat 24 : केन्द्र सरकार द्वारा सीएए कानून को पूरे देश में लागू किए जाने संबंधी अधिसूचना जारी किए जाने के बाद गौतम बुद्ध नगर पुलिस पूरे एक्शन में हैं। तीनों जोन में पुलिस पूरी तरह सक्रिय एवं मुस्तैद हो गई है। लोकल इंटेलीजेंस और पुलिस का मुखबिर तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सोशल मीडिया पर पुलिस की कड़ी निगरानी है। माहौल बिगाड़ने वाली हर पोस्ट पर पुलिस नजर रखेगी। ऐसे में सामाजिक सदभाव बिगाड़ने के लिए भूल से भी की गई गलती भारी पड़ सकती है।
आम चुनाव और त्यौहारों से ठीक पहले सीएए लागू होने से संवेदनशीलता बढ़ी
दरअसल, केन्द्र सरकार ने जिस समय सीएए कानून से संबंधित अधिसूचना जारी की है, उस समय देश में आम चुनाव लगभग सामने खड़े हैं। चुनाव के दौरान कुछ नेता और राजनीतिक दल लोगों का वोट पाने के लिए संकीर्ण विचारों वाली हैट स्पीच का प्रयोग करते हैं। इससे सामाजिक सदभाव पर नकारात्मक असर पड़ता है। वहीं, यह घोषणा त्यौहारी सीजन में की गई है। त्यौहारों पर भी सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशीलता बढ़ जाती है। ऐसे में पुलिस के सामने चुनाव से पूर्व माहौल को सामान्य बनाए रखने और त्यौहारों को पूरे सदभाव के साथ संपन्न कराने को लेकर पुलिस पर भारी दबाव है।
सड़क पर उतरे पुलिस के आला अधिकारी
परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस कमिश्ननर लक्षमी सिंह ने अपनी टीम को पूरी तरह से सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था के नेतृत्व में तीनों जोन के डीसीपी और एडीसीपी सड़क पर उतरे। पुलिस बल, पैरामिलट्री, पीएसी, बम स्क्वायड, डॉग स्कवायॅड टीम एवं एलआईयू टीम के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में पैदल मार्च करते हुए मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रो, धार्मिक स्थल, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानो के आसपास पैदल मार्च किया जा रहा है। भीड व यातायात प्रबन्धन व अन्य सुरक्षा मानको को सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त इसमें पुलिस द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मो पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस कमिश्नर का स्पष्ट आदेश है कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वाले असामाजिक व्यक्ति के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
क्या है सीएए ?
सीएए कानून को लेकर कई स्तर पर जानकारी के अभाव में अभवा साजिशन माहौल बिगाड़ने की दृष्टि से भ्रम पैदा किए जाने के प्रयास किए जा सकते हैं। सरकार को भी इस बात की आशंका है। इसके चलते देश भर में संवेदनशील स्थानों पर एहतियातन सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। हालांकि सरकार इस बारे में स्पष्ट कर चुकी है कि सीएए कानून से किसी भी व्यक्ति की नागरिकता नहीं जाएगी। बल्कि इससे हमारे पड़ोशी देशों, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बंग्लादेश से धार्मिक आधार पर प्रताडि़त होगर भारत आए लोगों को नागरिकता दी जाएगी। इनमें हिन्दू, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध और पारसी समुदाय के लोग शामिल हैं।
सीएए को 11 दिसंबर 2019 को संसद से पारित कर दिया गया था। एक दिन बाद ही राष्ट्रपति से स्वीकृति इसको स्वीकृति मिल गई थी। दरअसल, यह कानून इस्लामिक कानून के अन्तर्गत शासित तीनों देशों से 31 दिसंबर 2014 तक भारत में आने वाले लोगों को भारत की नागरिकता पाने के लिए पात्रता प्रदान करेगा। हालांकि कानून बनने से ही ऐसे लोगों को नागरिकता नहींं मिल जाएगी। ऐसे लोगों को साबित करना होगा कि उन्हें इन देशों में धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने के कारण भारत में शरण ली है। इसके बाद ही प्रवासी आवेदन के पात्र होंगे। सीएए नियमों के तहत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ऐसे लोगों सेआवेदन मांगे जाएंगे।