नोएडा में अवैध निर्माण पर प्राधिकरण का कड़ा प्रहार, 2745 करोड़ की भूमि अतिक्रमण मुक्त

Panchayat 24 (नोएडा) : नोएडा प्राधिकरण ने अधिसूचित क्षेत्र में पनप रहे अवैध निर्माण और भूमाफिया गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक अभियान तेज कर दिया है। प्राधिकरण ने साफ किया है कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह निषिद्ध है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ ध्वस्तीकरण, सीलिंग और कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
प्राधिकरण के अनुसार बीते दो वर्षों में अवैध कब्जों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है। वर्ष 2024-25 में जहां करीब 2.15 लाख वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया, वहीं वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 23.93 लाख वर्ग मीटर तक पहुंच गया। अतिक्रमण मुक्त कराई गई इस भूमि की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 2745 करोड़ रुपये आंकी गई है।
कार्रवाई के दौरान अर्जित भूमि, कब्जा प्राप्त भूमि और डूब क्षेत्र की जमीन पर बने अवैध निर्माणों को हटाया गया। इसके साथ ही अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए संबंधित थानों में करीब 25 एफआईआर दर्ज कराई गईं।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी स्तर पर उसके कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई तो उनके खिलाफ भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद दोषी पाए गए कर्मचारियों को सेवा से पृथक करने और वेतन रोकने जैसी सख्त कार्रवाई की गई है।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में 174 अतिक्रमणकर्ताओं के खिलाफ 527 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा समय-समय पर समाचार पत्रों और सूचना पट्टों के माध्यम से आम नागरिकों को अवैध कॉलोनियों और गैरकानूनी निर्माणों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि वे अधिसूचित क्षेत्र में काटी जा रही अवैध कॉलोनियों और गैरकानूनी बहुमंजिला इमारतों के झांसे में न आएं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि डूब क्षेत्र और अधिसूचित इलाकों में किसी भी प्रकार का निर्माण कानूनन अपराध है।
सीईओ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए और निरंतर कार्रवाई कर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाया जाए। प्राधिकरण का स्पष्ट संदेश है—कानून तोड़ने वालों के लिए नोएडा में कोई जगह नहीं है।


