नोएडा प्राधिकरण में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई, दो लेखपालों पर गिरी गाज
Major administrative action at Noida Authority; two revenue officials suspended.
Panchayat 24 (नोएडा) : नोएडा प्राधिकरण के भूलेख विभाग में कार्यरत दो लेखपालों के विरुद्ध गंभीर लापरवाही और कर्तव्यहीनता के आरोपों में कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि कार्यों में ढिलाई, अनुशासनहीनता और जनहित की उपेक्षा किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भूलेख विभाग में तैनात लेखपाल शुभम भारद्वाज एवं सीमा यादव द्वारा अपने पदीय दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया जा रहा था। उनके स्तर से माननीय न्यायालय से आच्छादित प्रकरणों, शासकीय कार्यों, आईजीआरएस तथा आरटीआई से संबंधित मामलों का समयबद्ध निस्तारण नहीं किया गया। इसके साथ ही, उनके कार्यक्षेत्र में अधिसूचित क्षेत्र एवं अर्जित भूमि पर अवैध अतिक्रमण को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
प्राधिकरण सूत्रों के अनुसार यह आचरण उत्तर प्रदेश सरकारी आचरण नियमावली-1956 एवं नोएडा सेवा नियमावली 1981 में वर्णित सरकारी कर्मचारी के कर्तव्यों का घोर उल्लंघन माना गया है। उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और जनता से जुड़े मामलों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने तत्काल दंडात्मक कदम उठाए हैं।
कार्रवाई के तहत लेखपाल शुभम भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से नोएडा प्राधिकरण से अवमुक्त कर दिया गया है। उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पूरा प्रकरण आवश्यक कार्रवाई हेतु उत्तर प्रदेश शासन को प्रेषित कर दिया गया है। वहीं, लेखपाल सीमा यादव का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने इस कार्रवाई के माध्यम से प्राधिकरण के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत किसी भी प्रकार की शिथिलता, भ्रष्टाचार या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, आईजीआरएस और आरटीआई के माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों की उपेक्षा करने वाले कर्मियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण रोकने में विफल रहने वाले संबंधित बीट और क्षेत्र के जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर उन्हें प्राधिकरण से बाहर किए जाने की भी चेतावनी दी गई है। प्राधिकरण की इस सख्त कार्रवाई को प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।



