ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चार गांवों में ई-पुस्तकालय की सौगात, छह माह में तैयार होंगे नए भवन

The Greater Noida Authority is providing e-libraries in four villages; the new buildings will be ready in six months.

Panchayat 24 (ग्रेटर नोएडा) : ग्रामीण अंचलों में शिक्षा के प्रसार और डिजिटल साक्षरता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्राधिकरण ने चार गांवों में ई-पुस्तकालय खोलने के लिए भवन निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है। वर्षों पुराने और जर्जर पंचायत घरों के स्थान पर आधुनिक सुविधाओं से लैस नए भवन बनाए जाएंगे, जो आने वाले छह माह में तैयार हो जाएंगे। 

पहले चरण में बनेंगे 13 पुस्तकालय

प्राधिकरण के अनुसार, सेक्टर-8 के अंतर्गत विभिन्न गांवों में पहले चरण में कुल 13 ई-पुस्तकालय स्थापित करने की योजना है। इनमें से चार गांव—नवादा, बरसात, घोघोला और हतेवा—में नए भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। इन स्थानों पर पुराने पंचायत घरों को हटाकर आधुनिक ढांचे खड़े किए जाएंगे। शेष नौ गांवों में जहां पंचायत घर अच्छी स्थिति में हैं, वहां उनका नवीनीकरण कर ई-पुस्तकालय के रूप में उपयोग किया जाएगा।

पुरुष एवं महिलाओं के लिए अलग अलग होंगी सुविधाएँ

रविवार को जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने ग्रामीणों की मौजूदगी में इन भवनों का शिलान्यास किया। शिलान्यास के साथ ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है और संबंधित एजेंसियों को कार्यादेश जारी हो चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, प्रत्येक ई-पुस्तकालय में एक अध्ययन कक्ष, बरामदा, पुरुष-महिला के लिए अलग-अलग शौचालय, फर्नीचर और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

परियोजना पर खर्च होंगे 1.12 करोड़

इस परियोजना पर लगभग 1.12 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, पंचायत घरों के नवीनीकरण वाले कार्यों पर करीब 95.47 लाख रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। प्राधिकरण का कहना है कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली, पानी, सड़क और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ शैक्षणिक ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है।

ई पुस्तकालय के प्रति युवाओं का बढ़ेगा रुझान

वरिष्ठ प्रबंधक नागेन्द्र सिंह ने बताया कि कई गांवों में पहले से ही आपसी सहयोग से पुस्तकालय संचालित किए जा रहे हैं। अब ई-पुस्तकालय खुलने से युवाओं और छात्रों को डिजिटल संसाधनों तक सीधी पहुंच मिलेगी। यह पहल न केवल शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

क्या कहता है प्राधिकरण ?

प्राधिकरण का मानना है कि पंचायत घरों का सार्थक उपयोग करते हुए उन्हें ज्ञान केंद्रों में बदलना गांवों के सामाजिक और शैक्षणिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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