नोएडा प्राधिकरण

नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक, कई अहम निर्णय लिए गए

Panchayat 24 (नोएडा) : नोएडा औद्ययोगिक विकास प्राधिकरण की 221वी बोर्ड बैठक शनिवार को सम्पन्न हुई। इस दौरान कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम., यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह तथा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बोर्ड कक्ष से सहभागिता की।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जो त्रिपक्षीय उप-पट्टा पंजीकरण से जुड़ी जटिलताओं का समाधान करेगी। पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए प्राधिकरण क्षेत्र में सीवेज के उपचार एवं शोधन हेतु अत्याधुनिक शोधन संयंत्र (एसटीपी) स्थापित करने पर सहमति बनी। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत पर्यावरण शोधन प्रणाली प्रदाता संस्थाओं से ई-निविदा प्रक्रिया के माध्यम से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित किया जाएगा, जिसमें पांच वर्षों तक संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी शामिल होगी।

नोएडा प्राधिकरण की आवासीय भूखंड योजना 2011-21 (संशोधित वर्ष 2016) के अंतर्गत कृषक श्रेणी के लिए आवंटित भूखंडों में शेष पात्र आवेदकों के बीच ड्रॉ प्रक्रिया संपन्न कराने के उद्देश्य से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारियों की संयुक्त समिति के गठन को भी बोर्ड की मंजूरी मिली।

इसके साथ ही सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार कराने के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली अथवा आईआईटी रुड़की से प्रस्तुतीकरण प्राप्त कर उपयुक्त परामर्शदाता संस्था के चयन की अनुमति प्रदान की गई।

स्पोर्ट्स सिटी परियोजना से संबंधित मामलों में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन के तहत सेक्टर-150 स्थित एससी-02/एच एंड आई भूखंडों के लिए सशर्त अधिभोग प्रमाण पत्र जारी किए जाने की जानकारी बोर्ड के समक्ष रखी गई। परियोजना से जुड़े आगामी कदमों के लिए बोर्ड ने आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए।

बैठक में यूनिफाइड रेगुलेशंस-2025 के अंतर्गत वाणिज्यिक, संस्थागत और औद्योगिक श्रेणियों से जुड़े प्रावधानों में आंशिक संशोधन को स्वीकृति दी गई। इसके अलावा, पुरानी लंबित भू-संपदा परियोजनाओं (लिगेसी स्टॉल रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स) के समाधान हेतु शासनादेश के अंतर्गत हुई प्रगति की समीक्षा की गई। बताया गया कि चिन्हित 57 परियोजनाओं में से 30 परियोजनाएं 31 दिसंबर 2025 तक इस नीति का लाभ ले चुकी हैं।

अब तक प्राधिकरण में कुल 872.12 करोड़ रुपये की राशि जमा कराई जा चुकी है, जिससे लगभग 6,855 फ्लैट खरीदारों को राहत मिलने की संभावना है। वर्तमान स्थिति में 4,134 फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी है। बोर्ड ने शेष फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश भी दिए।

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