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नए साल में गाजियाबाद पुलिस करेगी नशे के कारोबार पर कड़ा प्रहार, पुलिस कमिश्नर बोले गोरखधंधे को जड़ से उखाड़ेंगे

In the new year, Ghaziabad police will launch a strong crackdown on the drug trade; the Police Commissioner said they will uproot this illegal business completely.

Panchayat 24 (गाजियाबाद) : गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने अपने तीन साल के कार्यकाल में संगठित अपराध से लेकर महिला सुरक्षा पर बड़ा काम किया है। साल 2026 के लिए गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट नशे के काले कारोबार पर बड़ा प्रहार करने का संकल्‍प के साथ काम करेगी। गोरखधंधे से जुड़ी हर कड़ी को पर प्रहार के लिए गाजियाबाद पुलिस विशेष तैयारी कर रही है।

विशेष बातचीत के दौरान गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे रविन्‍द्र गौड़ ने बताया कि जिले में नशीले पदार्थों की सप्‍लाई से लेकर अलग अलग साइटों पर हो रहे नशीले पदार्थों के वितरण की जानकारी एवं गोरखधंधे से जुड़े लोगों पर कार्रवाई के लिए एक विशेष टीम का गठन किया जाएगा। पुलिस कमिश्नर के अनुसार गाजियाबाद में बड़े पैमाने पर स्‍कूल, शिक्षण संस्‍थान और निर्माण साइट हैं।

नशे का काला कारोबार करने वाले लोगों के निशाने पर छात्र, मजदूर एवं युवा होते हैं। नशे के कारण समाज की जड़े खोखली होती है। ऐसे में समाज को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाना बड़ी चुनौती है। गोरखधंधे पर कार्रवाई के लिए गठित विशेष टीम पूरी सप्‍लाई चैन पर काम करेगी। किन-किन स्‍थानों से नशीले पदार्थ गाजियाबाद में पहुंचाए जाते हैं ?

इस अवैध धंधे से जुड़े लोगों का काम करने का तरीका, ऊपरी स्‍तर से लेकर निचले स्‍तर तक जुड़े लोगों की तलाश कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुखबिरों की मदद से इनके बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। नशा मुक्ति केन्‍द्रों में रह रहे लोगों से पता लगाया जाएगा कि उन्‍हें नशीले पदार्थ किससे और कहां से उपलब्‍ध होते थे ?

बातचीत के दौरान उन्‍होंने बताया कि दिल्‍ली एनसीआर में जमीन की कीमतों लगातार बढ़ रही है। परिणामस्‍वरूप पुलिस के पास सम्‍पत्ति से जुड़े मामलों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है। हालांकि इन मामलों की प्रथम दृष्‍टया प्रकृति सिविल होती है। कई बार इनके कारण लॉ एण्‍ड आर्डर को खतरा उत्‍पन्‍न हो जाता है। ऐसे में इन मामलों में पुलिस के लिए युक्तियुक्‍त एवं कानून संगत कार्रवाई करना अनिवार्य हो गया है।

इसके अतिरिक्‍त पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गाजियाबाद में कार्यालय के काम काज को पेपर लेस करने किया जा रहा है। यहां तक कि सिपाही से लेकर पुलिस कमिश्नर तक का अवकाश संबंधी प्रार्थना पत्र से लेकर अवकास को स्‍वीकृ‍त किए जाने तक की पूरी प्रक्रिया को ऑन लाइन कर दिया गया है। इससे समय और कागज, दोनों की बचत होती है। प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का अनावश्‍यक दखल से नहीं होता है।

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