गाज़ियाबाद

जीडीए के तक पहुंचे डिजिटल फ्रॉड करने वालों के हाथ, उपाध्‍यक्ष ने जनहित में लिया बड़ा फैसला, जानिए क्‍या है पूरा मामला ?

Digital fraudsters have reached GDA, Vice President takes a big decision in public interest, know what is the whole matter?

Panchayat 24 (गाजियाबाद) : गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की आधिकारिक वेबसाइट की तर्ज पर एक भ्रामक डोमेन नाम तैयार करने की कोशिश का मामला सामने आया है। प्राधिकरण ने इसे गंभीर साइबर सुरक्षा मुद्दा मानते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की और संबंधित साइबर क्राइम सेल में एफआईआर दर्ज कराई है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी संस्थाओं के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को गुमराह करने की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय है।

दरअसल, प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि उसकी अधिकृत वेबसाइट केवल gdaghaziabad.in है, जबकि FCFS (फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व) पोर्टल का आधिकारिक वेब पता gdafcfs.gdaghaziabad.in है। इसके अतिरिक्त किसी अन्य समान या मिलते-जुलते नाम वाली वेबसाइट का जीडीए से कोई संबंध नहीं है।

प्राधिकरण के उपाध्‍यक्ष नंदकिशोर कलाल के अनुसार किसी अज्ञात व्यक्ति या समूह ने जीडीए की वेबसाइट से मिलता-जुलता डोमेन नाम पंजीकृत कराने का प्रयास किया, जिससे आम नागरिकों के साथ धोखाधड़ी या भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी। मामले की जानकारी मिलते ही तकनीकी टीम को सक्रिय किया गया और कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ की गई।

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के निर्देश पर यह भी तय किया गया है कि भविष्य में किसी प्रकार की फर्जी या भ्रामक वेबसाइट बनने की संभावना को रोकने के लिए आधिकारिक डोमेन से मिलते-जुलते सभी संभावित वेब पतों को प्राधिकरण द्वारा क्रय किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य साइबर ठगी की आशंका को पूरी तरह समाप्त करना है।

जीडीए ने नागरिकों, आवेदकों और संपत्ति से संबंधित सेवाएं लेने वाले लोगों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत पोर्टल का ही उपयोग करें। किसी भी संदिग्ध लिंक, सोशल मीडिया संदेश या अनजान वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। किसी प्रकार की शंका होने पर सीधे प्राधिकरण के आधिकारिक माध्यमों से ही संपर्क करें।

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