नोएडा प्राधिकरण

मेघदूतम पार्क के पेड़ों में लगी आग के पीछे कौन ? घटना ने नोएडा शहर के पार्कों पर नई चर्चा को किया शुरू

Who is behind the fire in the trees of Meghduttam Park? The incident started a new discussion on the parks of Noida city

Panchayat 24 : नोएडा शहर को कई बातें विशेष बनाती है। यहां के रमणीक पार्कों की काफी चर्चा होती है। कुछ दिन पूर्व तक मेरा भी यही मानना था। सेक्‍टर-15 ए के सामने नोएडा को दिल्‍ली से जोड़ने वाली मुख्‍य सड़क के किनारे यमुना रिवर फ्रंट के किनारे स्थित अमिताभ पार्क का भ्रमण करने के बाद मेरा भ्रम टूट गया। यह पार्क अपनी बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। सेक्‍टर-50 में साल 2024 में 27 एकड़ क्षेत्रफल पर मेघदूतम पार्क का नोएडा प्राधिकरण द्वारा निर्माण किया गया था। पार्क में बादल और और मेघदूतम आकृति बताती हैं कि इसका नाम महाकवि कालीदास के महाकाव्‍य मेघदूतम पर रखा गया है। पार्क में रहस्‍यमयी तरीके से वीरवार देर शाम लगी आग की घटना ने एक बार फिर नोएडा शहर के पार्कों की ओर ध्‍यान आकर्षित किया है।

मेघदूतम पार्क शहर का एक शानदार और आकर्षक पार्क है। यहां ओपन जिम के पास पेड़ों में आग लगने की घटना के बाद शुक्रवार को पार्क का दौरा किया। तेज बारिस में घटनास्‍थल पर पहुंचकर जले हुए पेड़ों को देखते ही आभास हुआ कि आग लगने की घटना सामान्‍य नहीं है। पार्क में तैनात सुरक्षाकर्मी ने बताया कि वह पार्क में घुमकर गेट पर पहुंचा ही था कि आसपास के लोगों ने पार्क के पेड़ों में भीषण आग लगने की सूचना दी। सुरक्षाकर्मी का भी मानना है कि किसी ने यह आग जानबूझकर लगाई है। उद्यान विभाग के निदेशक आनंद मोहन ने भी पार्क के कुछ चुनिंदा पेड़ों में लगी आग की घटना  परआशंका व्‍यक्‍त की है। उनका कहना है कि यह आग किसी के द्वारा लगाई गई है। मौसम भी इस बात की अनुमति नहीं देता है कि यह मान लिया जाए कि यह आग स्‍वत: किसी कारण लगी होगी।

ऐसे में कई सवाल पैदा होते हैं। क्‍या यह आग किसी शराती अथवा असामाजिक तत्‍व ने लगाई है ? क्‍या घटना को पार्क से प्रत्‍यक्ष अथवा अप्रत्‍यक्ष रूप से जुड़े किसी व्‍यक्ति ने निजी वैमनस्‍य से अंजाम दिया है ? क्‍या प्राधिकरण का भ्रष्‍टाचार अथवा उदासीनता किसी तरह से इसके लिए जिम्‍मेवार है ? पार्क में पेड़ों को आग लगाने के पीछे किसी का क्‍या उद्देश्‍य हो सकता है ? खैर, यदि घटना की बारीकी से जांच हुई तो इसका रहस्‍योदघाटन हो सकता है। हालांकि मुझे इसकी उम्‍मीद कम ही है।

पेड़ों में लगी आग की घटना ने नोएडा शहर के पार्कों दशा को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू कर दी है। दरअसल, नोएडा शहर के पार्क शहर की अमूल्‍य धरोहर हैं। इनके निर्माण पर अरबो रूपये खर्च किए गए हैं। करोड़ों रूपये हर साल इनके रख रखाव पर खर्च होते हैं। इसके बावजूद यदि शहर का प्रतिष्ठित अमिताभ पार्क अपनी बदहाली की दांस्‍ता बयां करता है। मेघदूतम जैसे रमणीक पार्क के पेड़ों में आग लगने की घटना घटती है। यह विचारणीय प्रश्‍न है। मानव अपनी जरूरत को प्रस्‍तुत कर सकता है। पेड़ पौधों के साथ ऐसा नहीं है, लेकिन इनकी हमारे जीवन में बड़ी उपयोगिता है। शायद यही कारण है कि पेड़ पौधों और पार्कों के नाम पर बड़े बड़े बजट पारित होते है। यह कुछ लोगों के लिए अवसर भी है।

मेघदूतम पार्क की निरीक्षण के दौरान प्रतीत हुआ कि पार्क की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी अपर्याप्‍त हैं। पता चला कि यहां अनैतिक गतिविधियां भी होती हैं। सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोकटोक किए जाने पर उनके साथ अभद्रता होती है। हाथापाई की नौबत भी आती है। इससे पता चलता है कि पार्क की सुरक्षा व्‍यवस्‍था बहुत ही लचर है। यहां भविष्‍य में कोई बड़ी अपराधिक वारदात भी हो सकती है। नोएडा शहर के पार्कों का निरीक्षण किया जाए तो पता चलेगा कि कई पार्क अमिताभ पार्क और मेघदूतम पार्क जैसी समस्‍याओं से ग्रसित हैं।

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