यूपीसीडा के आवसीय सेक्टरों की बदलेगी दशा, ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों को देंगे टक्कर, 243 करोड़ का बजट जारी
ग्रेटर नोएडा के यूपीसीडा क्षेत्रों में 243 करोड़ से होंगे विकास कार्य, बदलेगा औद्योगिक व आवासीय सेक्टरों का स्वरूप
Panchayat 24 (ग्रेटर नोएडा) : उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने आगामी वित्त वर्ष 2026-27 में ग्रेटर नोएडा स्थित अपने औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों के कायाकल्प की बड़ी योजना तैयार की है। इस योजना के तहत सूरजपुर और कासना क्षेत्र में स्थित चार प्रमुख औद्योगिक सेक्टरों सहित आवासीय सेक्टरों में कुल 243 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे। इससे संबंधित प्रस्ताव क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा मुख्यालय को भेज दिए गए हैं।
गौरतलब है कि गौतमबुद्धनगर जिले में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे औद्ययोगिक विकास प्राधिकरण औद्ययोगिक एवं नगरीय विकास यूपीसीडा (पूर्व में यूपीएसआईडीसी) की मौजूदगी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के गठन से भी पहले की है। सूरजपुर और कासना क्षेत्र में डीसीएम टोयोटा, एस्कॉर्ट यामाहा, शीला फोम, स्टालियन शॉकर और डेन्सो जैसी कई बड़ी और विदेशी भागीदारी वाली औद्योगिक इकाइयों की स्थापना यूपीसीडा के माध्यम से ही हुई थी। उस दौर में नोएडा क्षेत्र में अपेक्षाकृत छोटी औद्योगिक इकाइयां विकसित हो रही थीं।
हालांकि, लंबे समय तक यूपीसीडा के अधीन विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की कमी महसूस की जाती रही, जबकि नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा विकसित सेक्टर बेहतर नियोजन के उदाहरण माने जाते थे। निगम से प्राधिकरण बनने के बाद यूपीसीडा की कार्यप्रणाली में अब स्पष्ट बदलाव देखने को मिल रहा है। पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी मयूर माहेश्वरी और वर्तमान मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद के नेतृत्व में औद्योगिक एवं आवासीय सेक्टरों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, यूपीसीडा ने अपने क्षेत्रों के विकास के लिए इस बार संसाधनों का व्यापक उपयोग करने का निर्णय लिया है। सड़कों, जल निकासी, हरित क्षेत्रों के साथ-साथ सेक्टरों के सौंदर्यीकरण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सभी औद्योगिक सेक्टरों के लिए आकर्षक प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं, ताकि उन्हें एक नई और विशिष्ट पहचान मिल सके।
योजना के तहत सूरजपुर और कासना क्षेत्र के औद्योगिक सेक्टर बी, सी, साइट-4, साइट-5, निर्यात प्रोत्साहन औद्योगिक पार्क (ईपीआईपी) तथा साइट-सी के आवासीय सेक्टरों में विकास कार्य कराए जाएंगे। इन कार्यों में सड़क निर्माण, नालियों का सुधार, पार्कों का विकास और पेयजल आपूर्ति के लिए ओवरहेड टैंक शामिल हैं।
क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल कुमार शर्मा के अनुसार, ईपीआईपी क्षेत्र में श्रमिकों के लिए आवासीय भवन, कौशल विकास केंद्र, महिला श्रमिकों के बच्चों के लिए क्रेच, कमांड कंट्रोल सेंटर, अग्निशमन व्यवस्था के लिए भूमिगत जलाशय और सामुदायिक भवन का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके अलावा, साइट-सी आवासीय सेक्टरों में गंगाजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगभग पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि गंगाजल आपूर्ति को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठकों की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इन योजनाओं के पूर्ण होने से न केवल औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यहां रहने वाले लोगों और श्रमिकों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
