गांवों का जलभराव ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के लिए बना चुनौती, चेन्नई के विशेषज्ञों ने किया तिलपता और सूरजपुर का सर्वे
Waterlogging in villages became a challenge for Greater Noida Authority, Chennai experts conducted a survey of Tilpata and Surajpur

Panchayat 24 : ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के लिए कुलेसरा से लेकर सूरजपुर और तिलपता तक कई गांवों का जलभराव चुनौती बन गया है। प्राधिकरण को चाहकर भी गांवों के जलभराव की समस्या का समाधान नहीं सूझ रहा है। प्राधिकरण ने अब इस समस्या के समाधान के लिए चेन्नई के विशेषज्ञों से मदद मांगी है। शनिवार को इस विशेषज्ञों के इस दल ने तिलपता और सूरजपुर गांवों के जलभराव का सर्वेक्षण किया। इस दौरान प्राधिकरण के अधिकारियों की टीम के साथ दादरी विधायक तेजपाल सिंह नागर एवं तिलपता गांव निवासी भागमल सूबेदार,बीरपाल आर्य,बलराज भाटी(सांसद प्रतिनिधि),अजीत प्रधान,जयपाल सिंह,दुष्यंत भाटी,संजू भाटी,रहीस राम भाटी,अमित खारी, भोला, सुमत भाटी आदि उपस्थित रहे।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिसूचित गांवों में जलभराव की भारी समस्या है। इन गांवों के विकास की जिम्मेवारी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ही कंधों पर हैं। इसके बावजूद कई गांव जल भराव की समस्या से जुझ रहे हैं। इनमें कई ऐसे गांव है जहां सामान्य दिनों में भी जलभराव की समस्या बनी रहती है। बरसात के दिनों में यह समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। लोग लगातार प्राधिकरण से इस समस्या के समाधान के लिए मांग करते रहे हैं। इन गांवों की सड़कों पर जलभराव की समस्या के चलते ग्रामीणों एवं यात्रियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय विधायक तेजपाल सिंह नागर कई बार इस बारे में प्राधिकराण के अधिकारियों और शासन स्तर पर जल भराव की समस्या को उठा चुके हैं।
यीडा के रन्हेरा गांव में हुई जल त्रासदी के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खड़े हुए कान
बता दें कि यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अधिसूचित रन्हेरा गांव में हुई जलभराव के चलते गांव पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। गांव में खेत पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। घरों में एक से दो फीट पानी भर चुका है। कई स्थानों तीन से चार फीट पानी भर चुका है। रन्हेरा गांव में आई इस जल त्रासदी की गूंज शासन स्तर तक पहुंच चुकी है। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के गांवों के विकास के दावों की पोल शुल चुकी है। रन्हेरा गांव के बाहर सिंचाई विभाग द्वारा तैयार किए गए नाले के निर्माण में 17 करोड़ के निर्माण की बंदरबांट की बातें सामने आ रही है। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की जमकर किरकिरी हो रही है। ऐसे में ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के भी गांवों में जल भराव की समस्या को लेकर कान खड़े हो गए हैं। प्राधिकरण ने स्थानीय जनप्रतिनिधि, विशेष रूप से विधायक तेजपाल सिंह नागर द्वारा उठाई जाती रही जल भराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए चेन्नई के एक विशेषज्ञ दल से इस बारे में चर्चा की। यह दल गांवों में जल भराव की समस्या का अध्ययन कर समाधान तलाशने में प्राधिकरण की मदद करेगा।
स्थानीय विधायक ने कहा कि सर्वेक्षण के बाद बनाई जाएगी प्रभावी योजना
स्थानीय विधायक तेजपाल सिंह नागर सर्वेक्षण के दौरान विशेषज्ञ टीम के रहे। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य जलभराव की समस्या के कारणों को समझना और इसका स्थायी समाधान निकालना है जिससे भविष्य में स्थानीय लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना न पड़े। उन्होंने कहा कि इस पहल से गांवों के समग्र विकास की दिशा में एक नई राह खुल सकती है। सर्वेक्षण के निष्कर्षों के आधार पर जल्द ही एक प्रभावी योजना बनाई जाएगी, जिसका क्रियान्वयन प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस सर्वेक्षण के सफल क्रियान्वयन को लेकर ग्रामीणों में जलभराव की समस्या से निदान पाने की काफी उम्मीदें हैं।