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यूपी को कभी देश के विकास में बैरियर माना जाता था, आज देश के ग्रोथ इंजन के रूप में पहचान : योगीआदित्‍यनाथ

UP was once considered a barrier in the development of the country, today it is recognized as the growth engine of the country: Yogi Adityanath

Panchayat 24 : यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2024 के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सात वर्ष पहले देश के विकास का बैरियर माना जाता था, लेकिन आज यह देश के विकास के ग्रोथ इंजन के रूप में जाना जा रहा है। इसमें एमएसएमई सेक्टर की बड़ी भूमिका है। कोई भी बड़ा औद्योगिक निवेश बिना एमएसएमई बेस के आगे नहीं बढ़ सकता है। देश की सबसे बड़ी आबादी के साथ ही उत्तर प्रदेश एमएसएमई की सर्वाधिक यूनिट रखने वाला भी राज्य है। पार्टनर कंट्री के रूप में वियतनाम के सहभागी बनने पर मुख्यमंत्री जी ने धन्यवाद ज्ञापित किया और वियतनाम के डेलीगेट्स से मुलाकात भी की।

यूपी में कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार एमएसएमई क्षेत्र में सृजित हुए हैं

एक सर्वे के अनुसार यूपी के 75 जनपदों में 96 लाख एमएसएमई यूनिट है। कृषि के बाद यूपी में यह सर्वाधिक रोजगार सृजन करने वाला क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि सैकड़ों वर्ष से अलग-अलग क्षेत्रों में यूपी के अंदर रोजगार सृजन के लिए हस्तशिल्पियों, कारीगरों ने इन्हें बढ़ाने में योगदान दिया था, लेकिन आजादी के बाद उचित प्रोत्साहन के अभाव व समय पर तकनीक न मिलने से वे बंदी के कगार पर पहुंच चुके थे। 2017 में उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री के नेतृत्व, मार्गदर्शन में आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के विजन को धरातल पर उतारने के लिए अनेक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया गया। इसमें ओडीओपी के रूप में सभी 75 जनपदों का यूनिक प्रोडेक्ट तय किया। इसके प्रोत्साहन, ब्रांडिंग, मार्केटिंग, डिजाइनिंग, पैकेजिंग, टेक्नोलॉजी से जोड़ने के लिए अभियान को बढ़ाया गया। यूपी में यह रोजगार सृजन के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है।

यूपी में कोरोना काल में 40 लाख कामगारों की स्किल मैपिंग कराकर रोजगार से जोड़ा

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोरोना के दौरान यूपी के श्रमिक अलग-अलग राज्यों में कार्य कर रहे थे। उनके सामने आजीविका का भीषण संकट खड़ा हुआ था। इन्हें लेकर देश चिंतित था, लेकिन मैं निश्चिंत था कि यूपी में इतना पोटेंशियल है कि 40 लाख नहीं, 4 करोड़ लोग भी आएंगे तो यूपी इन्हें जगह देगा। यूपी में प्रवेश करते ही सभी 40 लाख कामगारों की स्किल मैपिंग कराई गई और हर जनपद को इसका डाटा उपलब्ध कराने के साथ संबंधित यूनिट में कार्य का ऑफर दिया गया। इन लोगों ने आकर यूपी की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। उन्हांेने कहा कि मा0 प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में भारत की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर बनाने के अभियान के साथ ही यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने की दिशा में प्रदेश तेजी से बढ़ रहा है।

यूपी में सर्वाधिक 75 जीआई टैग 

योगीआदित्‍यनाथने कहा कि यूपी में ऑनलाइन पंजीकरण के बाद यदि कोई एमएसएमई यूनिट आपदा का शिकार होती है तो राज्य शासन की तरफ से उसे पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराते हैं। प्रदेश में फ्लैटेड फैक्ट्री और निजी क्षेत्र में प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क के निर्माण की कार्रवाई तेजी के साथ बढ़ी है। ओडीओपी योजना की सफलता के साथ ही यूपी के पास सर्वाधिक 75 जीआई टैग हैं। प्रोत्साहन के अभाव में जो उत्पाद दम तोड़ रहे थे, आज उसे आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। यूपी के अलग-अलग सेक्टर में भी अनेक कार्य हुए हैं। यूपी का जो प्रोडक्शन है, उन्हें भी शोकेस का अवसर यूपीआईटीएस उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि पांच दिन तक जी2जी, जी2बी सहित अनेक कार्यक्रम होंगे, जो न केवल यूपी के पोटेंशियल, बल्कि सांस्कृतिक-सामाजिक विविधता के विभिन्न पक्षों को प्रदर्शित करने के साथ ही उचित फोरम के रूप में स्थापित भी करेंगे। यह यूपी के उद्यमियों के लिए अपने प्रोडक्ट को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर होगा।

यूपी की नई पहचान एक्‍सप्रेस-वे, एयरपोर्ट तथा तेजी से होते ढांचागत विकास के रूप में हो रही है

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यूपी न केवल एमएमएमई के बेहतरीन बेस, बल्कि बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी जाना जा रहा है। वर्तमान में यूपी में छह एक्सप्रेसवे कार्य कर रहे हैं, सात पर कार्य चल रहा है। प्रदेश में 11 एयरपोर्ट कार्यरत हैं, 10 पर कार्य चल रहा है। 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट क्रियाशील है, जबकि देश के सबसे बड़े नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को इस वर्ष तक बनाने का लक्ष्य है। देश का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे भी पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी से जोड़ रहा है। प्रयागराज महाकुंभ-2025 से पहले इसे क्रियाशील करने के लिए प्रयासरत हैं। रेल व सड़क का सबसे बेहतरीन नेटवर्क यूपी के पास है। यूपी सुदृढ़ कानून व्यवस्था के साथ ही स्किल और अनस्किल मैनपॉवर का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है।

यूपीआईटीएस-2024 में लगाए गए हैं 25 सौ स्‍टॉल

ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के द्वितीय संस्करण का आयोजन किया जा रहा है। इसमें रक्षा, कृषि, ई-कॉमर्स, आईटी, जीआई, शिक्षा, अवस्थापना, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, डेयरी उद्योग आदि के 25 सौ स्टॉल लगाए गये हैं। एमएसएमई क्षेत्र को ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए इस ट्रेड शो का आयोजन लगातार दूसरे साल किया जा रहा है। इस वर्ष यूपीआईटीएस में लगभग 70 देशों का प्रतिभाग और 4 लाख फुटफॉल की संभावना है। इसके अतिरिक्त यूपीआईटीएस में खादी के परिधानों का फैशन शो और कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया जाएगा। ट्रेड शो में प्रदेश के निर्यातकों, ओडीओपी और महिला उद्यमियों का प्रतिभाग बड़े स्तर पर हो रहा है। इससे छोटे उद्यमियों को ग्लोबल शोकेस मिलेगा।

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