ग्रेटर नोएडा जोन

सावधान : मुकेश के मासूम बेटे की नासमझी से खाते से निकल गए 30 लाख, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे हो ऐसी गलती ?

Caution: Due to the carelessness of Mukesh's innocent son, Rs 30 lakhs were withdrawn from the account, are you also making the same mistake?

Panchayat 24 : गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट लगातार लोगों को साइबर ठगी के प्रति सचेत कर रही है। पुलिस की ओर से एक घटना को शेयर कर समझाने का प्रयास किया है कि कैसे साइबर संसार में जाने अंजाने में की गई छोटी सी गलती आपको कितनी भारी पड़ सकती है। संभव है पुलिस द्वारा साझी की गई यह कहानी सत्‍य हो अथवा यह काल्‍पनिक भी हो सकती है। इसके बावजूद साइबर ठगी का शिकार होने से बचने के लिए यह बहुत ही ज्ञानवर्धक है।

क्‍या है पूरी कहानी ? 

एक व्‍यक्ति मुकेश (काल्पनिक नाम), जिसकी आयु लगभग 50 वर्ष है, गौतमबुद्धनगर जिले में अपने परिवार के साथ सुखी जीवन जी रहे थे। एक दिन उसने अपनी पत्नी को वादा किया कि वह उसके लिए एक नया घर खरीदेगा जिसमें वह और उसका परिवार आराम से रहेगा। वह शहर में अपने किराये के घर से नजदीक एक बैंक जाता है और अपनी पत्नी व अपना जॉइन्ट खाता खुलवाता और बैंक के कर्मचारियों से बात कर होम लोन लेने के लिए प्रयास करता है। बहुत प्रयास करने के बाद उसको होम लोन मिल जाता है और होम लोन का पैसा जॉइन्ट खाते में आता है।

एक दिन मुकेश का फोन उसके 4 वर्षीय बच्‍चा विराज (काल्पनिक नाम) के पास था। गेम खेलते खेलते कब बच्चा टेलीग्राम आईडी ओपन करके उनके साथ जुड गया, यह किसी को पता नहीं चला। (यूजरनेम @TiktokRegionalDirector007, @tiktok00215  ,@jaithliya218888, @IBTax01 tlegram ) विराज ने फोन में एपीके फाइल डाउन लोड भी कर ली जिससे मोबाईल का पूरा एक्सेस साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह के पास चला गया।

कुछ ही देर में मुकेश के बैंक खाते से अपने आप रूपये ट्रांसफर होने लगे। अलग अलग तारीखों में 64 बार में कुल 30 लाख रुपये मुकेश के खाते से निकाल लिये गये। इसके बाद मुकेश को आभास हुआ कि उसे साथ कोई धोखाधड़ी हुई है। तब तक काफी देर हो चुकी थी। इस तरह से मुकेश को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है बैंक से प्राप्त लोन का पैसा भी चला गया और अब बैंक का ईएमआई भी भरनी पड़ रही है और जीवन के सपने भी अधूरे रह गये। जिसके बाद cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करा दी। इस कहानी से भाव यही है कि साइबर संसार में सतर्कता ही समाधान है।यदि किसी को साइबर अपराध का शिकार हो जाता है, तो cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं और तुरंत उचित कदम उठाएं। साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए सतर्क रहें और अपने परिवार को भी सुरक्षा के उपायों के बारे में बताएं।

साइबर अपराध से बचाव के लिए निम्नलिखित सावधानियों का पालन करना चाहिए

1. किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें

कभी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। यह लिंक आपके फोन या कंप्यूटर में मालवेयर या वायरस को प्रवेश करने का मौका दे सकते हैं।

2. अनजान ग्रुप से न जुड़ें

अनजान ग्रुप्स से जुड़ने से पहले उनकी प्रामाणिकता की जानकारी जरूर लें। किसी ग्रुप में शामिल होने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वह ग्रुप सुरक्षित और विश्वसनीय है।

3. बच्चों को मोबाइल देते समय सावधानी बरतें

बच्चों को मोबाइल देने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वे केवल सुरक्षित और निर्धारित ऐप्स का ही उपयोग करें। उनका उपयोग निरंतर निगरानी में होना चाहिए।

4. ऑनलाइन इंटरनेट बैंकिंग के ऐप्स का पासवर्ड गूगल पर न सेव करें

अपने इंटरनेट बैंकिंग के पासवर्ड को गूगल पर या मोबाइल में सेव न करें, क्योंकि यह आपके खाते को सुरक्षित नहीं रखता है। पासवर्ड हमेशा सुरक्षित स्थान पर ही रखें।

5. बच्चों को मोबाइल निगरानी में ही इस्तेमाल करने दें

बच्चों को मोबाइल का उपयोग केवल माता-पिता की निगरानी में ही करने दें। यह सुनिश्चित करता है कि वे साइबर अपराध से बच सकें और सुरक्षित तरीके से मोबाइल का उपयोग करें।

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