यातायात माह 2024 : उत्साहवर्धक शुरूआत के बाद अभियान पर लगा ग्रहण, फिर भी दिखे सकारात्मक बदलाव, बेहतर परिणाम के लिए पुलिस से ही उम्मीद क्यों ?
Traffic Month 2024: After an encouraging start, the campaign is eclipsed, yet positive changes are seen, why is the police expected to give better results?

डॉ देवेन्द्र कुमार शर्मा
Panchayat 24 : गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने एक महीना पूर्व यातायात माह 2024 अभियान की उत्साहवर्धक शुरूआत की थी। सकारात्मक सोच के साथ पुलिस विभाग ने यातायात माह को आगे बढ़ाया। यातायात नियमों का पालन करने के लिए लोगों के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने सड़क पर यात्रा के दौरान वाहन चालकों को अपने अपनों के लिए अपने जीवन का मूल्य समझाते हुए बी सेल्फिस का नारा दिया। लोगों ने इसको काफी सराहा। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की गई। यातायात माह-2024 में कुल 3,19,233 वाहनों के चालान किये गये। यह कार्रवाई यातायात माह-2023 की अपेक्षा 67697 प्रर्वतन अथवा चालानी कार्यवाही अधिक रही। इस अभियान के शुरूआती चरण में पुलिस के बीच काफी जोश दिखाई दिया।
यातायात माह 2024 अभियान धीरे-धीरे आगे बढ़ा। अभियान अभी अपने मध्य तक भी नहीं पहुंचा था कि कुछ ऐसी घटनाएं घटी जिनसे अभियान पर ग्रहण लग गया। पुलिस जांच में भी ट्रेफिक पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई। विभाग द्वारा कार्रवाई भी की गई। यातायात माह 2024 के दौरान डीसीपी ट्रेफिक को हटाया जाना इस अभियान की उपलब्धियों के लिए एक और ग्रहण बन गया। इन घटनाओं का प्रभाव यातायात माह अभियान पर दिखा। 30 नवंबर को एक औपचारिक कार्यक्रम में अभियान का समापन हो गया। इस कार्यक्रम में वह उत्साह नहीं दिखा जो अभियान के शुरूआती कार्यक्रमों में दिखाई दिया।
इस सबके बावजूद पुलिस के यातायात अभियान के दौरान कई सकारात्मक बदलाव दिखे। सामान्य दिनों की अपेक्षा यातायात माह 2024 के दौरान सड़क पर अधिक पुलिस और ट्रेफिककर्मी दिखाई दिए। यह पुलिस के प्रयासों का ही परिणाम था कि जिले में ट्रेफिक जाम के लिए बदनाम हो चुके स्थानों पर ट्रेफिक सामान्य रहा। पुलिस ने हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर हादसों का कारण बनने वाले वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए। सड़क किनारे खड़े वाहन अक्सर हादसों का कारण बनते हैं। पुलिस ने इस समस्या पर भी सकारात्मक कार्रवाई की। अतिक्रमण पर यातायात माह 2024 के दौरान भी पुलिस सजग दिखी। अवैध पार्किंग पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने दादरी, रबूपुरा और जेवर जैसे पुराने नगरों में ट्रेफिक की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के गंभीर प्रयास किए।
यातायात माह 2024 का समापन कई सवाल भी छोड़ गया है। क्या यातायात माह 2024 के दौरान पुलिस के प्रयासों का कोई स्थायी परिणाम निकलेगा ? इस अभियान के दौरान पुलिस ने कई सकारात्मक प्रयास किए हैं जिसका परिणाम भी दिखा है। सवाल उठता है कि यह परिणाम आगे भी बने रहेंगे या फिर यातायात माह 2024 के समापन के साथ व्यवस्था पुराने ढर्रे पर वापस लौट आएगी ? यातायात माह 2024 के दौरान एक अनुभव रहा कि पुलिस से लोगों की बहुत अधिक अपेक्षाएं हैं। इन अपेक्षाओं का पुलिस पर काफी दबाव हैं।
प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से इन अपेक्षाओं की पूर्ति में पुलिस विभाग की अपेक्षा जिला प्रशासन, प्राधिकरण, नगरपालिका और नगर पंचायतों के साथ स्वयं लोगों की बड़ी भूमिका है। बिना इनके सहयोग के पुलिस आम लोगों की अपेक्षाओं की पूर्ति कर पाने में असमर्थ है। सड़क पर चलते समय जब तक लोग बिना भय और दबाव के यातायात नियमों का पालन नहीं करेंगे तब तक यातायात माह जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। स्थानीय निकायों और प्राधिकरणों को राजनीतिक लाभ और हानि तथा निजी स्वार्थ का विचार किए बिना सड़क पर होने वाले अतिक्रमण पर कार्रवाई करनी होगी। जन सरोकार के लिए सहुलियतें प्रदान करनी होंगी। लोगों के लिए ऐसी व्यवस्थाए बनानी चाहिए जिससे लोग सड़क पर अतिक्रमण के लिए मजबूर न हो।
यह बात सही है कि व्यवस्था में पुलिस विभाग की अहम भूमिका है। इसके बावजूद व्यवस्था के सभी अंग एक दूसरे के पूरक हैं। बिना एक दूसरे का सहयोग किए अपनी भूमिका का सार्थक निर्वहन नहीं कर सकते हैं। ऐसे में स्थानीय नगर निकाय, जिला प्रशासन और नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यमुना प्राधिकरण यातायात व्यवस्था को बनाने के लिए सबकुछ पुलिस विभाग पर छोड़कर इतिश्री नहीं कर सकते हैं। वहीं, यह बात पुलिस विभाग पर भी लागू होती है। सड़क पर यातायात नियमों का पालन कराने के नाम पर अपनी भूमिका का आम लोगों पर अनावश्यक दबाव कतई न बनाए। कई बार देखा जाता है कि पुलिस द्वारा विभाग की ओर से मिले टारगेट को पूरा करने के नाम पर मामूली गलतियों को बड़ा मुद्दा बनाकर लोगों पर अनावश्यक कानूनी कार्रवाई की जाती है। कई बार पुलिस द्वारा अनैतिक लाभ के लिए लोगों को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया जाता है।