ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण

खबर का असर : शासन ने ग्रेटर नोएड प्राधिकरण भेजे आठ लेखपाल, अतिक्रमण और अवैध कब्‍जों पर कार्रवाई के लिए पीएसी की मांग

The government sent eight lekhpals to Greater Noida Authority, demanded PAC to take action against encroachment and illegal occupation

Panchayat 24 : ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण अधिग्रहित एवं अधिसूचित जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण और अवैध कब्‍जों को लेकर बड़ी कार्य योजना पर काम कर रहा है। सबकुछ ठीक रहा तो महाकुंभ के संपन्‍न होते ही प्राधिकरण भूमाफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों पर कड़ी कार्रवाई करेगा। दरअसल, प्राधिकरण के पास क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण, कब्‍जा और अतिक्रमण का लेखा जोखा है। इसके बावजूद प्राधिकरण बिना पूरी तैयारी के आधी अधूरी कार्रवाई करने से बच रहा है।

क्‍या है पूरा मामला ?

प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट से बड़ी संख्‍या में पुलिस बल को मेला व्‍यवस्‍था बनाने के लिए लगाया गया है। जिले में पुलिस बल का काफी अभाव है। अवैध कॉलोनाइजरों और भूमाफियाओं को इसकी पूरी जानकारी है। परिणामस्‍वरूप बड़ी तेजी से ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा फेस-दो क्षेत्र में अवैध निर्माण की बाढ़ आ गई है। तुस्‍याना से लेकर सुनपुरा, वैदपुरा, सादुल्‍लापुर, सादौपुर, अच्‍छैजा, धूममानिकपुर और चिटेहरा आदि गांवों में कॉलोनाइजरों और भूमाफियाओं और बिल्‍डरों द्वारा अवैध प्‍लॉटिंग एवं निर्माण तेजी से कर रहे हैं। प्राधिकरण की अधिग्रहित जमीन और सरकारी रास्‍तों पर भी कब्‍जा कर लिया गया है।

पंचायत 24 की खबर का हुआ असर, शासन ने 8 लेखपाल ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण भेजे

प्राधिकरण की फील्‍ड यूनिट भी भूमाफियाओं और कॉलोनाइजरों के साथ मिलकर अवैध कब्‍जों और अवैध निर्माण में प्रत्‍यक्ष अप्रत्‍यक्ष सहयोग कर रही है। प्राधिकरण के लेखपालों की भूमिका पर भी लगातार सवाल खड़े होते रहे हैं। लेखपालों की कमी के कारण प्राधिकरण में तैनात लेखपाल मनमानी करते हैं। कई बार उनके कर्तव्‍य विमुख होने के कारण प्राधिकरण कार्रवाई करने में असफल रहता है। प्राधिकरण ने अपनी बड़ी कार्रयोजना के अन्‍तर्गत सबसे पहले शासन से पर्याप्‍त संख्‍या में लेखपालों की मांग की थी।

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जमीन एवं राजस्‍व के मामलों में लेखपाल की अहम भूमिका होती है, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के लेखपाल की तो बात ही अलग है

प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के प्रयासों का ही परिणाम है कि शासन ने प्रयागराज, हमीरपुर, भदोही, कुशीनगर व जौनपुर से छ: पुरूष एवं दो महिला लेखपालों को तीन साल की प्रतिनियुक्ति पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण भेजने का आदेश जारी कर दिया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब इतनी बड़ी संख्‍या में लेखपाल शासन द्वारा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण भेजा है। बता दें कि पंचायत 24 ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण में लेखपालों की मनमानी और भूमाफियाओं तथा अवैध कॉलोनाइजरों को प्रत्‍यक्ष अथवा अप्रत्‍यक्ष सहयोग की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

महाकुंभ से पुलिस बल के वापस लौटने पर अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण पर कार्रवाई होगी तेज

प्रयागराज में महाकुंभ के आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रदेश भर से पुलिस बल को मेला व्‍यवस्‍था में लगाया गया है। गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट से भी पुलिस बल बड़ी संख्‍या में वहां भेजा गया है। ऐसे में कॉलोनाइजरों और भूमाफियाओं द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर उचित कार्रवाई नहीं हो पा रही है। माना जा रहा है कि महाकुंभ के संपन्‍न होने पर जैसे ही पुलिस बल गौतम बुद्ध नगर लौटेगा, प्राधिकरण भूमाफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों द्वारा किए गए अवैध कब्‍जों और अतिक्रमण पर तेजी से कार्रवाई करेगा। हालांकि अनुभव यही बताता है कि अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पुलिस और प्राधिकरण के बीच समन्‍वय का अभाव है।

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प्राधिकरण ने शासन ने अतिरिक्‍त पुलिस बल अथवा पीएसी की मांग की 

बताया जा रहा है कि भूमाफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों के चंगुल से प्राधिकरण की अधिग्रहित एवं अधिसूचित जमीन को बचाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार स्‍थाई समाधान चाहते हैं। उन्‍होंने शासन को इसके लिए प्राधिकरण को अतिरिक्‍त पुलिस बल अथवा पीएसी की मांग की है। बता दें कि प्राधिकरण और पुलिस के बीच समन्‍वय के अभाव के कारण क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे गैरकानूनी निर्माण को लेकर प्रकाशित खबर में प्राधिकरण के लिए अलग से पुलिस अधिकारी एवं पुलिस बल की जरूरत की बात लिखी थी। प्राधिकरण द्वारा शासन अतिरिक्‍त पुलिस बल अथवा पीएसी की मांग उसी दिशा में प्रतीत हो रही है।

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