ग्रेटर नोएडा में आवास से लेकर कारोबार तक हुआ महंगा, प्रॉपर्टी की वर्तमान आवंटन दरों में 5 फीसदी की वृद्धि
Everything from housing to business has become expensive in Greater Noida, current property allotment rates increased by 5%

Panchayat 24 : ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए परिसंपत्तियों की नई आवंटन दरें तय कर दी हैं। इस बार औद्योगिक भूखंडों, आईटी पार्क व डाटा सेंटर, आवासीय, वाणिज्यिक व बिल्डर व संस्थागत, सभी तरह की संपत्तियों की वर्तमान दरों में औसतन पांच फीसदी वृद्धि होगी। आवंटन दरों में वृद्धि पर प्राधिकरण बोर्ड ने मुहर लगा दी है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वित्त विभाग की तरफ से वर्तमान आवंटन दरों मेें 5 फीसदी की वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर बोर्ड ने सहमति दे दी है। वित्त विभाग की तरफ से बताया गया कि ग्रेटर नोएडा में जमीन की मांग काफी बढ़ गई है। निवेशकों को विकसित भूखंड उपलब्ध कराने के लिए जमीन अधिग्रहण व आधारभूत परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। विगत स्कीमों में ऑक्शन से प्राधिकरण को बढ़े हुए रेट प्राप्त हुए हैं। रेट रिवाइज का प्रस्ताव तैयार करने से पहले बाजार दरों का सर्वे कराया गया है। कॉस्ट इनफ्लेशन इंडेक्स और ई ऑक्शन के आधार पर प्राप्त दरों को ध्यान में रखते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विभिन्न परिसंपत्तियों की आवंटन दरों में 5 फीसदी से का इजाफा किया गया है। सेक्टरों की कैटेगरी व प्लॉट साइज के हिसाब से उसी अनुपात में दरों में वृद्धि की गई है।
लिगेसी प्रोजेक्ट की पॉलिसी से अब तक 35494 को मिला मालिकाना हक, बोर्ड के समक्ष बिल्डर विभाग ने प्रस्तुत की ताजा रिपोर्ट
अमिताभ कांत समिति के सिफारिशों के आधार पर रियल एस्टेट के लिगेसी प्रोजेक्ट्स की अड़चनों को हल करने के लिए लाई गई पॉलिसी/पैकेज का अब तक 98 में से 77 बिल्डर परियोजनाओं को लाभ मिला है। इन परियोजनाओं को पूरा कर खरीदारों को उनका आशियाना देने का रास्ता साफ हुआ है। इन 77 परियोजनाओं में शामिल लगभग 76 हजार फ्लैटों में से अब तक 35494 फ्लैटों की रजिस्ट्री हो चुकी है।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा के कुल 98 प्रोजेक्ट्स हैं जो कि अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों पर तैयार पॉलिसी के दायरे में आते हैं। इनमें से 77 परियोजनाओं के लिए 25 फीसदी धनराशि (पूर्ण व आंशिक मिलाकर) जमा कराई गई, जिससे प्राधिकरण को लगभग 1014 करोड़ की बकाया धनराशि प्राप्त हुई है और एक वर्ष में लगभग 1864 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त होने की उम्मीद है। इन 77 परियोजनाओं में 76 हजार फ्लैट हैं, जिनमें से 40003 के लिए कार्यपूर्ति प्रमाणपत्र जारी किया गया है, जिसमें से 35494 फ्लैटों की रजिस्ट्री अब तक हो चुकी है। वहीं जिन बिल्डरों ने इस पॉलिसी का लाभ लेकर भी 25 प्रतिशत धनराशि जमा नहीं की है, उनके विरुद्ध अंतिम नोटिस भी जारी किया गया है। प्राधिकरण चेयरमैन ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से बड़ी संख्या में फ्लैट खरीदारों के नाम रजिस्ट्री कराने की सराहना की।