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आश्‍चर्य : भारत का एक ऐसा गांव जहां सांप को मानते हैं परिवार का सदस्‍य, हर घर में बनवाए जाते हैं सांप के लिए बिल

Ashacharya: A village in India where snakes are considered members of the family, snake holes are made in every house.

Panchayat 24 : भारत में एक ऐसा गांव भी है जहां पर न के वल सांपों के साथ मित्रवत व्‍यवहार किया जाता है, बल्कि उन्‍हें परिवार का सदस्‍य समझा जाता है। इस गांव में बच्‍चे जहरीले सांपों से खेलते हुए दिख जाएंगे। इतना ही नहीं हर घर में सापों के लिए स्‍थान बनाए जाते हैं। यदि नए घर बनवाया गया है तो वहां सांपों के लिए बिल भी बनवाए जाते हैं। सांपों की पूजा की जाती है। हालांकि किसी को भी यह पता नहीं है कि इस गांव में सांपों के साथ रहने की यह परंपरा कब से शुरू हुई है।

क्‍या है पूरा मामला ?

दरअसल, महाराष्‍ट्र के पूणे से लगभग 200 किमी दूर स्थित शोलापुर जिले में स्थित शेतपाल गांव में लोग सांपों की पूजा करते हैं। सांपों को यहां पर भगवान शिव का रूप मानते हैं। सांपों को अपने घरों में स्‍थान देते हैं। इन सांपों में कोबरा एवं अन्‍य जहरीली प्रजाति के सांप भी शामिल हैं। सांपों के घरों में किसी भी समय आने जाने पर लोगों को कोई आपत्ति नहीं होती है। सांप भी यहां पर किसी को कोई नुकसान नहीं पहुहंचाते हैं। घरों का निर्माण कराते समय सांपों क लिए बिल बनवाए जाते हैं जिन्‍हें देवस्‍थान कहा जाता है। सांप भी इतने आदि होते हैं कि चुपचाप इनके लिए बनाए गए देवस्‍थान पर आकर बैठ जाते हैं। लोग पीढी दर पीढी इस परंपरा का निर्वहन करते चले आ रहे हैं। लेकिन सांप इस गांव के लोगों के जीवन का हिस्‍सा बन गए हैं।

गांव में सांप के काटने से नहीं हुई है कोई मौत

बताया जाता है कि इस गांव में सांप के काटने से किसी की भी मौत की कोई सूचना नहीं है। बड़े और बुजुर्ग ही नहीं, छोटे बच्‍चे भी यहां पर इन जहरीले सांपों के साथ खेलते हैं। लोग सांपों को भगवान शिव का रूप मानकर पूजते हैं और दूध पिलाते हैं। सांपों के प्रति यहां के लोगों के मन में श्रद्धा है। शोलापुर जिले में जहां पर शेतपाल गांव स्थित है, वह एक मैदानी क्षेत्र है। यहां का वातावरण सूखा हुआ है। इस प्रकार का वातावरण सांपों के लिए रहने के लिए काफी अनुकूल माना जाता है। यहां के लोग इस बात से भी वाकिफ है कि गांव से बाहर के लोगों को सांप या फिर सांपों को बाहरी लोग नुकसान पहुंचा सकते हैं। गांव के लोग सांपों को नुकसान पहुंचाने से लोगों को रोकते हैं। वहीं बाहरी लोगों से सांपों का कम से कम सामना हो, इसके लिए घरों में निश्चित स्‍थान बनाकर रखते हैं।

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