जिस इंजीनियर बेटे को बनना था मां-बाप का सहारा, उसने ही रची साजिश, नोएडा पुलिस के किया सच्चाई का खुलासा
The engineer son who was supposed to be the support of his parents, he himself hatched the conspiracy, Noida police revealed the truth

Panchayat 24 : नोएडा में एक इंजीनियर की करतूत से परिवार के लोगों के साथ नोएडा पुलिस के होश उड़ गए। जिस इंजीनियर बेटे को मां बाप के बुढापे का सहारा बनना था उसने ही ऐसी साजिश रची कि चिंतित एवं परेशान परिवार के लोग नोएडा पहुंच गए। परिवार के लोगों ने नोएडा पुलिस को पूरा घटनाक्रम बताया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरन्त कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने समझबूझ से मामले का खुलाया किया कर दिया। खुलासे में सामने आई सच्चाई पर परिवार के लोगों के पैरों तले जमीन निकल गई। परिवार के लोगों को पुलिस के खुलासे के बाद लाड़ले बेटे की करतूत सामने आने पर विश्वास कर पाना बहुत आसान नहीं था। बाद में परिवार के लोगों की बेटे की करतूत पर शर्मिंदा होना पड़ा। मामल एक्सप्रेस-वे कोतवाली क्षेत्र का है।
क्या है पूरा मामला ?
नोएडा जोन एडीसीपी मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि एक्सप्रेस-वे कोतवाली क्षेत्र के अन्तर्गत स्थित सेक्टर-134 की जेपी कॉसमॉस हाऊसिंग सोसायटी में मूलरूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर का रहने वाला शुभम गौड़ टीसीएस कम्पनी में बतौर इंजीनियर नौकरी करता था। परिजनों ने पुलिस को बीते 10 सितंबर को शुभम की गुमशुदगी की सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी। पीडित परिजनों ने पुलिस को बताया कि शुभम के फोन से उसकी मां के फोन पर कॉल करके उसके अपहरण किए जाने की बात कही है। उसकी रिहाई की एवज में 50 लाख रूपयों की फिरौती की रकम मांगी गई है। इंजीनियर के अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई। पुलिस ने सवर्लिांस एवं मुखिबर की सूचना पर शुभम को हरियाणा के रेवाड़ी से बरामद कर लिया। पुलिस ने उसके साथ दो अन्य युवक संदीप और निवासी महेन्द्रगढ़ हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया। इस प्रकरण में दो लोग दीपक एवं उधौ फरार चल रहे हैं।
शुभम ने एक महीने पूर्व रची अपने ही अपहरण की साजिश
पुसिस के अनुसार शुभम ने अपने ही अपहरण की साजिश एक महीने पूर्व रची थी। इस साजिश में उसका साथ उसके साथी उधौ निवासी ग्वालियार ने दिया। दरअसल, शुभम शराब व गांजे का खर्चा ही काफी हो जाता है तथा फ्लैट का किराये का खर्चा अलग से होता था। उसकी नौकरी से इसकी पूर्ति नहीं हो रही थी। ऐसे में उसको अधिक रूपयों की जरूरत थी। वहीं, उधौ ने अपने मित्र अंकित , संदीप और दीपक को शामिल कर लिया। उन्हें इस फिरौती के रूप में मिलने वाली रकम में से हिस्सा मिलना तय हुआ था। अंकित की बहन की शादी बीती फरवरी में हुई थी। उसके ऊपर काफी कर्ज था। ऐसे में उसने उधौ द्वारा शुभम के अपहरण की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। वहीं, संदीप, दीपक और उधौ को भी अपनी जरूरतों की पूर्ति के लिए रूपयों की जरूरत थी। ऐसे में उन्होंने भी इस साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। योजना के अनुसार बीते 10 अगस्त को अंकित ने शुभम के मोबाइल पर कॉल करके नंगली सेक्टर-134 स्थित पेट्रोल पम्प पर बुलाया था। यहां पहले से ही एक ब्रेजा कार तैयार खड़ी थी। इसको किराए पर बुलाया गया था। कार में बैठकर हरियाणा के रेवाड़ी चले गए।
फिरौती के रूप में मोटी रकम वसूलने के लिए रची अपने ही अपहरण की साजिश
पुलिसने बताया कि शुभम के दादा एक रजिस्ट्रार थे। उसके पिता का केबल नेटवर्क का अच्छा खासा व्यवसाय था। उसके चाचा का रियल स्टेट का कारोबार है। उनकी कोई संतान नहीं है। ऐसे में उसने अपने शौक पूरे करने के लिए उधौ की मदद से अपने ही अपहरण की साजिश रची। शुभम अपने अपहरण की एवज में माता पिता से 50 लाख रूपये की अच्छी खासी रकम वसूलना चाहता था। इस फिरौती की रकम दे देंगे। शुभम का मानना था कि उसके अपहरण की एवजम में उसके परिवार के लोग सकुशल वापसी के लिए उन्होंने परिजनों को बतया कि शुभम का अपहरण हरियाणा के मेवात गिरोह ने किया है। लेकिन पुलिस की कुशल रणनीति शुभम और उसके साथियों की साजिश पर भारी पड़ गई। आरोपियों को लगा कि उनका भांडा फूटने वाला है। ऐसे में उन्होंने फिरौती की रकम की डिमांड को 50 लाख रूपये से घटाकर महज कुछ हजार रूपयों तक कर दिया।