विज्ञान के बदलते परिदृश्य में रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और सामग्री विज्ञान में उपकरों का नवीनतम उपयोग विषय पर सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
Organized a seven day training program on the latest use of tools in chemistry, biology and materials science in the changing science landscape.
Panchayat24 : एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश द्वारा प्रतिष्ठित डीएसटी स्तुति कार्यक्रम के तत्वाधान में 28 जून से 4 जुलाई तक चलने वाले ‘‘रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और सामग्री विज्ञान में नवीनतम उपकरणो के अनुप्रयोग’’ विषय पर सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किय गया। यह कार्यक्रम मेघालय के शिलांग स्थित नॉर्थ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी में आयोजन किया गया। एक सप्ताह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन स्नातकोत्तर छात्रों, शोधार्थियों, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के संकाय सदस्यों, वैज्ञानिकों और पोस्ट डॉक्टरल शोधकर्ताओं के लिए किया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए 30 शोधकर्ताओ का चयन किया गया है।
बता दें कि नोएडा स्थित एमिटी विश्वविद्यालय को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा परियोजना प्रबंधन इकाई के रूप में ‘वैज्ञानिक और तकनीकी बुनियाद ढांचे का उपयोग करने वाले सिनर्जिस्टिक ट्रेनिंग प्रोग्राम कार्यक्रम से सम्मानित किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिदीप्ति स्पेक्ट्रोस्कोपी, स्कैनिंग इलेक्ट्रान माइक्रोस्कोप, ट्रांसमिशन इलेक्ट्रान माइक्रोस्कोप सहित विभिन्न उपकरणों के बारे में प्रशिक्षण दिया जायेगा
डा नूतन कौशिक ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास की खोज करने का अवसर प्राप्त होगा। प्रो टी एस बासु बाउल ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का विशेष महत्व है क्योकी इसे सीधे विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रायोजित किया गया है। नवीनतमए अत्याधुनिक उपकरणों के उपयोग को सीखकर शोधकर्ता इससे अत्यधिक लांभान्वित होगें जो उनके शोध को सुचारू रूप से संचालन में सहायक होगें। डा अंजलि हलोई द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
एक सप्ताह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ नॉर्थ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी के डीन ऑफ लाइफ सांइसेस डॉ एस बी प्रसाद, एमिटी फूड एंड एग्रीकल्चर फांउडेशन की महानिदेशक डा नूतन कौशिक, रसायन विज्ञान विभाग और सैफ नेहू के प्रमुख और स्तुति कार्यक्रम के चेयरमैन प्रो टी एस बासु बाउल और नॉर्थ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी के परिष्कृत विश्लेषणात्मक उपकरण की डा अंजलि हलोई द्वारा किया गया।