दादरी विधानसभा

कामयाबी : चिटेहरा गांव के युवा का सिविल सेवा में हुआ चयन। किसान परिवार से निकलकर हासिल की कामयाबी

Success: The youth of Chitehra village was selected in the IPS. Achieving success coming out of a farmer's family

Panchayat 24 : कहते है कामयाबी संसाधनों की मोहताज नहीं होती। दिल में कुछ कर गुजरने की चाहत हो तो हर बाधा को आपके सामने सिर झुकाना होता है। इस कहावत को चिटेहरा गांव के आलोक भाटी नामक एक युवा ने चरितार्थ कर दिया है। आलोक का चयन भारत की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में शुमार की जाने वाली सिविल सेवा में चयन हुआ है। आलोक एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। लेकिन उन्‍होंनेे अपनी मेहनत से इस उपलब्धि को हासिल किया है। मुख्‍य परीक्षा में आलोक कुमार को 413वीं रैंक हासिल हुई है। आलोक कुमार का कहना है कि रैंक के आधार पर आईपीएस मिलने की अधिक संभावना है।

आलोक कुमार चिटेहरा गांव निवासी राममूर्ति सिंह के पोते हैं। उनका परिवार अभी भी एक संयुक्‍त परिवार की तरह रहता है। आलोक की प्राथमिक शिक्षा गांव में ही हुई। इसके बाद उन्‍होंने दादरी एनटीपीसी स्थित डीपीएस स्‍कूल से 12वीं की परीक्षा पास की। स्‍तनातक की पढ़ाई के लिए उन्‍होंने दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय स्थित रामजस कॉलेज में प्रवेश लिया। डीयू से उन्‍होंने अर्थशास्‍त्र में बीए ऑनर्स की परीक्षा पास की। इसके बाद उन्‍होंने दिल्‍ली स्‍कूल ऑफ इकॉनामिक्‍स में इकॉनामिक्‍स की पढ़ाई शुरू की। लेकिन असिस्‍टेंड कमांडेंट की ट्रेनिग के कारण उन्‍हें पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी।

हल और कलम से एक साथ निभाई जिम्‍मेवारी

जैसा पहले बताया गया है कि आलोक एक साधारण किसान परिवार से हैं। पिता अजीत सिंह खेतीबाड़ी करते हैं। ऐसे में पिता के काम में भी वह बराबर सहयोग करते थे। लेकिन इसके बावजूद उन्‍होंने कभी भी अपने लक्ष्‍य से ध्‍यान नहीं भटकाया। आलोक शुरू से ही होनहार थे। अत: उन्‍होंने किसी भी परिस्थिति में अपनी पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया।

सफलता ने बार बार झुककर किया सलाम

आलोक को उनकी कड़ी मेहनत का प्रतिफल साल 2016 में उस समय मिला जब उनका चयन आईटीबीपी में असिस्‍टेंट कमांडेंट के पद पर हुआ। इसके बाद साल 2021 में उनका चयन सीबीएससी में असिस्‍टेंट सेक्‍ट्रेटरी के पद पर भी हुआ लेकिन उन्‍होंने इस पद पर ज्‍वाइन नहीं किया। आलोक को विश्‍वास था कि उनका इंतजार देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा कर रही थी। आलोक अपने लक्ष्‍य को पाने के लिए जुट गए। इसका परिणाम 30 मई 2022 को हम सबके सामने आ चुका है।

कभी नहीं ली कोचिंग, सेल्‍फ स्‍टडी से हासिल किया मुकाम

आलोक कुमार ने बताया कि समय के अभाव में उन्‍होंने कभी भी प्रतियोगी परिक्षा के लिए कोचिंग नहीं ली। उन्‍होंने सेल्‍फ स्‍टडी से ही अपने लक्ष्‍य को हासिल किया। आलेक अपनी इस सफलता के लिए अपने परिवार के सहयोग को बहुत हद तक श्रेय देते हैं। आलोक ने अपनी इस सफलता को अपने माता पिता को समर्पित किया है।

युवाओं को संदेश

आलोक कुमार ने कहा कि सभी युवाओं को बड़े सपने देखने चाहिए। सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। युवा कभी भी अपने मन में नकारात्‍मकता का भाव न लाए। सकारात्‍मक रहे, मेहनत करें। कामयाबी अवश्‍य मिलेगी।

आलोक को शुभकामनाएं

Panchayat24.com आलोक कुमार को उनकी इस सफलता के लिए ढेरो बधाई देता है। हमारा मानना है कि आलोक कुमार ने न केवल इस उपलब्धि को हासिल कर अपना और अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि उन्‍होंने पूरे गांव और समाज का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। आलोक कुमार जैसे युवा ही सही मायनों में युवा पीढ़ी के लिए रोल मॉडल होते हैं।

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