धारा 370 के ताबूत में लग गई अंतिम कील : मोदी सरकार के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई अंतिम मुहर
Final nail in the coffin of Article 370: Supreme Court gives final approval to Modi government's decision

Panchayat 24 : केन्द्र सरकार द्वारा जम्मु एवं कश्मीर से धारा-370 को हटाए जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने आज अहम निर्णय सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए जम्मु कश्मीर से धारा-370 हटाए जाने पर अंतिम मुहर लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद अब धारा-370 पूरी तरह से इतिहास का हिस्सा बन गई है। इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों जस्टिस डीवाई चन्द्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने फैसला सुनाया है। इस पूरे प्रकरण पर याचिकाकर्ताओं की ओर से कपिल सिब्बल, गोपाल सुब्रमण्यम, राजीव धवन,दुष्यन्त दवे, गोपाल शंकरनारायणन और जफर शाह ने पैरवी की। वहीं, टॉर्नी जनरल आर वेंकटरमण,सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, हरीश साल्वे, राकेश द्विवेदी और वी गिरी ने केन्द्र सरकार का पक्ष रखा।
दरअसल, 5 अगस्त 2019 को केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने जम्मु एवं कश्मीर से अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया था। इसके साथ ही जम्मु कश्मीर के स्थान पर जम्मु-कश्मीर और लद्दाख के रूप में दो केन्द्र शासित प्रदेशों का गठन किया गया था। सरकार के इस फैसले को लेकर काफी बवाल मचा था। कुछ लोगों ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। बीते अगस्त महीने से सुप्रीम कोर्ट इस मामे पर लगातार सुनवाई कर रहा था। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई को पूरा करते हुए चार साल, चार महीने और छ दिनों में केन्द्र सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए अपना निर्णय सुनाया।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा-30 सितंबर 2024 तक जम्मु एवं कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराए जाएं
सुप्रीम कोर्ट ने धारा-370 को हटाए जाने पर अपने फैसले पर कहा है कि जम्मु एवं कश्मीर में चुनाव के लिए जल्द से जल्द प्रयास किए जाने चाहिए। चीफ जस्टिस डीवाई चन्द्रचूड ने चुनाव आयोग को निर्देश देते हुए कहा कि जम्मु एवं कश्मीर में आगामी 30 सितम्बर 2024 तक चुनाव होने सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जम्मु एवं कश्मीर के राज्य के दर्जे को जल्द बहाल होना चाहिए। बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने हाल ही में सम्पन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की घोषणा करते हुए कहा था कि जम्मु एवं कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराए जाने की सभी तैयारियां कर पूरी है। इस पर फैसला परिस्थितियों को देखकर सही समय पर लिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने पर किसने क्या कहा ?
यह जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में हमारी बहनों और भाइयों के लिए आशा, प्रगति और एकता की एक शानदार घोषणा है। न्यायालय ने, अपने गहन ज्ञान से, एकता के मूल सार को मजबूत किया है जिसे हम, भारतीय होने के नाते, बाकी सब से ऊपर प्रिय मानते हैं और संजोते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा धारा 370 के विषय में दिये गये फ़ैसले का भारतीय जनता पार्टी स्वागत करती है। उच्चतम न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने धारा 370 और 35A को हटाने के लिए दिए गये निर्णय, उसकी प्रक्रिया और उद्देश्य को सही ठहराया है। माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी की सरकार ने जम्मू- कश्मीर को देश की मुख्य विचारधारा में जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया है, इसके लिए मैं और हमारे करोड़ों कार्यकर्ता प्रधानमंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त करते है। जेपी नड्डा, राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा
सुप्रीम कोर्ट ने बहुत बारीकी से हर एक चीज को देखा है। सभी परिस्थितियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट उस नतीजे पर पहुंची है। मैं फैसले का स्वागत करता हूं…मेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रार्थना है कि जल्द से जल्द हमें राज्य का दर्जा दे दें। जरूरी नहीं है कि पहले चुनाव हो फिर राज्य का दर्जा मिले। चुनाव हो तो राज्य के लिए हो, केंद्र शासित प्रदेश के लिए क्यों हों। चुनाव सिंतबर तक कराने की बात कही गई है ये अच्छी बात है। कर्ण सिंह, कांग्रेसी नेता
एक उम्मीद थी क्योंकि कई चीज़ों में हमने कहा था कि जो कोर्ट कहेगा वह आखिरी फैसला होगा… मैं बुनियादी तौर पर कहता हूं कि इसे खत्म करना ग़लत था। इसे करते वक्त जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक पार्टियों से पूछा नहीं गया… हम अदालत के खिलाफ नहीं जा सकते लेकिन इस फैसले से हम, जम्मू-कश्मीर के लोगों को अफसोस है। गुलाम नबी आजाद, अध्यक्ष डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी)
हम इस फैसले से संतुष्ट नहीं है… कश्मीर हमेशा से भारत का एक अटूट हिस्सा रहा है… अब आने वाले दिनों में भाजपा को कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और मुंबई के केंद्र शाषित प्रदेश बनाने से कोई नहीं रोक सकेगा। इसका नुकसान सबसे ज़्यादा डोगरा और लद्दाख के बुद्धिस्ट को होगा। असदुद्दीन ओवैसी, राष्ट्रीय अध्यक्ष एआईएमआईएम
केंद्र को जल्द से जल्द जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराना चाहिए और पूर्ण राज्य का दर्जा भी बहाल करना चाहिए। अधीर रंजन चौधरी, कांग्रेसी सांसद
हिम्मत नहीं हारे, उम्मीद न छोड़े, जम्मू-कश्मीर ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। सुप्रीम कोर्ट का आज का फैसला यह एक मुश्किल पड़ाव है, यह मंजिल नहीं है… हमारे विरोधी चाहते हैं कि हम उम्मीद छोड़कर इस शिकस्त को स्वीकार करें… यह हमारी हार नहीं यह देश के धैर्य की हार है… महबूबा मुफ्ती, पीडीपी अध्यक्ष
निराश हूं लेकिन हताश नहीं हूं। संघर्ष जारी रहेगा। उमर अब्दुल्ला, नेता नेशनल कांफ्रेंस
हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। धारा 370 खत्म करने के समय हमने इसका समर्थन किया था। उम्मीद करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट का जो दूसरा आदेश है कि अगले सितंबर तक वहां चुनाव होने चाहिए, वह जल्द से जल्द हो जाएगा। वहां की जनता है उनको खुली हवा में मतदान करने का अवसर मिलेगा। चुनाव के पहले अगर पीओके भी आ जाता है तो पूरे कश्मीर में चुनाव हो जाएगा और देश का एक हिस्सा बरकरार रहेगा। उद्धव ठाकरे, अध्यक्ष शिवसेना (उद्धव गुट)