स्वच्छता सर्वेक्षण पुरस्कार में उत्तर प्रदेश में नोएडा पहले स्थान पर, ऑल इंडिया रैंकिंंग में फिसला
Noida in Uttar Pradesh stood first in cleanliness survey award, slipped in All India ranking.

Panchayat 24 : भारत सरकार के आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय की ओर से स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के पुरस्कार वितरित किए हैं। यह कार्यक्रम दिल्ली स्थित मंडपम में किया गया। कार्यक्र में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु और आवास एवं शहरी मंत्रालय के केन्द्रीय मंत्री हरदीप पुरी मौजूद रहे। इस बार गौतम बुद्ध नगर की शो विंडो कहे जाने वाले नोएडा ने एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में बेहतर साफ सफाई में पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, नोएडा ऑल इंडिया रैंकिंग में पिछली साल की अपेक्षा फिसल गया है।
नोएडा 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में दूसरे स्थान पर काबिज हुआ है जबकि पिछली बार इसी श्रेणी में नोएडा को पांचवा स्थान मिला था। नोएडा को पिछले साल ऑल इंडिया रैंकिंग में 11वां स्थान प्राप्त हुआ था। इस बार फिसलकर नोएडा 14वें स्थान पर पहुंच गया है। नोएडा को मिले यह अवार्ड नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हरदीप पुरी द्वारा दिया गया।
नोएडा को इन श्रेणियों में किया बेहतर प्रदर्शन
नोएडा ने वाटर प्लस श्रेणी में बेहतर प्रदर्शन किया है। वहीं गार्बेज फ्री सिटी में नोएडा को फाइव स्टार रैटिंग मिली है। इसके अतिरिक्त नोएडा को राज्यवार रैंकिंग में भीपहला स्थान मिलया है। ऑल इंडिया रैंकिंग में नोएडा को 1 से 10 लाख आबादी वाले शहरों में दूसरा स्थान हासिल हुआ है। उत्तर प्रदेश में वाअर प्लस विद फाइव स्टार सार्टिफिकेशन भी नोएडा को प्राप्त हुआ है। यह कारनामा करने वाला नोएडा उत्तर प्रदेश का पहला शहर है। बता दें कि अभी तक ओडीएफ प्लस का सर्टिफिकेट नोएडा के पास था। वाटर प्लस इससे एक ऊपर पायदान की श्रेणी होती है। शौचालय और सीवेज लाइन का नेटवर्क जोड़ने की वजह से वाटर प्लस नोएडा को मिला है। गारबेज फ्री सिटी का पुरस्कार लोगों के घरों से कूड़ा लेना, उसको पृथक-पृथक करना और उसका निस्तारण करने की वजह से मिला है। नोएडा ने स्वच्छता सर्वेक्षण में पहली बार साल 2018 में भाग लिया था।
गाजियाबाद नगर निगम को उत्तर प्रदेश में मिला पहला स्थान
रिपोर्ट के अनुसार स्वच्छ सर्वेक्षण में गाजियाबाद नगर निगम ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। पिछले साल भी नगर निगम प्रदेश में पहले स्थान पर रहा था। देश की रैंकिंग में गाजियाबाद काफी पिछड़ गया है। पिछले साल देश में नगर निगम की 12वीं रैंकिंग थी लेकिन इस साल 38वीं रैंक मिली है।
क्या कहते हैं आकड़े ?
उत्तर प्रदेश के एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में मेरठ 108 वें स्थान पर – नोएडा-14वें, गाजियाबाद 38वें, अलीगढ़ -40 वें, वाराणसी-41वें, लखनऊ-44वें, सहारनपुर-76वें स्थान पर – शामली 114वें, हापुड़ 203वें स्थान, बड़ौत 224वें, बुलंदशहर 225वें स्थान – खुर्जा 220वें और मुजफ्फरनगर 264वें स्थान पर है।
देश में स्वच्छता सर्वेक्षण में इन शहरों का बजा डंका
स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में पूरे देश में मध्यप्रदेश के इंदौर ने लगातार सातवीं बार देश के सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार प्राप्त किया है। इंदौर के साथ सूरत भी संयुक्त रूप से पहले स्थान पर रहा है। वहीं पटना दूसरे स्थान पर है। देश के सबसे स्वच्छ राज्यों की श्रेणी में मध्य प्रदेश ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। तीसरे स्थान पर नवी मुम्बई रहा है।