इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाऊनशिप : यूरोप और यूएसए जैसी कार्य संस्कृति का होगा अनुभव, टाऊनशिप भूखंड के लिए दरें निर्धारित, जल्द लांच होगी स्क्रीम
Integrated Industrial Township: Experience of work culture like Europe and USA, rates fixed for township plots, scheme will be launched soon

Panchayat 24 : दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर के अंतर्गत देश की सबसे स्मार्ट टाउनशिप में से एक इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में रहने का सपना अब जल्द पूरा हो सकेगा। आईआईटीजीएनएल की ग्रुप हाउसिंग भूखंड योजना अब जल्द लांच हो सकेगी। आईआईटीजीएनएल की सोमवार को संपन्न बोर्ड बैठक में 2024-25 की भू आवंटन की दरें तय हो हो चुकी हैं एवं अब स्कीम लांच करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओरसे इस टाऊनिशप को देश की सबसे स्मार्ट टाऊनशिप की संज्ञा दी जा रही है। इस बोर्ड बैठक में आईआईटीजीएनएल के प्रबंध निदेशक एनजी रवि कुमार, निदेशक प्रेरणा सिंह, श्रीलक्ष्मी वी एस, एनआईसीडीसी के प्रबंध निदेशक रजत कुमार सैनी, कंपनी सेक्रेटरी पतंजलि दीक्षित समेत अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, आईटीजीएनएल की तरफ से बिल्डर भूखंडों की स्कीम लांच करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन ई-ऑक्शन के लिए रिजर्व प्राइस तय न होने के कारण रुकी हुई थी। आईटीजीएनएल की बोर्ड बैठक सोमवार को संपन्न हुई, जिसमें रेट पर मुहर लग गई। इस टाउनशिप में 44,400 रुपये प्रति वर्ग मीटर रिजर्व प्राइस तय किया गया है। इसके साथ ही अब यह स्कीम भी शीघ्र लांच होने जा रही है। देश की सबसे स्मार्ट टाउनशिप होने के चलते यहां पर पहले से ही एनसीआर एवं देश के कई बड़े बिल्डर यहां पर ग्रुप हाउसिंग में निवेश करने की इच्छा जता चुके हैं। ऐसे में आईआईटीजीएनएल में ग्रुप हाउसिंग के ऑक्शन की स्कीम में बड़ी संख्या के बिल्डरों के भाग लेने की संभावना है।
वॉक विद साईकिल की अवधारणा को साकार करेगी इंटीग्रेटिड टाऊनशिप
बता दें कि इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप को डीएमआईसी और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के संयुक्त उपक्रम इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा लिमिटेड (आईआईटीजीएनएल) के द्वारा करीब 750 एकड़ में विकसित किया जा रहा है। इस टाउनशिप में एक दर्जन बड़ी कंपनियां अपना प्लांट लगा रही हैं। हायर इलेक्ट्रॉनिक्स, फॉर्मी मोबाइल, सत्कृति इंफोटेनमेंट, चेनफेंग (एलईडी कंपनी) और जे वर्ल्ड इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियां भी इसी टाउनशिप में चल रही हैं। दरअसल, इस टाऊनशिप को यूपरोप और यूएसए की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यहां पर कोई भी ऐसा उद्यम नहीं होगा जिससे प्रदूषण पैदा होता हो। अर्थात यह शून्य कार्बन उत्सर्जन होगा। एक ही टाऊनशिप के अंदर आवास, वाणिज्यिक और औद्योगिक इकाई होने के कारण लोगों के घर और व्यवसायिक प्रतिष्ठान, कार्यलय और संस्थान के बीच की दूरी बहुत कम होगी। यहां लोग पैदल अथवा साईकिल से घर से कार्यालय और कार्यालय से घर आसानी से आ जा सकेंगे। यहां एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए लोगों को कार की आवश्यकता महसूस नहीं होगी।
चार भूखंडों पर बसेगी इंडस्ट्रियल टाऊनशिप
आईआईटीजीएनएल के निदेशक प्रेरणा सिंह ने बताया कि 4 ग्रुप हाउसिंग भूखंडों में से एक भूखंड 34500 वर्ग मीटर, दूसरा भूखंड 54400 वर्ग मीटर और तीसरा भूखंड 70000 वर्ग मीटर और चौथा भूखंड 94000 वर्ग मीटर एरिया का है। रिजर्व प्राइस के आधार पर इन चारों भूखंडों की कुल कीमत लगभग 1123 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। अर्थात यह चारों भूखंड रिजर्व प्राइस पर भी बिकते हैं तो आईआईटीजीएनएल को 1123 करोड रुपए प्राप्त होंगे। साथ ही लोगों को आईआईटीजीएनल की स्मार्ट टाउनशिप में रहने का सपना भी पूरा हो सकेगा।
ऑनलाइन होगा भूखंडों का ऑक्शन
इन भूखंडों का आवंटन ऑनलाइन ऑक्शन के जरिए होगा। जो आवेदक सबसे अधिक बोली लगाएगा, उसे ही ये भूखंड आवंटित किए जाएंगे। स्कीम में पंजीकरण, आवेदन, फीस डिपॉजिट और ई-ऑक्शन की सुविधा ऑनलाइन ही होगी। इसके साथ ही बता दें कि आईआईटीजीएनएल बोर्ड ने 2024-25 के लिए उद्योगों, वाणिज्यिक संपत्तियों की दरें भी तय कर दी हैं। औद्योगिक भूखंडों की दर 23900 रुपये प्रति वर्ग मीटर और वाणिज्यिक भूखंडों की दर 75400 रुपये प्रति वर्ग मीटर होगी।