दिल्ली कूच पर अड़े रहे किसान, पुलिस और प्रशासन रहे तैयार, जाम से लोग रहे परेशान, एक सप्ताह तक टला दिल्ली कूच
Farmers remained adamant on marching to Delhi, police and administration remained ready, people were troubled by the jam, Delhi march postponed for a week

Panchayat 24 : किसान मांगों को लेकर ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण से शुरू हुआ किसान संगठनों का सांकेतिक धरना प्रदर्शन यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण पर धरना प्रदर्शन के बाद असफल वार्ता के बाद किसानों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली के लिए कूच कर दिया। एक्सप्रेए-वे के रास्ते हजारों किसान संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले महामाया फ्लाई ओवर के पास एकत्रित हुए। यहां से किसानों से दिल्ली कूच शुरू कर दिया। किसानों के दिल्ली कूच की घोषणा के बाद पुलिस एवं प्रशासन ने भी पूरी तैयारियां कर रखी थी। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए भारी बंदोबस्त किया हुआ था। किसानों और पुलिस के बीच काफी देर तक जद्दोजहद चली रही। किसानों ने बैरिकेटिंग को तोड़कर आगे बढ़ने ने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें अधिक आगे नहीं बढ़ने दिया। बाद में किसान सेक्टर-95 के पास सड़क पर बैठ गए। यहां किसानों और पुलिस तथा प्राधिकरणों के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। किसानों संगठनों ने एक दलित प्रेरणा स्थल पर डेरा डाल दिया है। यदि आश्वासन के जल्द ही किसानों की मांगें नहीं मानी गई तो किसान दिल्ली कूच करेंगे।
क्या है पूरा मामला ?
किसानों की प्रमुख मांगें –
- किसानों को 10 प्रतिशत विकसित भूखंड दिए जाएं।
- किसानों को 64.7 प्रतिशत बढ़ा हुआ अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए।
- किसानों को नए भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार बाजार दर का 4 गुना मुआवजा और 20 प्रतिशत विकसित भूखंड दिया जाए।
- भूमिधर, भूमिहीन किसानों के सभी बच्चों को रोजगार तथा पुनर्वास के सभी लाभ दिए जाएं।
- किसान आबादियों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
दरअसल, गौतम बुद्ध नगर में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण सहित अन्य सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा किए गए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसान अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करते रहे हैं। बीते 25 नवंबर को किसानों ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण पर तीन-तीन दिनों का धरना प्रदर्शन किया था। बीते 1 नवंबर को किसानों और प्राधिकरणों तथा पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ किसानों की वार्ता विफल हो गई थी। इसके बाद किसानों ने दिल्ली कूच की पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को दिल्ली कूच शुरू कर दिया था।
पुलिस, प्रशासन और प्राधिकरणों के अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया है कि मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी से किसानों की वार्ता कर उनकी मांगों और सस्याओं का समाधान कराया जाएगा। प्राधिकरणों एवं प्रशासन ने किसानों के साथ पूर्व में भी धोखा किया है। किसानों की मांगों को पूरा करने के लिए हाई पावर कमेटी का गठन जरूर किया लेकिन उनकी कई मांगों पर नेगेटिव रिपोर्ट शासन को भेज दी। इससे पता चलता है कि प्राधिकरणों की नीयत किसानों की मांगों को पूरा करने की नहीं है। संयुक्त किसान मोर्चा ने दलित प्रेरणा स्थल में डेरा डाल दिया है। यदि जल्द ही किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो किसान दिल्ली कूच करेंगे। 6 दिसंबर को दिल्ली के लिए पंजाब से भी किसान अपनी मांगों को लेकर कूच कर रहे हैं। ऐसे में संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में राष्ट्रीय स्तर पर किसानों की मांगों को लेकर रणनीति बनाई जाएगी।
——- सुनील फौजी, जय जवान जय किसान ( संयुक्त किसान मोर्चा)
घंंटों बंद रहा एक्सप्रेस-वे, कई किमी लंबा लगा जाम
किसानों के दिल्ली कूच के लिए किसानों ने महामाया फ्लाई ओवर के नीचे लगभग 12 बजे जुटना शुरू हो गए थे। जैसे जैसे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर किसानों की भीड़ जुटने लगी, एक्सप्रेस-वे पर वैसे वैसे जाम की स्थिति बनने लगी। हालात को देखते हुए ट्रेफिक पुलिस ने लीगभग साढ़े तीन घंटों तक एक्स्प्रेस-वे को बंद कर दिया। ट्रेफिक को अन्य मार्गों पर डयवर्ट कर दिया गया। ट्रेफिक को सेक्टर-94 स्थित चरखा गोलचक्कर से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को कालंदी कुंज मार्ग की डायवर्ट कर दिया गया। महामाया फ्लाईओवर के सेक्टर-38 की ओर आने वाले लूप को खोल दिया गया।
किसान अपनी मांगों को लेकर आर पार की लड़ाई की तैयारी कर चुके हैं। किसानों से नोएडा में पुलिस, प्रशासन और प्राधिकरणों के अधिकारियों ने वार्ता की। जल्द से जल्द मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी से वार्ता कर किसानों की मांगों मांगों और समस्याओं के निस्तारण की बात कही है। किसानों को दिल्ली जाने का कोई शौक नहीं है। यदि किसानों की मांगों को वास्तविक रूप में प्रशासन और शासन हल करना चाहता है तो इस दिशा में पहल करें। कूटनीतिक चाल न चलें। पूर्व में भी प्राधिकरणों, प्रशासन और शासन के अधिकारियों ने किसानों के साथ कूटनीतिक छल किया है। हाई पावर कमेटी बनाकर किसानों को आश्वस्त किया गया कि उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा। बाद में प्राधिकरण अपनी बातों से मुकर गए। यदि किसानों की मांगों को नहीं माना गया तो किसान दिल्ली कूच कर संसद भवन का घेराव करेंगे। हालांकि देश के अन्य किसानों की अपेक्षा पश्चिम उत्तर प्रदेश, विशेषकर गौतम बुद्ध नगर के किसानों की मांगे अलग तरह की हैं। ऐसे में हम पंजाब एवं अन्य राज्यों के किसानों को अपना नैतिक समर्थन देंगे। लेकिन अपनी मांगों को मुखरता से उठाएंगे।
——— रूपेश वर्मा, भारतीय किसान सभा ( संयुक्त किसान मोर्चा)
कई रास्तों पर पुलिस ने एहतियातन बैरिकेटिंग पूर्व में ही कर दी गई थी। चिल्ला और डीएनडी बॉर्डर से आकर ग्रेटर नोएडा की तरफ जाने वाला ट्रैफिक भी रोक कर शहर की तरफ फिल्म सिटी फ्लाईओवर के समानांतर व उद्योग मार्ग से मोड़ दिया गया। महामाया से डीएनडी, चिल्ला बॉर्डर व नोएडा आने वाले ग्रेटर नोएडा की तरफ से आने वाले वाहनों व कालिंदीकुंज से आने वाले वाहनों के लिए रास्ता बंद रहा। इस वजह से एक्सप्रेस-वे पर वाहनों का दबाव बढ़ा करीब 3 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। इस बीच ट्रेफिक में कई एम्बुलेंस भी फंस गई। वहीं, एक्सप्रेस-वे सहित कई मार्गों पर पुलिस द्वारा ट्रेफिक रोके जाने और बेरिकेटिंग किए जाने के कारण नोएडा शहर के आन्तरिक सड़क मार्गो पर ट्रेफिक व्यवस्था पर भारी दबाव रहा जिससे लोग जाम में फंसे रहे।