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महाराष्‍ट्र सरकार पर संकट : महाविकास अघड़ी सरकार के मंत्री एकनाथ शिंदे 25 विधायकों के साथ गायब

Crisis on Maharashtra government: Eknath Shinde, minister of Mahavikas Aghadi government, missing along with 25 MLAs

Panchayat24 : महाराष्‍ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार के सामने परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सरकार के अस्तित्‍व पर एक बार फिर संकट के बाद मंडराने लगे हैा। शिवसेना के कद्दावर नेता और सरकार के मंत्री एकनाथ शिंदे ने बगावती तेवर अपना लिए हैं। इतना ही नहीं वह लगभग 25 विधायकों के साथ गायब हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एकनाथ शिंदे मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे का भी फोन नहीं उठ रहे हैं। इतना ही नहीं गयाब हुए विधायकों में से किसी का भी फोन नहीं लग रहा है। इन विधायकों में 15 विधायक शिवसेना के और 10 अन्‍य बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे और उनके समर्थक सरकार से नाराज चल रहे हैं। हालांकि शिवसेना लगातार इस बात से इंकार कर रही है। वहीं, राज्‍य में इस स्थिति के बाद भाजपा भी सक्रिय हो गई है। गृहमंत्री अमित शाह के पार्टी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है।

मीडिया रिपोर्ट की माने तो एकनाथ शिंदे और और उनके समर्थक विधायक गुजरात के सूरत में एक होटल में ठहरे हुए हैं। माना जा रहा है कि महाराष्‍ट्र में कोई बड़ी राजनीतिक उठक पठक होने जा रही है। यदि एकनाथ शिंदे गुट सरकार से बाहर जाते हैं तो महाराष्‍ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार अल्‍पमत में आ जाएगी। हालांकि शिवसेना नेता संजय राउत का कहना है कि एकनाथ शिंदे से उनकी बात हो गई है। वह कहीं नहीं जा रहे हैं। कुछ विधायकों को बहकाया जरूर जा रहा है। इनसे अभी हमारा संपर्क नहीं हो सका है। फिर भी हमारा विश्‍वास है कि शिवसेना का हर विधायक हमारे साथ है और हर संकट में वह पार्टी के साथ रहे हैं।

महाराष्‍ट्र सरकार पर आए संकट के बाद एक बार फिर शरद पवार संकट मोचन की स्थिति में आ गए हैं। उन्‍होंने सभी विधायकों की बैठक बुलाई है। वहीं सरकार की दूसरी सहयोगी पार्टी कांग्रेस ने अपने विधायकों को दिल्‍ली बुलाया है।

कौन कौन से विधायक है जो शिवसेना को दे सकते हैं झटका

मीडिया सूत्रों के अनुसार शिवसेना के 15 विधायक सूरज होटल में ठहरे हुए हैं। इनमें शाहजी बापू पाटिल, महेश शिंदे, भरत गोगावाले, महेन्‍द्र दलवी, महेश थोरवे, विश्वनाथ भोईर, संजय राठौर, संदीपान भ्‍ज्ञुमरे, उदयसिंह राजपूत, संजय शिरसाठ, रमेश बोरणारे, प्रदीप जयसवाल, अब्‍दुल सत्‍तार और तानाजी सावंत के नाम शामिल हैं।

स्थिति शिवसेना के हाथ से फिसली, तो गिर जाएगी महाविकास अघाड़ी सरकार

हालांकि शिवसेना नेतृत्‍व स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। शिवसेना ने सभी विधायकों को एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में कौन कौन विधायक पहुंचता है, और कौन नहीं पहुंचता है, इससे स्थितिस स्‍पष्‍ट हो जाएगी। यदि बागी विधायक शिवसेना का साथ छोड़े है तो महाराष्‍ट्र सरकार का गिरना तय है।

कांग्रेस पर भी संकट

यदि शिवसेना के विधायक पार्टी छोड़ते हैं तो ऐसे में कांग्रेस पार्टी के लिए स्थिति चिंतनीय हो जाएगी। कांग्रेस के भी विधायक पार्टी छोड़कर नया दाव चल सकते हैं।

विधान परिषद चुनाव के बाद बिगड़ी समीकरण  

महाराष्‍ट्र में 10 विधान परिषद सीटों के सोमवार को परिणाम सामने आए। इनमें  5 सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। जबकि 2-2 सीट पर शिवसेना-एनसीपी और एक सीट पर कांग्रेस की झोली में गई। चुनाव में महाविकास अघाड़ी के कई विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी, जिसके बाद से ही सियासी सुगबुगाहट शुरू हो गई थी।

अगर विधायक बागी हुए, तो गिर जाएगी महाराष्ट्र सरकार?
महाराष्ट्र में अगर शिवसेना के 15 विधायक बागी हुए, तो सरकार गिर सकती है। दरअसल, राज्य में उद्धव सरकार के पास 153 विधायकों का समर्थन है। सरकार बनाने के लिए 144 विधायक चाहिए, क्योंकि 1 सीट अभी खाली है। अगर, शिवसेना में फूट होती है, तो कांग्रेस के भी कुछ विधायक पाला बदल सकते हैं।

एनसीपी और कांग्रेस की बेसाकी पर टिकी है उद्धव सरकार 

साल 2019 के नवम्‍बर के महीने में महाराष्‍ट्र में काफी खीचतान के बाद एनसीपी और कांग्रेस के सहयोग से उद्धव ठाकरे राज्‍य के मुख्‍यमंत्री बने थे। इसके बाद से जहां मुख्‍य विपक्षी दल भाजपा उन पर लगातार हमले कर रहा है, वहीं समय समय पर उनके ऊपर एनसीपी और कांग्रेस विधायकों और मंत्रियों द्वारा भी परेशानियां खड़ी जाती रही हैं। साल 2003 के बाद उद्धव ने शिवसेना की कार्यकारी अध्‍यक्ष की कमान थामी थी। बालासाहेब के निधन के बाद 2013 में उन्‍होंने पूरी तरह शिवसेना की कमान अपने हाथ में ले ली।

एनसीपी और कांग्रेस के स्‍थान पर भाजपा से गठबंधन के पक्षधर हैं बागी विधायक

मीडिया रिपोर्ट की माने तो बागी विधायक शिवसेना अध्‍यक्ष उद्धव ठाकरे से बातचीत कर सकते हैं। माना जा रहा है कि बागी विधायकों का गुट कांग्रेस और एनसीपी से सम्‍बन्‍ध तोड़कर भाजपा से गठबंधन करने की बात कह सकते हैं। बता दें कि 31 महीने पहले महाराष्ट्र में जब उद्धव ठाकरे ने सरकार बनाई थी। तब शिवसेना-NCP गठबंधन के पास 153 विधायक थे और भाजपा के पास 106 विधायक। विधानसभा 288 विधायकों की है। यानी सरकार के लिए 144 विधायक चाहिए। मौजूदा हालात में शिवसेना-NCP और कांग्रेस के पास 153 विधायक बचते हैं। यदि 25 से 30 विधायक सरकार से अलग होते हैं तो सरकार गिर जाएगी।

 

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