सूरजपुर की दुर्दशा को लेकर भाजपा के कार्यकर्ता ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को लिखा पत्र, खून से किए हस्ताक्षर
BJP worker wrote a letter to National President JP Nadda regarding the plight of Surajpur, signed it with blood

Panchayat 24 : ग्रेटर नोएडा के केन्द्र में स्थित सूरजपुर कस्बे की दुर्दशा को लेकर भाजपा के कार्यकर्ता ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखा है। पत्र में कस्बे की हालत को बयान करते हुए लोगों का दर्द बयां किया है। भाजपा कार्यकर्ता ने कस्बे की समस्याओं से निजात दिलने के लिए पार्टी अध्यक्ष से आग्रह किया है। पार्टी अध्यक्ष को भेजे गए इस पत्र पर भाजपा कार्यकर्ता ने अपने खून से हस्ताक्षर किए हैं।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, सूरजपुर कस्बा स्थित दरोगा कॉलोनी निवासी विशाल कुमार ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को एक पत्र लिखा है। विशाल का कहना है कि वह बाल्यकाल से ही संघ का स्वयंसेवक है। साल 2022 में मेरठ की कैंट विधानसभा में विस्तारक था। उनका कहना है कि ग्रेटर नोएडा की पहचान देश भर में तेजी से होते विकास के लिए होती है। लेकिन ग्रेटर नोएडा के आंचल में बसा हुआ सूरजपुर कस्बा, जिसकी आबादी लगभग दो लाख है, विकास की इस हवा से अछूता है। गौतम बुद्ध नगर जिले का हर महत्वपूर्ण कार्यालय यहीं पर स्थित हैं। इसके बावजूद यहां चारों ओर अव्यवस्था एवं गंदगी भरपूर है। कस्बे की हर गली गंदगी से लबालब है।
विशाल कुमार ने पत्र में लिखा है कि ग्राम पंचायत समाप्त होने के बाद क्षेत्र में विधायक स्तर से निचले स्तर के काम कराने में लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पार्टी का सच्चा सिपाही होने के नाते जब में कस्बे के लोगों के बीच भाजपा के विकसित भारत के को दोहराता हूं तो लोग मुझे कस्बे की गंदगी को दिखाते हुए तरह तरह के सवाल पूछते हैं। लोग हमें उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने से पूर्व किए गए वायदों को याद दिलाते हैं। लोग कहते हैं कि आपने तो 90 दिन में कस्बे के कायाकल्प का दावा किया था, अब तो लगभग सात साल बीत चुके हैं। सूरजपुर के हालात अभी तक जस के तस हैं।
पत्र के साथ कस्बे में अव्यवस्था एवं गंदगी और कीचड़ से भरे रास्तों की तस्वीरें भी संलग्न की गई है। विशाल कुमार ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मांग की है कि सूरजपुर कस्बे के सभी रास्तों एवं गलियों कन निर्माण कराकर गंदगी से लोगोंं को निजात दिलाई जाए। कस्बे की आबादी के हिसाब से यहां नगरपालिका अथवा नगर निगम का गठन किया जाए। कस्बे में एक सरकारी अस्पताल, खेल का मैदान और सरकारी डिग्री कॉलेज की स्थापना भी की जाए।